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Hindi News ›   Chandigarh ›   Continuous blasts for illegal mining in Tawadu of Mewat goes unheard by Concerned department

DSP Murder: अफसर सुनकर भी अनसुने न करते अवैध खनन के लिए हो रहे धमाके... तो शहीद न होते डीएसपी

Thu, 21 Jul 2022 09:40 AM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 21 Jul 2022 09:40 AM IST
सार

डंपरों को अरावली के पहाड़ में छिपाकर निर्माण सामग्री से भरा जाता था। दूर से ये वाहन दिखते ही नहीं थे। खनन और वन विभाग कार्रवाई का दबाव बढ़ने पर डेढ़ से दो लाख रुपये का चालान और वाहन जब्त करने की कार्रवाई तक सीमित हैं।

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Continuous blasts for illegal mining in Tawadu of Mewat goes unheard by Concerned department
नूंह में डीएसपी की हत्या। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

मेवात के तावड़ू में अवैध खनन के लिए लगातार हो रहे धमाकों को अफसरों ने सुनकर भी अनसुना कर दिया। पहाड़ तोड़ने के लिए लगातार हो रही ब्लास्टिंग के बावजूद संबंधित विभाग नींद से नहीं जागे। मूकदर्शक बनने के बजाय खनन और वन विभाग के अफसरों ने खनन माफिया पर शिकंजा कसा होता, तो डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई शहीद न होते।

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अरावली क्षेत्र में वैसे तो सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी के निर्देशों पर खनन बंद है, लेकिन खनन माफिया के लिए यह कभी नहीं रुका। जिस स्थान पर यह दर्दनाक हादसा हुआ है, उसके आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि खनन माफिया की गांवों में दहशत है। कोई मुंह नहीं खोलता। बड़ी चट्टानों को तोड़ने के लिए बारूद से धमाके किए जाते हैं, लेकिन अफसरों की नींद नहीं टूटी। तावड़ू से अवैध खनन सामग्री भरी गाड़ियां सोहना, गुरुग्राम होते हुए अनेक क्षेत्रों में जाती रहीं।
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अवैध खनन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे सामाजिक कार्यकर्ता राकेश दलाल ने कहा कि वह बुधवार को तावड़ू में घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ब्लास्टिंग होने के साथ ही यह भी बताया कि डंपरों को अरावली के पहाड़ में छिपाकर निर्माण सामग्री से भरा जाता था। दूर से ये वाहन दिखते ही नहीं थे। खनन और वन विभाग कार्रवाई का दबाव बढ़ने पर डेढ़ से दो लाख रुपये का चालान और वाहन जब्त करने की कार्रवाई तक सीमित हैं। जिस क्षेत्र में खनन बंद है, वहां पर नाममात्र की बैरिकेडिंग की हुई है। होमगार्ड जवानों को अवैध खनन रोकने के लिए तैनात किया हुआ है, जिनके पास न तो आधुनिक हथियार हैं और न ही कार्रवाई करने का कोई अधिकार। माफिया के गुर्गे इन्हें धमकियां देकर ड्यूटी स्थल से भगा देते हैं।

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माफिया नहीं, इन्हें चोर कहें : मूलचंद

भूगर्भ एवं खान मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि गैर खनन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए फुलप्रूफ योजना बना रहे हैं। पचास, सौ एकड़ में खनन करने वालों को माफिया कह सकते हैं, ये तो चोर हैं। मेवात में इस तरह के अनेक लोग सक्रिय हैं। ये वन क्षेत्र से खोदी गई निर्माण सामग्री को वाहनों में भरकर ले जाते हैं। कई लोगों पर मुकदमे दर्ज किए हैं, डंपर सीज हैं। भविष्य में खनन विभाग और कड़े कदम उठाएगा। हरियाणा में महेंद्रगढ़, दादरी व भिवानी में ही खनन क्षेत्र है, या फिर यमुना की रेत है। अरावली क्षेत्र में ही अवैध गतिविधियां ज्यादा हैं। 

एसपी के नेतृत्व में दस सदस्यीय एसआईटी जांच में जुटी

खान मंत्री मूलचंद ने कहा कि तावड़ू घटना को लेकर एसपी मेवात की अध्यक्षता में दस सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। यह पूरे मामले की तह तक जाएगी। अवैध खनन करने वालों के पीछे कौन है, उसे भी ढूंढा जाएगा। खनन बंद होने के बावजूद कैसे डंपर भरकर निकाले जाते रहे, उसके लिए कौन जिम्मेदार है, यह भी जांच रिपोर्ट में सामने आ जाएगा।

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