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विवादित पतंजलि का नूडल्स चंडीगढ़ के बाजार में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 20 Nov 2015 12:38 AM IST
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एक के बाद एक विवाद के बाद बाबा रामदेव की पतंजलि आटा नूडल्स चंडीगढ़ के बाजार में पहुंच गई है। यह नूडल्स खास तौर पर पतंजलि के स्टोर पर उपलब्ध है। बाबा रामदेव ने हाल ही में आटा नूडल्स लॉन्च किया था।
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उसके बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से बयान आया है कि बाबा रामदेव ने नूडल्स के लिए स्वीकृति नहीं ली है। हालांकि विशेषज्ञ बताते हैं कि एफएसएसएआई आटा नूडल्स पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। क्योंकि डिपार्टमेंट की एक नोटिफिकेशन के मुताबिक फूड बिजनेस ऑपरेटर, फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के लिए फरवरी 2016 तक छूट दी गई है। इसलिए तब तक प्रोडक्ट पर कार्रवाई नहीं हो सकती है।
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दूसरी बात यह है कि इस तरह के प्रोडक्ट पहले से ही बाजार में हैं। इसलिए इसे नए प्रोडक्ट की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इतना जरूर है कि पतंजलि का यह नया प्रोडक्ट है। इसलिए फरवरी 2016 तक इस संबंध में नूडल्स का लाइसेंस लेना पड़ेगा।
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दूसरी तरफ लोकल अफसरों का कहना है कि अब तक एफएसएसएआई की ओर से इस संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं आई है। चंडीगढ़ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि एफएसएसएआई का हेड ऑफिस इस बारे में विचार कर रहा है कि क्या कार्रवाई होनी चाहिए। संभव है कि शुक्रवार को कुछ आदेश आ जाएं। मार्केट और डिस्ट्रीब्यूटर इस पर नजर बनाए हैं। चंडीगढ़ के लगभग सभी पतंजलि स्टोर में आटा नूडल्स उपलब्ध हैं। एक पैकेट की कीमत 15 रुपये है।
बांबे हाईकोर्ट रद्द कर चुका है प्रोडक्ट अप्रूवल सिस्टम
दरअसल इसी साल एक ड्रग कंपनी ने एफएसएसएआई के प्रोडक्ट अप्रवूल सिस्टम को चुनौती दी थी। बांबे हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद प्रोडक्ट अप्रूवल को रद्द कर दिया था। उसके बाद एफएसएसएआई सुप्रीमकोर्ट गई थी। सुप्रीमकोर्ट ने भी बांबे हाईकोर्ट के फैसले को सही माना था।
प्रोडक्ट अप्रूवल के तहत जब भी कोई कंपनी नया प्रोडक्ट लांच करती थी तो एफएसएसएआई की एक कमेटी उसकी जांच करती थी।
याचिका में यही मांग की गई थी कि जब उसी तरह के प्रोडक्ट पहले से बाजार में मौजूद हैं तो उसकी अप्रूवल लेने की क्या जरूरत है, बल्कि उसकी सेफ्टी की जांच करनी चाहिए। ऐसे में जब प्रोडक्ट अप्रूवल सिस्टम नहीं है तो किसी भी फूड ऑपरेट को एफएसएसएआई से स्वीकृति लेने की जरूरत नहीं है।