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डेरा सच्चा सौदा पर विवाद गहराया, अकाल तख्त ने जारी किया कड़ा फरमान
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Mon, 06 Feb 2017 07:17 PM IST
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अकाल तख्त पर पेश हुए मंत्री सिकंदर सिंह मलूका
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डेरा सच्चा सौदा फिर विवाद में आ गया है। पंथ गलियारे में शिअद-भाजपा को डेरा सच्चा सौदा से मिला समर्थन अब दोनों पार्टियों के लिए बवाल खड़ा कर दिया है। श्री अकाल तख्त साहिब ने डेरा सच्चा सौदा से वोट मांगने वाले सिख नेताओं की पहचान करके उनकी रिपोर्ट शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से तलब की है।
उधर, एसजीपीसी ने भी तीन सदस्यों वाली टीम को जांच रिपोर्ट बनाने के लिए नियुक्त कर दिया है। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से हुक्मनामा जारी हुआ था कि डेरा मुखी व डेरे के साथ सिख कौम कोई संबंध न रखे। शिअद-भाजपा के तरफ से डेरा मुखी से समर्थन मांगने (वोट मांगने) कौन-कौन सिख नेता गया इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब फैसला सुनाया जाएगा।
ज्ञानी गुरबचन सिंह ने साफ किया कि श्री अकाल तख्त साहिब से जारी फरमान सिख पंथ के लिए सर्वोपरि है, फरमान का उल्लंघन करने वालों को पंथ से निष्काशित भी किया जा सकता है। ऐसे में जो भी रिपोर्ट मिलेगी, उस पर फैसला श्री अकाल तख्त साहिब से होगा।
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उधर, एसजीपीसी ने भी तीन सदस्यों वाली टीम को जांच रिपोर्ट बनाने के लिए नियुक्त कर दिया है। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से हुक्मनामा जारी हुआ था कि डेरा मुखी व डेरे के साथ सिख कौम कोई संबंध न रखे। शिअद-भाजपा के तरफ से डेरा मुखी से समर्थन मांगने (वोट मांगने) कौन-कौन सिख नेता गया इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब फैसला सुनाया जाएगा।
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ज्ञानी गुरबचन सिंह ने साफ किया कि श्री अकाल तख्त साहिब से जारी फरमान सिख पंथ के लिए सर्वोपरि है, फरमान का उल्लंघन करने वालों को पंथ से निष्काशित भी किया जा सकता है। ऐसे में जो भी रिपोर्ट मिलेगी, उस पर फैसला श्री अकाल तख्त साहिब से होगा।
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ज्ञानी गुरबचन सिंह ने मामले को दिया तूल
डेरा सच्चा सौदा
कुल मिलाकर डेरा सच्चा सौदा का समर्थन मिलने के बाद मतदान भी हो चुका है और अब ज्ञानी गुरबचन सिंह ने इस मामले को तूल दे दिया है। ज्ञानी गुरबचन सिंह मीडिया ने यह बात का जवाब नहीं दिया कि हुक्मनामा उसी दिन जारी हो सकता था, जिस दिन डेरा सच्चा सौदा से समर्थन की बात आई थी। आखिर मतदान के बाद ही क्यों डेरा सच्चा सौदा याद आया।
भाजपा पर दांव खेल सकती है शिअद
डेरा सच्चा सौदा मामले में श्री अकाल तख्त साहिब से वोट मांगने वाले सिख नेताओं की पहचान के आदेश कितने प्रभावी रहते हैं यह समय बताएगा, लेकिन शिअद राज्य भर में पंथ राजनीति में खुद को मजबूत बनाए रखने के लिए डेरा सच्चा सौदा से समर्थन की बात पर भाजपा को आगे कर सकती है। शिअद डेरा सच्चा सौदा से खुद का कनेक्शन हटा कर भाजपा पर दांव खेल सकती है।
भाजपा पर दांव खेल सकती है शिअद
डेरा सच्चा सौदा मामले में श्री अकाल तख्त साहिब से वोट मांगने वाले सिख नेताओं की पहचान के आदेश कितने प्रभावी रहते हैं यह समय बताएगा, लेकिन शिअद राज्य भर में पंथ राजनीति में खुद को मजबूत बनाए रखने के लिए डेरा सच्चा सौदा से समर्थन की बात पर भाजपा को आगे कर सकती है। शिअद डेरा सच्चा सौदा से खुद का कनेक्शन हटा कर भाजपा पर दांव खेल सकती है।