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फैक्ट्रियों में खत्म होगी ठेकेदारी प्रथा, कंपनी से सीधे जुड़ पाएंगे कर्मचारी
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चंडीगढ़। अब फैक्ट्रियों में ठेकेदारी प्रथा खत्म होगी। कंपनी से सीधे कर्मचारी जुड़ पाएंगे। चंडीगढ़ श्रम विभाग ने इंडस्ट्रियल एम्प्लॉयमेंट एक्ट (1946) में हुए बदलाव कर निश्चित अवधि रोजगार योजना को लागू कर दिया है। इससे नए रोजगार पाने वाले कर्मचारियों और नौकरी देने वाले उद्यमियों दोनों को लाभ मिलेगा। उद्यमी इस योजना के तहत कर्मचारी को निश्चित अवधि के लिए भी नौकरी पर रख पाएंगे।
बता दें कि आए दिन कर्मचारियों के शोषण किए जाने की शिकायतें श्रम विभाग को मिलती रहती थीं। इसी कारण ठेकेदार और उद्यमी संचालक के हजारों वाद श्रम विभाग में दर्ज हैं, जिस पर प्रतिदिन सुनवाई की जाती है। कर्मचारी और उद्यमी का शोषण न हो इसके लिए चंडीगढ़ श्रम विभाग ने इंडस्ट्रियल एम्प्लॉयमेंट एक्ट में किए गए बदलाव को लागू कर निश्चित अवधि रोजगार योजना लागू कर दी है। इसका सीधा फायदा उद्यमी और कर्मचारी को होगा। पहले उद्यमी श्रम कानून की कई जिम्मेदारियों से बचने के लिए आउटसोर्स (ठेकेदार) के जरिए कर्मचारियों को रखते थे, जिससे आए दिन तनख्वाह और अन्य मामलों को लेकर कर्मचारियों के शोषण की शिकायतें मिलती थीं। योजना के तहत ग्रेच्युटी की समय सीमा समाप्त होने के बाद उद्यमी कर्मचारियों को सीधे निश्चित अवधि के लिए रख सकेंगे। इससे आउटसोर्स की व्यवस्था समाप्त होगी। इस योजना का लाभ नए रोजगार सृजन किए जाने पर ही लागू होगा।
कोट
सभी पहलुओं पर काम करने के बाद ही यूटी में निश्चित अवधि रोजगार योजना लागू की गई है। इस योजना से उद्यमी और कर्मचारियों को लाभ प्राप्त होगा। उद्यमियों और व्यापारियों को भी योजना की जानकारी देने के लिए श्रम विभाग जल्द ही बैठकों का आयोजन करेगा।
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-वरुण बेनीवाल, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर, यूटी
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बता दें कि आए दिन कर्मचारियों के शोषण किए जाने की शिकायतें श्रम विभाग को मिलती रहती थीं। इसी कारण ठेकेदार और उद्यमी संचालक के हजारों वाद श्रम विभाग में दर्ज हैं, जिस पर प्रतिदिन सुनवाई की जाती है। कर्मचारी और उद्यमी का शोषण न हो इसके लिए चंडीगढ़ श्रम विभाग ने इंडस्ट्रियल एम्प्लॉयमेंट एक्ट में किए गए बदलाव को लागू कर निश्चित अवधि रोजगार योजना लागू कर दी है। इसका सीधा फायदा उद्यमी और कर्मचारी को होगा। पहले उद्यमी श्रम कानून की कई जिम्मेदारियों से बचने के लिए आउटसोर्स (ठेकेदार) के जरिए कर्मचारियों को रखते थे, जिससे आए दिन तनख्वाह और अन्य मामलों को लेकर कर्मचारियों के शोषण की शिकायतें मिलती थीं। योजना के तहत ग्रेच्युटी की समय सीमा समाप्त होने के बाद उद्यमी कर्मचारियों को सीधे निश्चित अवधि के लिए रख सकेंगे। इससे आउटसोर्स की व्यवस्था समाप्त होगी। इस योजना का लाभ नए रोजगार सृजन किए जाने पर ही लागू होगा।
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सभी पहलुओं पर काम करने के बाद ही यूटी में निश्चित अवधि रोजगार योजना लागू की गई है। इस योजना से उद्यमी और कर्मचारियों को लाभ प्राप्त होगा। उद्यमियों और व्यापारियों को भी योजना की जानकारी देने के लिए श्रम विभाग जल्द ही बैठकों का आयोजन करेगा।
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-वरुण बेनीवाल, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर, यूटी