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नवजोत सिद्धू को राष्ट्रीय राजनीति में ला सकती है कांग्रेस, राहुल और प्रियंका गांधी ने दिया था ऑफर

Tue, 23 Jul 2019 09:58 AM IST
खुशबू गोयल हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 23 Jul 2019 09:58 AM IST
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Congress, Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Offer for Navjot Sidhu
नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : ANI
पंजाब कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पंजाब कांग्रेस में अलग-थलग पड़ गए नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस में बड़ा ओहदा मिलने का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। अगले हफ्ते कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के साथ ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी का एलान होने के संकेत पार्टी सूत्रों से मिले हैं, जिसमें नवजोत सिद्धू समेत पंजाब के तीन चेहरों को जगह मिल सकती है।
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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन के चलते वर्किंग कमेटी की बैठक अगले हफ्ते के लिए टल गई है। इस बैठक में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों का निर्धारण भी होना है। पंजाब कांग्रेस के नेताओं के लिए इस बार राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने का अच्छा मौका है, क्योंकि पंजाब कांग्रेस ने ही लोकसभा चुनाव में पार्टी की लाज बचाई है।
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मौजूदा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 36 उपाध्यक्ष, 96 महासचिव और छह प्रवक्ता हैं। इनमें पंजाब के सीनियर नेता सुनील जाखड़, मनप्रीत सिंह बादल, मलकीत सिंह दाखा, राणा गुरमीत सिंह सोढी, केवल सिंह ढिल्लो, जगमोहन सिंह कंग, ब्रह्म मोहिंद्रा, ओम प्रकाश सोनी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और त्रलोचन सिंह उपाध्यक्ष हैं। माना जा रहा है कि पार्टी की नई कार्यकारिणी में पंजाब के इन मौजूदा नेताओं के साथ-साथ तीन महासचिव भी बनाए जा सकते हैं।
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सिद्धू मान सकते हैं राहुल और प्रियंका का प्रस्ताव

सिद्धू को भाजपा से कांग्रेस में लाने में प्रियंका गांधी की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री द्वारा विभाग बदले जाने से नाराज होकर नवजोत सिद्धू सबसे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पास ही पहुंचे थे। तब राहुल और प्रियंका की ओर से उन्हें प्रदेश की बजाए राष्ट्रीय राजनीति में लाने का संकेत देते हुए पार्टी का महासचिव बनाए जाने का भरोसा दिया गया था।

माना जा रहा है कि मंत्री पद से इस्तीफे के बाद सिद्धू प्रदेश इकाई में अलग-थलग पड़ गए हैं। अगर वे पंजाब कांग्रेस का कोई ओहदा संभालते भी हैं तो कैप्टन समर्थक नेता उनके विरोध में उतर आएंगे। इस तरह प्रदेश कांग्रेस में भी सिद्धू के लिए राह आसान नहीं होगी। माना जा रहा है कि सिद्धू अब राहुल और प्रियंका की पेशकश नहीं ठुकराएंगे और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का हिस्सा बन सकते हैं।
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