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हरियाणा में गलत बिजली बिल की सबसे ज्यादा शिकायतें आई, अब अपना दायरा बढ़ाएगा फोरम
Wed, 15 Jul 2020 12:01 PM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 15 Jul 2020 12:01 PM IST
सार
- उपभोक्ताओं की बिजली संबंधित समस्याओं को लेकर गंभीर हुआ आयोग
- आमजन को जागरूक बनाएगा उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम
- एचईआरसी फोरम की त्रैमासिक कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगा
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बिजली का बिल
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विस्तार
हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर हरियाणा बिजली वितरण निगम के साथ-साथ हरियाणा बिजली विनियामक आयोग भी पूरी तरह गंभीर है। बिजली उपभोक्ता अपनी शिकायतों के निवारण के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम का सहारा भी ले सकते हैं। अब इसी फोरम की कार्यप्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।
यह फोरम हर जिले में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक खुले दरबार का आयोजन करता है। लेकिन जागरूकता के अभाव में अपेक्षाकृत कम ही बिजली उपभोक्ता इस दरबार में अपनी बिजली संबंधी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। इसलिए आयोग ने आदेश दिए हैं कि फोरम अपना दायरा बिजली उपभोक्ताओं में ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं।
इसी के चलते फोरम अब सभी सर्कल और डिवीजन स्तर पर लोगों के बीच जाएगा। गांवों में सरपंचों व पंचों शहरों में वार्ड पार्षदों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन से संपर्क स्थापित कर उन्हें इस फोरम की कार्यप्रणाली व महत्ता की जानकारी देगा। ताकि अपनी बिजली संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए उपभोक्ता इस मंच का इस्तेमाल कर सकें।
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तीन महीने में फोरम ने अपनी कार्यप्रणाली को किस तरह मजबूत बनाते हुए जनता तक ज्यादा से ज्यादा अपनी पहुंच बढ़ाई। कितनी बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं फोरम तक पहुंची। इन समस्याओं में से कितनी समस्याओं का निवारण किया गया व कितनी पेंडिंग रह गई इत्यादि बिंदुओं पर फोरम अपनी त्रैमासिक रिपोर्ट हरियाणा बिजली विनियामक आयोग को सौंपेगा। जिसके बाद आयोग फोरम की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगा।
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यह फोरम हर जिले में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक खुले दरबार का आयोजन करता है। लेकिन जागरूकता के अभाव में अपेक्षाकृत कम ही बिजली उपभोक्ता इस दरबार में अपनी बिजली संबंधी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। इसलिए आयोग ने आदेश दिए हैं कि फोरम अपना दायरा बिजली उपभोक्ताओं में ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं।
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इसी के चलते फोरम अब सभी सर्कल और डिवीजन स्तर पर लोगों के बीच जाएगा। गांवों में सरपंचों व पंचों शहरों में वार्ड पार्षदों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन से संपर्क स्थापित कर उन्हें इस फोरम की कार्यप्रणाली व महत्ता की जानकारी देगा। ताकि अपनी बिजली संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए उपभोक्ता इस मंच का इस्तेमाल कर सकें।
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तीन महीने में फोरम ने अपनी कार्यप्रणाली को किस तरह मजबूत बनाते हुए जनता तक ज्यादा से ज्यादा अपनी पहुंच बढ़ाई। कितनी बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं फोरम तक पहुंची। इन समस्याओं में से कितनी समस्याओं का निवारण किया गया व कितनी पेंडिंग रह गई इत्यादि बिंदुओं पर फोरम अपनी त्रैमासिक रिपोर्ट हरियाणा बिजली विनियामक आयोग को सौंपेगा। जिसके बाद आयोग फोरम की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगा।
फोरम के पास पहुंचती है इस तरह की शिकायतें
फोरम के पास पहुंचने वाली शिकायतों में सबसे ज्यादा करीब 90 फीसद गलत बिजली बिल जनरेट होने की पहुंचती है। इन गलत बिलों को लेकर उपभोक्ता बिजली घरों में धक्के खाते रहते हैं। इसके अलावा मीटर संबंधी वोल्टेज संबंधी बिजली आपूर्ति संबंधी पुरानी बिजली की तारों संबंधी शिकायतें भी फोरम के खुले दरबार में पहुंचती है।
बिजली उपभोक्ताओं को फील्ड में किस प्रकार के समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्या बिजली कंपनियां और फोरम उनकी समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए समाधान कर रहा है या नहीं। इन सभी बातों पर आयोग अपनी नजर रखता है। इसीलिए फोरम से तीन महीने में उनकी कार्यप्रणाली की रिपोर्ट समीक्षा हेतु मांगी गई है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि फोरम अपनी कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाएं।
- डीएस ढेसी, चेयरमैन, हरियाणा बिजली विनियामक आयोग
बिजली उपभोक्ताओं की समस्या को लेकर फोरम पूरी तरह गंभीर है। अब फोरम के बारे में लोगों को जागरूक बनाने की प्लानिंग पर काम किया जाएगा। इसके लिए गांवों व शहरों में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनो से भी संपर्क किया जाएगा। यह बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक तरह से खुला दरबार है। जिसमें वे खुले मन के साथ अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। बिजली के इन खुले दरबारों का शेड्यूल निगम की वेबसाइट पर सीजीआरएफ के पोर्टल पर एडवांस में अपलोड किया जाता है। जिससे बिजली उपभोक्ताओं को मालूम चल सके कि उनके जिले में बिजली का खुला दरबार कब लगेगा।
- संजीव चोपड़ा, चेयरमैन, उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (डीएचवीपीएन)
बिजली उपभोक्ताओं को फील्ड में किस प्रकार के समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्या बिजली कंपनियां और फोरम उनकी समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए समाधान कर रहा है या नहीं। इन सभी बातों पर आयोग अपनी नजर रखता है। इसीलिए फोरम से तीन महीने में उनकी कार्यप्रणाली की रिपोर्ट समीक्षा हेतु मांगी गई है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि फोरम अपनी कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाएं।
- डीएस ढेसी, चेयरमैन, हरियाणा बिजली विनियामक आयोग
बिजली उपभोक्ताओं की समस्या को लेकर फोरम पूरी तरह गंभीर है। अब फोरम के बारे में लोगों को जागरूक बनाने की प्लानिंग पर काम किया जाएगा। इसके लिए गांवों व शहरों में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनो से भी संपर्क किया जाएगा। यह बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक तरह से खुला दरबार है। जिसमें वे खुले मन के साथ अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। बिजली के इन खुले दरबारों का शेड्यूल निगम की वेबसाइट पर सीजीआरएफ के पोर्टल पर एडवांस में अपलोड किया जाता है। जिससे बिजली उपभोक्ताओं को मालूम चल सके कि उनके जिले में बिजली का खुला दरबार कब लगेगा।
- संजीव चोपड़ा, चेयरमैन, उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (डीएचवीपीएन)