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चंडीगढ़ में भाजपा और अकाली दल में घमासान
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 20 Jan 2014 05:01 PM IST
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लोकसभा चुनाव के पहले चंडीगढ़ में अकाली दल और भाजपा में घमासान होने के आसार बन गए हैं। चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल के नगर निगम में दो पार्षद हैं।
अब तक के लोकसभा चुनाव में तीन बार भाजपा की जीत हुई है और अन्य चुनाव में भाजपा हारी है। इसी को ध्यान में रखकर अकाली दल ने अपने पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल को पत्र लिखकर चंडीगढ़ से उम्मीदवार उतारने की मांग की है। यह मांग पूर्व एसजीपीसी सदस्य और अकाली दल नेता गुरप्रताप सिंह रियाड़ ने तीन महीने पहले लिखी है।
लेकिन अभी तक जवाब भी नहीं आया है। रियाड़ पत्र के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। एक सप्ताह का और इंतजार के बाद दोबारा रिमाइंडर भेजेंगे। इस मुददा को लेकर स्थानीय भाजपा और अकाली में अंदरखाते ठन गई है। रियाड़ का कहना है कि भाजपा को यहां से अकाली दल को समर्थन करनी चाहिए।
अकाली पार्षद मलकीत का भी कहना है कि बार-बार भाजपा के हारने के बाद भाजपा को चाहिए कि वे अपने गठबंधन के साथी अकाली दल के लिए छोड़ देना चाहिए।
हलांकि, भाजपा प्रदेश महासचिव प्रेम कौशिक का कहना है कि लोकसभा चुनाव के लिए कौन कहां से चुनाव लड़ेगा वह पार्टी की केंद्रीय कमेटी और पार्लियामेंटरी बोर्ड तय करती है।
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अकाली दल का अपना अंदरूनी मामला है। भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ से चुनाव लड़ेगी। चंडीगढ़ में अकाली दल से बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता हैं। चंडीगढ़ सीट पर चुनाव लड़ने का भाजपा का हक है। यह हक हमसे कोई छीन नहीं सकता।
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अब तक के लोकसभा चुनाव में तीन बार भाजपा की जीत हुई है और अन्य चुनाव में भाजपा हारी है। इसी को ध्यान में रखकर अकाली दल ने अपने पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल को पत्र लिखकर चंडीगढ़ से उम्मीदवार उतारने की मांग की है। यह मांग पूर्व एसजीपीसी सदस्य और अकाली दल नेता गुरप्रताप सिंह रियाड़ ने तीन महीने पहले लिखी है।
लेकिन अभी तक जवाब भी नहीं आया है। रियाड़ पत्र के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। एक सप्ताह का और इंतजार के बाद दोबारा रिमाइंडर भेजेंगे। इस मुददा को लेकर स्थानीय भाजपा और अकाली में अंदरखाते ठन गई है। रियाड़ का कहना है कि भाजपा को यहां से अकाली दल को समर्थन करनी चाहिए।
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अकाली पार्षद मलकीत का भी कहना है कि बार-बार भाजपा के हारने के बाद भाजपा को चाहिए कि वे अपने गठबंधन के साथी अकाली दल के लिए छोड़ देना चाहिए।
हलांकि, भाजपा प्रदेश महासचिव प्रेम कौशिक का कहना है कि लोकसभा चुनाव के लिए कौन कहां से चुनाव लड़ेगा वह पार्टी की केंद्रीय कमेटी और पार्लियामेंटरी बोर्ड तय करती है।
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अकाली दल का अपना अंदरूनी मामला है। भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ से चुनाव लड़ेगी। चंडीगढ़ में अकाली दल से बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता हैं। चंडीगढ़ सीट पर चुनाव लड़ने का भाजपा का हक है। यह हक हमसे कोई छीन नहीं सकता।