{"_id":"64e3cf672253dbc3490e25e3","slug":"constable-pawan-absconding-in-bribery-filed-anticipatory-bail-petition-chandigarh-news-c-16-sml1026-219859-2023-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: रिश्वतखोरी में फरार कांस्टेबल पवन ने दायर की अग्रिम जमानत याचिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: रिश्वतखोरी में फरार कांस्टेबल पवन ने दायर की अग्रिम जमानत याचिका
विज्ञापन
चंडीगढ़। रिश्वतखोरी के मामले में फरार चल रहे चंडीगढ़ पुलिस के कॉन्स्टेबल पवन कुमार ने सीबीआई की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। साथ ही पवन ने मामले के शिकायतकर्ता दीपक उर्फ दीपा का एक वीडियो भी अदालत को सौंपा है। बताया जा रहा है कि वीडियो में शिकायतकर्ता दीपक हाथ में अवैध हथियार लेकर घूमता दिख रहा है।
दायर अग्रिम जमानत याचिका में पवन ने इसी वीडियो को आधार बनाते हुए कहा है कि दीपक के पास अवैध हथियार थे और गैंगस्टर से उसके संबंध हैं। उसे सरेंडर करने के लिए कहा गया तो उसने सात लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप लगाते हुए सीबीआई को शिकायत दे दी। पवन के वकील केपी सिंह ने कहा कि उनके मुवक्किल ने कहीं भी रिश्वत नहीं मांगी, यहां तक ट्रांसक्रिप्ट में भी रिश्वत स्वीकार नहीं की। उनका मुवक्किल सीबीआई जांच में हर तरह से सहयोग देने को तैयार है। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सीबीआई को नोटिस कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई अब 25 अगस्त को होगी।
बता दें कि रामदरबार निवासी दीपक उर्फ दीपा ने सीबीआई को मामले की शिकायत देकर आरोप लगाया था कि कांस्टेबल पवन उसे एक केस में फंसाने की धमकी देकर सात लाख की रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन ऑपरेशन सेल इंचार्ज इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों पर भी आरोप लगाए थे लेकिन इंस्पेक्टर सेखों के खिलाफ सीबीआई को कोई भी तक कोई सबूत नहीं मिला है, जिसके चलते उन्हें केस में आरोपी नहीं बनाया गया है। मामले में सीबीआई ने दीपक की शिकायत पर पवन के अलावा मनीष दुबे और अनिल गोयल उर्फ कोकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। मामले में मनीष और कोकी को सीबीआई ने ट्रैप के वक्त गिरफ्तार कर लिया था जबकि पवन फरार हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
दायर अग्रिम जमानत याचिका में पवन ने इसी वीडियो को आधार बनाते हुए कहा है कि दीपक के पास अवैध हथियार थे और गैंगस्टर से उसके संबंध हैं। उसे सरेंडर करने के लिए कहा गया तो उसने सात लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप लगाते हुए सीबीआई को शिकायत दे दी। पवन के वकील केपी सिंह ने कहा कि उनके मुवक्किल ने कहीं भी रिश्वत नहीं मांगी, यहां तक ट्रांसक्रिप्ट में भी रिश्वत स्वीकार नहीं की। उनका मुवक्किल सीबीआई जांच में हर तरह से सहयोग देने को तैयार है। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सीबीआई को नोटिस कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई अब 25 अगस्त को होगी।
विज्ञापन
बता दें कि रामदरबार निवासी दीपक उर्फ दीपा ने सीबीआई को मामले की शिकायत देकर आरोप लगाया था कि कांस्टेबल पवन उसे एक केस में फंसाने की धमकी देकर सात लाख की रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन ऑपरेशन सेल इंचार्ज इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों पर भी आरोप लगाए थे लेकिन इंस्पेक्टर सेखों के खिलाफ सीबीआई को कोई भी तक कोई सबूत नहीं मिला है, जिसके चलते उन्हें केस में आरोपी नहीं बनाया गया है। मामले में सीबीआई ने दीपक की शिकायत पर पवन के अलावा मनीष दुबे और अनिल गोयल उर्फ कोकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। मामले में मनीष और कोकी को सीबीआई ने ट्रैप के वक्त गिरफ्तार कर लिया था जबकि पवन फरार हो गया था।
विज्ञापन