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उपभोक्ताओं के सवाल, फोरम के जवाब
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Dec 2013 11:19 AM IST
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प्रश्न- एक माह पहले मैंने एक वाशिंग मशीन खरीदी। इस वाशिंग मशीन में कई गड़बड़ियां थीं। कंपनी के टेक्नीशियन ने इस मशीन को ठीक करने की कोशिश की लेकिन वह इस खराबी को दूर नहीं कर सके। मशीन न तो ठीक हुई और न ही बदली गई। क्या मुझे इस मामले में उपभोक्ता फोरम से राहत मिल सकती है?
- रवि खन्ना, पंचकूला
उत्तर- हां, आपको निश्चित रूप से उपभोक्ता फोरम से राहत मिल सकती है। फोरम में जाने के पहले आपको कंपनी में शिकायत करनी चाहिए और यदि कंपनी से आपको कोई रिस्पांस नहीं मिलता है तो आप कंज्यूमर फोरम में जा सकते हैं।
यह बात आपको ध्यान रखनी होगी कि जो डॉक्यूमेंट आपके पास वाशिंग मशीन से संबंधित हों, वे साथ रखें। आपके जैसे ही एक मामले में कंज्यूमर फोरम ने लोकल कमिश्नर अप्वाइंट किया था जिसने कंज्यूमर की शिकायत की जांच की और पाया कि यह मशीन खराब थी और वारंटी में थी। दूसरी पार्टी को आदेश दे दिया गया कि मशीन को बदल दें।
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प्रश्न- मैंने एक सुपरफास्ट ट्रेन का टिकट लिया। यह ट्रेन काफी देरी से पहुंची। रेलवे अथॉरिटी ने इसका कोई कारण नहीं बताया। क्या मैं रेलवे के खिलाफ कंज्यूमर फोरम में जा सकता हूं?
शुभांकर, मोहाली
उत्तर- यदि ट्रेन काफी देरी से पहुंची और इसमें देरी की वजह आपको रेलवे अथॉरिटी ने नहीं बताई तो यह सेवा में कमी को दर्शाता है। ऐसे मामले कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के सेक्शन 2 (1) (जी) के अंतर्गत आते हैं। सुपरफास्ट ट्रेन से ट्रेवल करने वालेे यात्रियों से रेलवे ज्यादा पैसे लेता है।
प्रश्न- कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के अंतर्गत कोई भी मामला दो साल के भीतर होना चाहिए। क्या होगा यदि मामले को दो साल से ज्यादा हो गए हैं। मेरे मामले में मैं मैन्युफैक्चरर से पत्राचार और जवाब-तलब करता रहा। जब फोरम में इस मामले में सवाल जवाब होंगे तो मैं क्या जवाब दूंगा?
अमर ज्योति, चंडीगढ़
उत्तर- यह सही है कि कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के अंतर्गत आपको दो साल के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करवानी आवश्यक है। यह तिथि उस दिन से शुरू होती है जिस दिन से मामला शुरू होता है।
कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 सेक्शन 24 ए के तहत ऐसा है। कंज्यूमर फोरम के पास मामले को सुनने या शिकायत दर्ज करने की पावर है।
आपके मामले में आपको राहत इसलिए मिल सकती है कि आप मैन्युफैक्चरर से काफी समय तक सवाल जवाब करते रहे। जब मैन्युफैक्चरर ने आपकी नहीं सुनी तो आप कंज्यूमर फोरम में जाने का विचार कर रहे हैं। कंज्यूमर फोरम में आप अपनी बात को उसी प्रकार से रखें, जैसा कि आपके साथ हुआ।
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- रवि खन्ना, पंचकूला
उत्तर- हां, आपको निश्चित रूप से उपभोक्ता फोरम से राहत मिल सकती है। फोरम में जाने के पहले आपको कंपनी में शिकायत करनी चाहिए और यदि कंपनी से आपको कोई रिस्पांस नहीं मिलता है तो आप कंज्यूमर फोरम में जा सकते हैं।
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यह बात आपको ध्यान रखनी होगी कि जो डॉक्यूमेंट आपके पास वाशिंग मशीन से संबंधित हों, वे साथ रखें। आपके जैसे ही एक मामले में कंज्यूमर फोरम ने लोकल कमिश्नर अप्वाइंट किया था जिसने कंज्यूमर की शिकायत की जांच की और पाया कि यह मशीन खराब थी और वारंटी में थी। दूसरी पार्टी को आदेश दे दिया गया कि मशीन को बदल दें।
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प्रश्न- मैंने एक सुपरफास्ट ट्रेन का टिकट लिया। यह ट्रेन काफी देरी से पहुंची। रेलवे अथॉरिटी ने इसका कोई कारण नहीं बताया। क्या मैं रेलवे के खिलाफ कंज्यूमर फोरम में जा सकता हूं?
शुभांकर, मोहाली
उत्तर- यदि ट्रेन काफी देरी से पहुंची और इसमें देरी की वजह आपको रेलवे अथॉरिटी ने नहीं बताई तो यह सेवा में कमी को दर्शाता है। ऐसे मामले कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के सेक्शन 2 (1) (जी) के अंतर्गत आते हैं। सुपरफास्ट ट्रेन से ट्रेवल करने वालेे यात्रियों से रेलवे ज्यादा पैसे लेता है।
प्रश्न- कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के अंतर्गत कोई भी मामला दो साल के भीतर होना चाहिए। क्या होगा यदि मामले को दो साल से ज्यादा हो गए हैं। मेरे मामले में मैं मैन्युफैक्चरर से पत्राचार और जवाब-तलब करता रहा। जब फोरम में इस मामले में सवाल जवाब होंगे तो मैं क्या जवाब दूंगा?
अमर ज्योति, चंडीगढ़
उत्तर- यह सही है कि कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के अंतर्गत आपको दो साल के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करवानी आवश्यक है। यह तिथि उस दिन से शुरू होती है जिस दिन से मामला शुरू होता है।
कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 सेक्शन 24 ए के तहत ऐसा है। कंज्यूमर फोरम के पास मामले को सुनने या शिकायत दर्ज करने की पावर है।
आपके मामले में आपको राहत इसलिए मिल सकती है कि आप मैन्युफैक्चरर से काफी समय तक सवाल जवाब करते रहे। जब मैन्युफैक्चरर ने आपकी नहीं सुनी तो आप कंज्यूमर फोरम में जाने का विचार कर रहे हैं। कंज्यूमर फोरम में आप अपनी बात को उसी प्रकार से रखें, जैसा कि आपके साथ हुआ।