कोरोनाः हरियाणा कैबिनेट का फैसला, खाकी राशन कार्ड वालों को मुफ्त राशन, बनेंगे 467 नए शिविर
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हरियाणा सरकार ने कैबिनेट बैठक में अनेक अहम फैसले लिए हैं। प्रदेश में कोरोना संकट के दौरान सरकार बीपीएल परिवारों के साथ ही खाकी राशन कार्डधारकों (ओपीएच-अन्य प्राथमिकता परिवार) को भी मुफ्त राशन देगी। गुलाबी व पीले कार्ड धारकों को पहले ही मुफ्त राशन दिया जा रहा है। अब सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर खाकी राशन कार्डधारकों को भी अप्रैल माह का राशन मुफ्त उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है।
तीनों श्रेणियों के 27 लाख से अधिक लाभार्थी लाभान्वित होंगे। इस पर 48 करोड़ रुपये खर्च आएगा। सभी परिवारों को 5 अप्रैल तक राशन वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्रिमंडल बैठक में कोरोना के मद्देनजर हर पहलू पर चर्चा की गई। मजदूरों का पलायन रोकने के लिए हर जिले के डीसी को एक-एक करोड़ रुपये देने पर मुहर लगाई गई।
यह राशि डीसी को दी जा चुकी है, जिसकी मंजूरी मंत्रिमंडल से ली गई। मंत्रिमंडल ने एक सुर में कहा कि मजदूरों को हर सुविधा मुहैया कराएं। बाहरी मजदूर प्रदेश के उद्योग एवं कृषि की रीड की हड्डी हैं। उनको पर्याप्त खाना और सुविधाएं देंगे। इसके अलावा सहमति बनी कि जिन इलाकों में अभी मजदूरों को खाना नहीं पहुंच पाया है, वहां पर रोडवेज की बसें सीटें हटाकर मोबाइल मार्केट के तौर पर उपयोग में लाई जाएंगी। सभी ग्राम पंचायतों को भी सैनिटाइज कराया जाएगा। जिन पंचायतों का बजट नहीं है, उन्हें 20 हजार रुपये देंगे।
बैठक में उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा उपस्थित थीं। शिक्षा मंत्री कंवर पाल, ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ओम प्रकाश यादव तथा खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने दिल्ली की घटना पर कहा कि यह हीरो बनने का वक्त नहीं है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर घर पर ही लोग रहें।
इन बिंदुओं पर भी हुई चर्चा
- प्रदेश में काफी पंचायतों ने खुद गांव में सैनिटाइजेशन करवाया है। यह एक सराहनीय काम है।
- एक हजार के करीब हरियाणा में ऐसी पंचायतें हैं जिनका कोई बजट नहीं है।
- ऐसे गांवों में इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के साथ मिलकर सैनिटाइजेशन करवाया जाएगा।
- सरकार मजदूरों को मूलभूत चीजों की सुविधा बनाकर रखेगी। मजदूर प्रदेश की धरोहर हैं।
- मजदूरों के खाते में वेतन जाएगा। उद्यमियों को निर्देश दिए गए।
मजदूरों, बेघरों के लिए 467 शिविर बनाए: सीएम
उन्हें पर्याप्त भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। जिन गरीब या प्रवासी मजदूरों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें पैक्ड राशन वितरित किया जा रहा है ताकि लॉकडाउन अवधि के दौरान उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खास तौर पर शहरों में झुग्गियों में रहने वाले गरीबों को भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2020 को सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों को सेवा विस्तार प्रदान करने के लिए छह विभागों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। अब तक लगभग 60,000 वॉलंटियर्स ने इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है, जिसमें 800 डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ और राहत शिविरों में भोजन वितरण के काम में लगे अन्य लोग शामिल हैं। संबंधित जिला प्रशासन इन वॉलंटियर्स को जरूरत के आधार पर काम सौंपेगा और उन्हें पास भी जारी करेगा।