{"_id":"5d43c22f8ebc3e6cf35fa768","slug":"controversy-on-aiims-in-manehthi-of-haryana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एम्स विवाद: अब संघर्ष समिति ने बदला रुख, कहा- व्यक्ति विशेष को अस्पताल का श्रेय देना बड़ी भूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एम्स विवाद: अब संघर्ष समिति ने बदला रुख, कहा- व्यक्ति विशेष को अस्पताल का श्रेय देना बड़ी भूल
Fri, 02 Aug 2019 10:25 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खोल (रेवाड़ी)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खोल (रेवाड़ी)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 02 Aug 2019 10:25 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में रेवाड़ी जिले के मनेठी में एम्स के निर्माण के संबंध में चल रहा विवाद धीरे-धीरे सियासी होता जा रहा है। एफएसी की नामंजूरी के बाद मचे घमासान के बाद वीरवार को एम्स संघर्ष समिति ने अपना रुख बदल लिया है। समिति का कहना है कि एम्स की घोषणा के समय व्यक्ति विशेष को श्रेय देकर समिति ने भूल कर दी है। मनेठी एम्स की स्वीकृति सांसद के प्रयासों से ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हो पाई थी।
समिति को उम्मीद है कि उन्हीं के प्रयासों से ही इसका शिलान्यास होगा। साथ ही चार अगस्त को जेल भरो आंदोलन के लिए जनसंपर्क तेज कर दिया गया है। गांव मनेठी में बनने वाले एम्स के निर्माण को एफएसी की नामंजूरी के बाद से ग्रामीणों में गुस्सा है। स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह के बयान के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन करने का निर्णय लिया। राव ने अपने बयान में कहा था कि एम्स निर्माण मनेठी में नहीं, तो जिले में ही बनेगा, लेकिन प्रयास मनेठी के लिए ही है।
इसके बाद समिति के सदस्यों ने उपायुक्त से लेकर प्रदेश के वन मंत्री राव नरबीर से मुलाकात की है। संघर्ष समिति द्वारा पंचायत के बाद चार अगस्त को महापंचायत के बाद जेल भरो आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान उपायुक्त यशेंद्र सिंह द्वारा अतिरिक्त उपायुक्त के नेतृत्व में एफएसी की आपत्तियों को दूर करने के लिए एक समिति का भी गठन कर दिया है। साथ ही एम्स संघर्ष समिति ने चार अगस्त को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन के लिए जनसंपर्क अभियान को तेज कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
समिति को उम्मीद है कि उन्हीं के प्रयासों से ही इसका शिलान्यास होगा। साथ ही चार अगस्त को जेल भरो आंदोलन के लिए जनसंपर्क तेज कर दिया गया है। गांव मनेठी में बनने वाले एम्स के निर्माण को एफएसी की नामंजूरी के बाद से ग्रामीणों में गुस्सा है। स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह के बयान के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन करने का निर्णय लिया। राव ने अपने बयान में कहा था कि एम्स निर्माण मनेठी में नहीं, तो जिले में ही बनेगा, लेकिन प्रयास मनेठी के लिए ही है।
विज्ञापन
इसके बाद समिति के सदस्यों ने उपायुक्त से लेकर प्रदेश के वन मंत्री राव नरबीर से मुलाकात की है। संघर्ष समिति द्वारा पंचायत के बाद चार अगस्त को महापंचायत के बाद जेल भरो आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान उपायुक्त यशेंद्र सिंह द्वारा अतिरिक्त उपायुक्त के नेतृत्व में एफएसी की आपत्तियों को दूर करने के लिए एक समिति का भी गठन कर दिया है। साथ ही एम्स संघर्ष समिति ने चार अगस्त को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन के लिए जनसंपर्क अभियान को तेज कर दिया है।
विज्ञापन
वर्ष 2015 में की गई थी घोषणा
बावल में आयोजित जनसभा में सीएम मनोहर लाल ने मनेठी गांव में एम्स बनाए जाने की घोषणा की थी। उस समय ग्रामीण काफी उत्साहित थे। ग्राम पंचायत ने करीब 200 एकड़ जमीन देने की भी घोषणा की थी।
2018 में सीएम ने कहा कि दबाव में कराई थी घोषणा
