न मुंहासे ठीक हुए न बाल, उल्टा एलर्जी हो गई, देना होगा मुआवजा
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ट्रीटमेंट से न तो चेहरे के मुहासे ठीक हुए और न ही सिर के बालों की दिक्कत दूर हुई। उल्टा एलर्जी हो गई। अब देना पड़ेगा मुआवजा। दरअसल एक लाख 29 हजार पांच सौ रुपये खर्च कर तीन महीने का वेलनेस पैकेज लेने पर दी गई ट्रीटमेंट से न तो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर के चेहरे के मुहासे ठीक हुए और न ही सिर के बालों की दिक्कत दूर हुई। उल्टा उपभोक्ता को एलर्जी हो गई। यही नहीं सिर में इंजेक्शन लगाने से चक्कर आने लग गए। उपभोक्ता फोरम ने हेल्थ सैंक्चुरी और डॉक्टरों को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है।
उपभोक्ता फोरम ने हेल्थ सैंक्चुरी और डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को एक लाख 29 हजार पांच सौ रुपये लौटाए और इस राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी अदा करें। मानसिक परेशानी और सेवा में कोताही के लिए 25 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करना होगा।
शिकायतकर्ता सानिया मरवाहा निवासी वीआईपी रोड जीरकपुर ने कहा कि उन्होंने ट्रीटमेंट के लिए तीन महीने की छुट्टी ली थी, लेकिन लाभ नहीं हुआ। दूसरे पक्ष की ओर से पक्ष न रखने पर उपभोक्ता फोरम ने एक्सपार्टी (एकतरफा) करार दिया है।
सानिया मरवाहा ने नई दिल्ली सफदरजंग एनक्लेव स्थित हेल्थ सैंक्चुरी, इसके डॉ. सविता सरमाल, डॉ. अनु, डॉ. लक्ष्मी और सेक्टर-8 चंडीगढ़ स्थित मेसर्स हेल्थ सैंक्चुरी के डॉ. नदीम के खिलाफ शिकायत दी थी।
कहा, समस्या का बेहतर इलाज करेंगे
मरवाहा ने बताया कि उनसे कहा गया कि उनके फेशियल मस्कल और बाल की प्रॉब्लम का बेहतर और प्रभावकारी तरीके से इलाज करेंगे। शिकायतकर्ता ने मेसर्स हेल्थ सैंक्चुरी से पैकेज लिया। हेल्थ सैंक्चुरी के डॉक्टरों ने उनके चेहरे का स्केच तैयार किया और कहा कि तीन महीने तक ट्रीटमेंट चलेगा। उनको चार हजार पांच सौ रुपये जमा करवाने को कहा गया। बाकी की राशि वह समय-समय पर जमा कराती रहीं। कुल मिलाकर उन्होंने एक लाख 29 हजार पांच सौ रुपये जमा कराए।
बाद में दिक्कत हुई तो कहा, ऐसा सभी को होता है
सानिया बताया कि हेल्थ सैंक्चुरी की ओर से चेहरे पर एक मशीन का प्रयोग किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार मशीन से कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेंट पूर्ण रूप से अनप्रोफेशनल तरीके से किया गया। 22 दिसंबर 2014 को डॉ. अनु ने साथियों के साथ बेढंगा ट्रीटमेंट किया। इसके कारण एलर्जी हो गई। एलर्जी के कारण चेहरा लाल हो गया और घमौरियां हो गईं। कुछ ड्रग इंजेक्ट भी किया, जिसके बारे में नहीं बताया गया। बिना बताए उनके सिर में तीन इंजेक्शन भी दिए गए। इंजेक्शन दिए जाने के बाद उन्हें चक्कर आने लगा। जब यह बात डॉक्टर को बताई तो कहा गया कि ऐसा सभी को होता है। घर आने पर उनका ब्लड प्रेशर कम हो गया। इस संबंध में दूसरे पक्ष को सूचना दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस संबंध में उन्होंने पुलिस में मामला भी दर्ज कराया।