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Chandigarh News: टेंडर के दौरान ठेकेदारों का नहीं चलेगा एकाधिकार

Wed, 27 Nov 2024 08:28 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2024 08:28 PM IST
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Contractors will not have monopoly during tender.
निकाय मंत्री विपुल गोयल ने विभागीय अधिकारियों को दिए आदेश
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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने जिला नगर आयुक्त, नगर परिषद के चेयरमैन के साथ की बैठक
चंडीगढ़। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि विकास परियोजनाओं के कार्य में निर्माण सामग्री गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। टेंडर के दौरान ठेकेदारों का एकाधिकार नहीं चलने दिया जाएगा। मोल-भाव के माध्यम से पारदर्शी और स्पष्ट तरीके से कार्य आवंटित किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने स्थानीय निकायों में कर्मचारियों की कमी पर सभी नगर परिषदों और नगर पालिकाओं की आवश्यकता पर रिपोर्ट मांगी है। अफसरों को इसकी रिपोर्ट मुख्यालय में भेजनी होगी, ताकि पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
विपुल गोयल बुधवार को नगर परिषद नरवाना, जींद, मंडी डबवाली, थानेसर व रतिया में आवंटित होने वाली निविदाओं के संबंध में बुलाई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी, जींद, सिरसा व कुरुक्षेत्र के जिला नगर आयुक्त और उक्त नगर परिषदों के चेयरमैन भी उपस्थित रहे। बैठक में जिन विकास कार्यों के लिए हरियाणा रेट्स को निर्धारित किया गया, उनमें नगर परिषद जींद में दिल्ली-फिरोजपुर रेलवे लाइन के पास वर्तमान में डंप किए हुए कचरे का उठान, मंडी डबवाली में रामबाग के पीछे की साइड डंप लिगेसी वेस्ट का जैविक उपचार, एकलव्य स्टेडियम, जींद में सिंथेटिक ट्रेक बिछाना, नगर परिषद नरवाना में पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं अध्ययन केंद्र का निर्माण व नगर पालिका रतिया में नियमित नई कॉलोनियों में इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉकिंग के साथ सड़कों और गलियों के रेट्स निर्धारित किए गए।
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एक महीने में जांच के आदेश दिए

बैठक के दौरान जींद नगर परिषद में टेंडर आवंटन में तकनीकी विंग की ओर से अनावश्यक विलंब के संबंध में उठाई गई मांग पर मंत्री ने जिला नगर आयुक्त को एक महीने के अंदर-अंदर जांच के आदेश दिए और कहा, यह ध्यान में रखा जाए कि जिस एजेंसी को कार्य आवंटित किया जा रहा है उस एजेंसी के पिछले कार्य के रिकार्ड को भी देखा जाए कि उसके कार्य गुणवत्ता मानदंडों के अनुरूप है या नहीं। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया एक महीने के अंदर-अंदर पूरी होनी चाहिए।
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