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Chandigarh News: पीजीआई में अनुबंधकर्मी नहीं कर सकेंगे हड़ताल, यूनियन प्रधान की एंट्री पर भी रोक

Sat, 10 Aug 2024 07:33 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2024 07:33 AM IST
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Contract workers will not be able to go on strike in PGI
चंडीगढ़। पीजीआई के अनुबंधकर्मियों की विभिन्न यूनियन को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हड़ताल पर रोक लगा दी है। इसके साथ यूनियन प्रधान के पीजीआई में प्रवेश पर अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया है। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन और केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि हड़ताल न होने के आदेश का पालन हो और पीजीआई की दैनिक गतिविधियां किसी भी स्थिति में प्रभावित न होने दी जाएं। वहीं, कर्मचारियों की मांगों पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाए। पीजीआई चंडीगढ़ ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि केंद्र सरकार ने 12 दिसंबर, 2014 को आदेश जारी कर अनुबंध कर्मियों की व्यवस्था को समाप्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद पीजीआई पर इसे लागू करने का आदेश जारी हुआ लेकिन संस्थान को इस मामले में अंतरिम तौर पर मोहलत मिल गई थी। इसके बाद से लगातार अनुबंध कर्मचारी सेवा नियमित करने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले पीजीआई के कर्मचारियों ने हड़ताल की घोषणा की थी, तब हाईकोर्ट ने हड़ताल के आदेश पर रोक लगाते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि यूनियन पीजीआई की व्यवस्था में बाधा नहीं बनेगी। अब पीजीआई चंडीगढ़ ने हाईकोर्ट को बताया कि सफाई कर्मचारी, सिक्योरिटी गार्ड, अस्पताल अटेंडेंट व इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन व उनकी जॉइंट एक्शन कमेटी ने हड़ताल का निर्णय लिया था और परिसर में नारेबाजी आरंभ कर दी थी। पीजीआई के दखल के बाद 21 जनवरी को संस्थान व कर्मियों की बैठक हुई थी और इसके बाद 29 जनवरी को दोबारा बैठक हुई, जिसमें कर्मियों ने अपनी मांगों को दोहराया। अब 8 अगस्त को कर्मचारियों हड़ताल पर चले जाने से ओपीडी बुरी तरह से प्रभावित रही। हाईकोर्ट ने कहा कि हम कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिएं। कर्मचारी यूनियन की हड़ताल पर हाईकोर्ट रोक लगा चुका है। अब यह चंडीगढ़ प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हमारे आदेश का किसी भी प्रकार से उल्लंघन न हो और पीजीआई का दैनिक कार्य किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। पीजीआई में रोजाना हजारों लोग इलाज के लिए आते हैं और उन्हें इससे महरूम नहीं किया जा सकता।
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