शहीदों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ की तो होगी कार्रवाई, सीएम अमरिंदर सिंह हुए सख्त
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मरहूम प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बुत पर कालिख पोतने पर हो रही राजनीति पर कैप्टन ने कहा कि 1984 के घटनाक्रम को बीते 34 साल हो चुके हैं, उस वक्त राहुल गांधी स्कूल में पढ़ते थे, सुखबीर बादल अमेरिका में थे और बिक्रम मजीठिया पटियाला में किसी कॉलेज में पढ़ते थे। लेकिन अब अकाली दल इस पर सियासत कर रहा है। पंजाब में कुर्बानियां देने वाले शहीदों व महान शख्सियतों के बुत वाली बुत लगे हैं, अगर किसी ने प्रतिमाओं के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कैप्टन वीरवार को गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में महान शहीद बाबा जोराबर सिंह, बाबा फतेह सिंह व माता गुजरी जी की शहादत को समर्पित नतमस्तक होने के लिए पहुंचे। उन्होंने साहिबजादों के शहीदी स्थल पर भी श्रद्धासुमन अर्पित किए और माता गुजरी लंगर हाल में बैठकर लंगर भी छका। साहिबजादों की शहादत पर उन्होंने कहा ये शहादत कभी न भूलने वाली है। शहीदी सभा में बंद हुई सियासी कॉन्फ्रेंसों के बारे में उन्होंने कहा कि हम धार्मिक स्थानों पर सियासी कॉन्फ्रेंस बंद होने का समर्थन करते हैं और कांग्रेस कभी भी शहीदी सभा में सियासी कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी। अहम घोषणा करते हुए कैप्टन ने कहा कि वह अब वह फतेहगढ़ साहिब के पुराना फ्लाईओवर चौक में बाबा बंदा सिंह बहादुर जी का बुत बनाकर इस चौक का नाम बाबा बंदा सिंह बहादुर रखेंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस 2019 के चुनावों की जंग के लिए तैयार है। भले ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 जनवरी को पंजाब में लोकसभा चुनावों का प्रचार करने पहुंच रहे हैं। पंजाब में 30 दिसंबर को पंचायती चुनाव होंगे। नामांकन रद्द होने पर हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं पर उन्होंने कहा कि जिस किसी को नामांकनों को लेकर कोई रोष है तो वह कोर्ट जा सकता है। इस मौके विधान सभा के स्पीकर राणा केपी सिंह, मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, सलाहकार मुख्यमंत्री भरत इंद्र सिंह चाहल, हलका विधायक कुलजीत सिंह नागरा, बसी पठाना विधायक गुरप्रीत सिंह जीपी, डीसी शिवदुलार सिंह ढिल्लों, एसएसपी अलका मीना, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिंदर सिंह भांबरी समेत अन्य लोग मौजूद थे।