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अविनाश को नहीं मिली कांग्रेस में जगह, कैप्टन ने ट्वीट करके बताई वजह
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Sat, 26 Nov 2016 06:25 PM IST
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पूर्व विधायक अविनाश चंद्र
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अकाली दल से इस्तीफा देने वाले अविनाश चंद्र को कांग्रेस में जगह नहीं मिली। कैप्टन अमरिंदर ने ट्वीट करके इसके पीछे का कारण बताया। शिअद की टिकट पर 2007 व 2012 में विधायक बनने वाले अविनाश चंद्र को कांग्रेस शामिल नहीं करेगी। प्रदेश कांग्रेस के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर इसे महज अफवाह बताया। अविनाश चंद्र रविदासिया बिरादरी से हैं।
उन्होंने बसपा छोड़कर 2007 में करतारपुर से विधानसभा चुनाव शिअद की टिकट पर लड़ा था। इसमें उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज चौधरी जगजीत सिंह को करारी हार दी थी। 2012 में अविनाश चंद्र का विधानसभा हलका बदल दिया गया था और उनको फिल्लौर में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां से अविनाश चंद्र दोबारा विधायक बन गए और उनको सीपीएस भी बनाया गया।
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने इस बार करतारपुर से कांग्रेस को छोड़कर आने वाले सेठ सतपाल मल को मैदान में उतारा है जबकि फिल्लौर से बसपा छोड़कर आने वाले बलदेव खैहरा को। इस कारण सरवण सिंह फिल्लौर व अविनाश चंद्र का पत्ता कट गया। सरवण सिंह फिल्लौर तो कांग्रेस में आ गए थे और ऐसी खबरें तेजी से फैल रही थी कि अविनाश चंद्र भी कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं।
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इसे लेकर दोआबा की सियासत गर्माई हुई थी लेकिन शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा कि अविनाश चंद्र कांग्रेस ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। उनके कांग्रेस में आने की खबरें अफवाह हैं। दरअसल, अविनाश चंद्र ड्रग रैकेट में ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं और ईडी उनको कई बार तलब कर चुकी है। ऐसे में कैप्टन अमरिंदर सिंह अविनाश चंद्र को पार्टी में शामिल कर कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहते जिससे विरोधियों को हमला करने का मौका मिल सके।
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उन्होंने बसपा छोड़कर 2007 में करतारपुर से विधानसभा चुनाव शिअद की टिकट पर लड़ा था। इसमें उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज चौधरी जगजीत सिंह को करारी हार दी थी। 2012 में अविनाश चंद्र का विधानसभा हलका बदल दिया गया था और उनको फिल्लौर में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां से अविनाश चंद्र दोबारा विधायक बन गए और उनको सीपीएस भी बनाया गया।
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शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने इस बार करतारपुर से कांग्रेस को छोड़कर आने वाले सेठ सतपाल मल को मैदान में उतारा है जबकि फिल्लौर से बसपा छोड़कर आने वाले बलदेव खैहरा को। इस कारण सरवण सिंह फिल्लौर व अविनाश चंद्र का पत्ता कट गया। सरवण सिंह फिल्लौर तो कांग्रेस में आ गए थे और ऐसी खबरें तेजी से फैल रही थी कि अविनाश चंद्र भी कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं।
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इसे लेकर दोआबा की सियासत गर्माई हुई थी लेकिन शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा कि अविनाश चंद्र कांग्रेस ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। उनके कांग्रेस में आने की खबरें अफवाह हैं। दरअसल, अविनाश चंद्र ड्रग रैकेट में ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं और ईडी उनको कई बार तलब कर चुकी है। ऐसे में कैप्टन अमरिंदर सिंह अविनाश चंद्र को पार्टी में शामिल कर कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहते जिससे विरोधियों को हमला करने का मौका मिल सके।