{"_id":"660cc64be6d2a383fb04d5f7","slug":"contract-workers-strike-in-chandigarh-pgi-2024-04-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: पीजीआई में हड़ताल पर गए कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स, ओपीडी से लेकर वार्ड तक में व्यवस्था ध्वस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: पीजीआई में हड़ताल पर गए कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स, ओपीडी से लेकर वार्ड तक में व्यवस्था ध्वस्त
Wed, 03 Apr 2024 01:55 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 03 Apr 2024 01:55 PM IST
सार
पीजीआई में अनुबंध पर लगे हजारों कर्मचारियों की लड़ाई लड़ रही ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कुछ नेताओं को पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में ले लिया था। इसी के विरोध में यूनियन ने हड़ताल की है।
विज्ञापन
ओपीडी में परेशान होते लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई के कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स ने बुधवार को हड़ताल कर दी। हड़ताल से ओपीडी से लेकर वार्ड तक में व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। मंगलवार को यूनियन के पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। कर्मचारियों ने उसी के विरोध में हड़ताल शुरू की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक अनुबंध पर लगे हजारों कर्मचारियों की समान काम-समान वेतन सहित अन्य कई मांगों को लेकर पीजीआई प्रशासन के साथ पिछले लंबे समय से आर-पार की लड़ाई चल रही है। मांगों को लेकर पीजीआई प्रशासन और कर्मचारियों की मांगों को लेकर लड़ाई लड़ने वाली ज्वाइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों के बीच कई बार बैठकें भी हुई। लेकिन मांगों पर आज तक कोई गौर नहीं किया गया।
20 जनवरी को पीजीआई में अनुबंध के जरिए नौकरी पर लगे करीब 4 हजार कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। उस समय पीजीआई प्रशासन व ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बीच हुई चार दौर की वार्ता के दौरान निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कर्मचारियों की मांगों को पूर करने के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए थे। साथ ही आश्वासन दिया था कि वह जल्द से जल्द कर्मियों की मांगों को पूरा करवाने का प्रयास करेंगे।
पुतला जलाने के लिए पहले ही दे दिया था नोटिस
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन अश्विनी कुमार मुंजाल ने बताया कि 20 जनवरी को पीजीआई निदेशक ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन उसके बाद से लेकर आज तक भी उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण एक्शन कमेटी द्वारा कर्मचारियों के साथ मीटिंग करके 2 अप्रैल को पीजीआई निदेशक का उनके कार्यालय के समक्ष पुतला फूंकने के लिए योजना तैयार की गई थी और इस संबंध में नोटिस भी जारी कर दिया गया था।
पुतला जलाने से पहले ही हिरासत में लिए नेता
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन व अन्य नेताओं सहित कर्मचारी पीजीआई निदेशक का पुतला जलाने के लिए मंगलवार को गेट पर पहुंचे। लेकिन यहां पर पहले से ही काफी संख्या में पुलिस जवान तैनात थे। पुलिस ने यूनियन नेताओं को प्रदर्शन करने से पहले ही एक-एक करके हिरासत में लेना शुरू कर दिया और सभी सेक्टर-11 पुलिस थाने में ले जाया गया। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए नेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई।
20 जनवरी को पीजीआई में अनुबंध के जरिए नौकरी पर लगे करीब 4 हजार कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। उस समय पीजीआई प्रशासन व ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बीच हुई चार दौर की वार्ता के दौरान निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कर्मचारियों की मांगों को पूर करने के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए थे। साथ ही आश्वासन दिया था कि वह जल्द से जल्द कर्मियों की मांगों को पूरा करवाने का प्रयास करेंगे।
पुतला जलाने के लिए पहले ही दे दिया था नोटिस
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन अश्विनी कुमार मुंजाल ने बताया कि 20 जनवरी को पीजीआई निदेशक ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन उसके बाद से लेकर आज तक भी उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण एक्शन कमेटी द्वारा कर्मचारियों के साथ मीटिंग करके 2 अप्रैल को पीजीआई निदेशक का उनके कार्यालय के समक्ष पुतला फूंकने के लिए योजना तैयार की गई थी और इस संबंध में नोटिस भी जारी कर दिया गया था।
पुतला जलाने से पहले ही हिरासत में लिए नेता
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन व अन्य नेताओं सहित कर्मचारी पीजीआई निदेशक का पुतला जलाने के लिए मंगलवार को गेट पर पहुंचे। लेकिन यहां पर पहले से ही काफी संख्या में पुलिस जवान तैनात थे। पुलिस ने यूनियन नेताओं को प्रदर्शन करने से पहले ही एक-एक करके हिरासत में लेना शुरू कर दिया और सभी सेक्टर-11 पुलिस थाने में ले जाया गया। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए नेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई।