Congress Meeting: कैथल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक, बाहर नहीं मगर अंदर दिखी गुटबाजी
कार्यकर्ताओं का पक्ष सुनने के बाद पर्यवेक्षक राजकुमार इंदौरिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी एक नेता की नहीं बल्कि सभी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। जो पार्टी हित में सोचेगा, उसी को कमान दी जाएगी। सभी कार्यकर्ता केवल पार्टी हित में सोचें।
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अंबाला रोड स्थित लोक निर्माण विश्राग गृह में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में अलग-अलग गुटों के बीच विवाद होने का अंदेशा था लेकिन किसी भी गुट के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐसा नहीं किया और बैठक पूरी तरह शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुई। यह गुटबाजी बाहर तो नहीं दिखी लेकिन अंदर तो देखने को जरूर मिली। दरअसल हर गुट का कार्यकर्ता अपने ही नेता की वकालत कांग्रेस के पर्यवेक्षक राजकुमार इंदौरिया के सामने करता दिखा। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला गुट के कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षक के सामने अपने-अपने नेताओं के हाथों में ही कमान देने की बात कही।
हुड्डा गुट के कार्यकर्ताओं का कहना था कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 10 साल तक कांग्रेस पार्टी की सरकार संभाली है। वहीं, रणदीप सिंह सुरजेवाला गुट के कार्यकर्ताओं का पक्ष था कि सुरजेवाला यहां के स्थानीय नेता है। इसलिए स्थानीय नेता को कम से कम उसके जिले और आस-पास के क्षेत्र की कमान जरूर देनी चाहिए। बता दें कि पर्यवेक्षक के सामने कांग्रेस के जिला प्रधान समेत अन्य पदों को लेकर आवेदन करने वालों की भी कमी नहीं रही। इस दौरान अधिकतर कार्यकर्ताओं ने अपनी दावेदारी पेश की।
पर्यवेक्षक के सामने यह बोले नेता
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुधीर मेहता ने कहा कि भाजपा सरकार के 10 साल के शासन के बाद अब लोगों का मन बदल रहा है। पहले लोकसभा के चुनाव होंगे और फिर विधानसभा के। अब कांग्रेस में एक अनार 100 बीमार वाली स्थिति बनी है। वे पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता हैं। मेहता ने कहा कि हुड्डा सबसे अधिक काबिलियत वाले नेता हैं। संगठन के अनुसार ही पद मिलना चाहिए, न कि किसी पूर्व मंत्री, एमपी या एमएलए के आधार पर।
वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता राजेश अंबरसर ने कहा कि रणदीप सुरजेवाला एक ऐसे नेता हैं, जो आम कार्यकर्ता की सुनकर कार्य करते हैं। वे कैथल के साथ ही कुरुक्षेत्र और जींद के अग्रणी कांग्रेस नेता है। उनके नेतृत्व में कुरुक्षेत्र लोकसभा और कैथल जिले की विधानसभा की टिकटों का बंटवारा जरूर होना चाहिए।
कार्यकर्ताओं का पक्ष सुनने के बाद पर्यवेक्षक राजकुमार इंदौरिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी एक नेता की नहीं बल्कि सभी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। जो पार्टी हित में सोचेगा, उसी को कमान दी जाएगी। सभी कार्यकर्ता केवल पार्टी हित में सोचें। कार्यकारिणी का गठन पार्टी के हाईकमान की तरफ से किया जाना है।