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भूमि अधिग्रहण विधेयक के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
Updated Mon, 02 Mar 2015 01:25 AM IST
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भारतीय जनता पार्टी के भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस सोमवार को विरोध का बिगुल फूंकेगी। नेहरू पार्क से शुरू होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस खुद को किसान हितैषी होने का दावा पेश करने के मूड में है। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के बड़े नेताओं के भी शामिल होने के आसार हैं।
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लेकिन अहम बात ये हैं कि प्रदर्शन में पूर्व सीएम चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नहीं बुलाया गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो इस विरोध प्रदर्शन के बल पर पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव एक तीर से तीन निशाने साधने की कोशिश करेंगे। पहला, बीजेपी के भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को किसान विरोधी बताते हुए किसानों के हितैषी होने का अपना दावा मजबूत करेंगे।
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दूसरा, भाजपा के सांसद और तीनों विधायकों को यह भी अहसास कराना चाहते हैं कि वह अभी उनके दिन फिरे नहीं हैं। तीसरा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को न आमंत्रित कर नेहरू पार्क में सुबह 11 बजे से प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में इंडियन नेशनल कांग्रेस के जनरल सेक्रेट्री और कार्यक्रम प्रभारी शकील अहमद के अलावा कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर और विधायक दल की नेता किरण चौधरी को भी शामिल कर वह पूर्व मुख्यमंत्री को अपनी ताकत और राजनीतिक पहुंच का अहसास कराना चाहेंगे। फिलहाल खराब मौसम के बीच विरोध प्रदर्शन क्या रंग लाता है तो यह जल्द ही पता चलेगा।
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दोनों पार्टी हैं एक जैसी : राजेंद्र
उधर भारतीय जनता पार्टी के बनाए गए भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बाबत राजेंद्र सिंह का अलग ही सोचना है। जमीन अधिग्रहण मुद्दे पर कोर्ट में किसानों की पैरवी करने वाले राजेंद्र के मुताबिक दोनों पार्टियां किसानों के मसले पर एक जैसी हैं। दोनों ने सिर्फ किसानों को ठगा है। पहले कांग्रेस ने जिले में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उठे आंदोलन को दबाया, तब भाजपा किसानों के साथ दिखी। अब कांग्रेस सत्ता से बाहर हैं तो कांग्रेस किसानों का हितैषी बन रही है।