जिले के मसानी बैराज पर बनने वाली झील के सुंदरीकरण का शुभारंभ करने आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पत्रकारों से कहा था कि बावल जनसभा में उनसे अति उत्साह में घोषणा कराई गई थी, जबकि एम्स को अभी तक कोई स्वीकृति नहीं दी गई है। सीएम के इस बयान के बाद जिले में एम्स की स्वीकृति के लिए आंदोलन का दौर शुरू हो गया था।
सीएम और पीएम ने नहीं किया इनकार
समिति के सदस्यों का कहना है कि एम्स निर्माण की नामंजूरी को एक बार भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से इनकार नहीं किया गया है। ऐसे में ग्रामीणों को उम्मीद है कि मनेठी में एम्स के निर्माण में कोई अड़चन नहीं आएगी। उनका मानना है कि कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए अड़ंगा लगाया है।
2018 में सीएम ने कहा कि दबाव में कराई थी घोषणा
जिले के मसानी बैराज पर बनने वाली झील के सुंदरीकरण का शुभारंभ करने आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पत्रकारों से कहा था कि बावल जनसभा में उनसे अति उत्साह में घोषणा कराई गई थी, जबकि एम्स को अभी तक कोई स्वीकृति नहीं दी गई है। सीएम के इस बयान के बाद जिले में एम्स की स्वीकृति के लिए आंदोलन का दौर शुरू हो गया था।
सीएम और पीएम ने नहीं किया इनकार
समिति के सदस्यों का कहना है कि एम्स निर्माण की नामंजूरी को एक बार भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से इनकार नहीं किया गया है। ऐसे में ग्रामीणों को उम्मीद है कि मनेठी में एम्स के निर्माण में कोई अड़चन नहीं आएगी। उनका मानना है कि कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए अड़ंगा लगाया है।
एक व्यक्ति को श्रेय देकर की भूल : समिति
अंतरिम बजट में एम्स की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री का दूत बनकर आए स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने कहा था कि यह सब उनके ही प्रयासों से संभव हो पाया है, लेकिन संघर्ष समिति के सदस्यों ने भूलवश एक व्यक्ति को ही इसका श्रेय दे दिया, जबकि एम्स की स्वीकृति मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की देन थी।
- श्योताज सिंह, अध्यक्ष एम्स संघर्ष समिति
सामूहिक प्रयास से आते हैं इतने बड़े प्रोजेक्ट : राव
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मनेठी एम्स निर्माण पर कहा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट सामूहिक प्रयासों से ही आते हैं। बावल की रैली में जन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने मांग रखी थी। मैंने सीएम से कहा था कि प्रत्येक प्रदेश में एक एम्स का निर्माण किया जाना है, ऐसे में मनेठी में एम्स निर्माण हो सकता है। इसके बाद सीएम ने घोषणा की थी। बाद में बाढ़सा में एम्स होने की अड़चन आई। इसके लिए मैंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर कहा कि बाढ़सा में एम्स की ब्रांच है। इसके बाद सभी के प्रयासों से पीएम ने इसकी घोषणा कुरुक्षेत्र में की। अब भी मनेठी में ही एम्स निर्माण संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।
- श्योताज सिंह, अध्यक्ष एम्स संघर्ष समिति
सामूहिक प्रयास से आते हैं इतने बड़े प्रोजेक्ट : राव
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मनेठी एम्स निर्माण पर कहा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट सामूहिक प्रयासों से ही आते हैं। बावल की रैली में जन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने मांग रखी थी। मैंने सीएम से कहा था कि प्रत्येक प्रदेश में एक एम्स का निर्माण किया जाना है, ऐसे में मनेठी में एम्स निर्माण हो सकता है। इसके बाद सीएम ने घोषणा की थी। बाद में बाढ़सा में एम्स होने की अड़चन आई। इसके लिए मैंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर कहा कि बाढ़सा में एम्स की ब्रांच है। इसके बाद सभी के प्रयासों से पीएम ने इसकी घोषणा कुरुक्षेत्र में की। अब भी मनेठी में ही एम्स निर्माण संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।