{"_id":"66873c440220708135081574","slug":"controversy-over-short-listing-formula-from-examination-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-460850-2024-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रुप सी की भर्ती : परीक्षा से शाॅर्ट लिस्टिंग फार्मूले पर विवाद, अभ्यर्थी जता रहे आपत्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रुप सी की भर्ती : परीक्षा से शाॅर्ट लिस्टिंग फार्मूले पर विवाद, अभ्यर्थी जता रहे आपत्ति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा नए सिरे से की जा रही ग्रुप सी की भर्ती से पहले फिर विवाद शुरू हो गया है। अभ्यर्थी आयोग के शाॅर्ट लिस्टिंग के फार्मूले पर आपत्ति जता रहे हैं, लेकिन आयोग अभ्यर्थियों की बात सुनने को तैयार नहीं है। आरोप है कि आयोग समान शैक्षणिक योग्यता के लिए अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग अंकों के बजाय पदों के हिसाब से करने की योजना बना रहा है। अभ्यर्थियों का दावा है कि इस फार्मूले को पहले हाईकोर्ट खारिज कर चुका है।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ग्रुप सी के 15,755 पदों पर भर्ती के लिए पदों को विज्ञापित कर चुका है। पहले यह भर्ती 12,310 पदों पर होनी थी। इसके बाद इसमें 2 हजार पद और शामिल कर इसे 15 हजार 755 कर दिया गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया में विवाद की वजह आयोग की श्रेणी या समूह हैं। आयोग सिविल सर्विस की तरह सीधे परीक्षा लेकर एक समान मेरिट नहीं निकाल रहा। इसकी जगह कैंडिडेट्स को आवेदन करते वक्त विभागों के लिहाज से बनाई श्रेणी और समूहों को भी चुनने के लिए कह रहा है। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता समान है। अगर किसी अभ्यर्थी के अंक ज्यादा हैं,, लेकिन कम पद की वजह से उसकी पसंद वाली श्रेणी या समूह में वह शॉर्टलिस्ट होने से रह गए। दूसरी श्रेणी या समूह को उन्होंने पसंद के रूप में नहीं भरा, लेकिन वहां पसंद भरने वाले शॉर्टलिस्ट हुए उम्मीदवार से उनके नंबर ज्यादा हैं तो उन्हें सरकारी नौकरी के लिए मौका नहीं मिल पाएगा। उधर, इस बारे में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
विज्ञापन
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ग्रुप सी के 15,755 पदों पर भर्ती के लिए पदों को विज्ञापित कर चुका है। पहले यह भर्ती 12,310 पदों पर होनी थी। इसके बाद इसमें 2 हजार पद और शामिल कर इसे 15 हजार 755 कर दिया गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया में विवाद की वजह आयोग की श्रेणी या समूह हैं। आयोग सिविल सर्विस की तरह सीधे परीक्षा लेकर एक समान मेरिट नहीं निकाल रहा। इसकी जगह कैंडिडेट्स को आवेदन करते वक्त विभागों के लिहाज से बनाई श्रेणी और समूहों को भी चुनने के लिए कह रहा है। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता समान है। अगर किसी अभ्यर्थी के अंक ज्यादा हैं,, लेकिन कम पद की वजह से उसकी पसंद वाली श्रेणी या समूह में वह शॉर्टलिस्ट होने से रह गए। दूसरी श्रेणी या समूह को उन्होंने पसंद के रूप में नहीं भरा, लेकिन वहां पसंद भरने वाले शॉर्टलिस्ट हुए उम्मीदवार से उनके नंबर ज्यादा हैं तो उन्हें सरकारी नौकरी के लिए मौका नहीं मिल पाएगा। उधर, इस बारे में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
विज्ञापन