विस सत्र: शून्यकाल न बुलाने पर कांग्रेस का सदन में हंगामा, विश्वास प्रस्ताव पर बहस शुरू हुई तो किया वॉकआउट
स्पीकर ने कांग्रेस विधायकों को शांत करना चाहा लेकिन सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सदन में एक तरफ विश्वास मत पर चर्चा शुरू हुई तो वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया और सदन से बाहर निकल गए।
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पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के अंतिम दिन सोमवार को विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने खूब हंगामा किया। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के बाद जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने विश्वास मत पर चर्चा बुलानी चाही तो कांग्रेस के नेता शून्यकाल बुलाने की मांग करने लगे। विस अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों को विश्वास मत पर चर्चा के बाद शून्यकाल का आश्वासन दिया लेकिन कांग्रेस नेता उसी समय शून्यकाल में जनहित के मुद्दों पर चर्चा करवाने पर अड़े रहे।
इस पर स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा को एक सवाल करने की अनुमति दी। प्रताप सिंह बाजवा ने पुलिस की गिरफ्त से फरार सिद्धू मूसेवाला के हत्यारोपी दीपक टीनू का मसला उठाया और सरकार से इस पर जवाब मांगा। बाजवा ने आरोप लगाया कि हत्यारोपी गैंगेस्टर भागा नहीं बल्कि पुलिस ने उसे फरार होने में मदद की। इस पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने सदन में जवाब देना चाहा लेकिन कांग्रेस विधायक उखड़ गए और वेल तक आ गए। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने दोपहर 2:24 बजे सदन 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। इस अल्प विराम के बाद स्पीकर ने फिर से विश्वास मत पर चर्चा शुरू करने को कहा तो कांग्रेस विधायक फिर से वेल में पहुंच गए और शून्यकाल की मांग करने लगे।
स्पीकर ने कांग्रेस विधायकों को शांत करना चाहा लेकिन सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सदन में एक तरफ विश्वास मत पर चर्चा शुरू हुई तो वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया और सदन से बाहर निकल गए। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि हम जनहित के मुद्दों पर चर्चा बुलाना चाह रहे थे लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
विधायकों को नियंत्रित करने के लिए बुलाए मार्शल
सदन में स्थिति बिगड़ती देख वेल में महिला और पुरुष मार्शल बुला लिए गए। कांग्रेस विधायक वेल में नारेबाजी करने लगे तो लगभग दो दर्जन मार्शलों ने मानव श्रृंखला बनाते हुए विधायकों को घेर लिया। काफी देर तक सदन में हंगामा होने के बाद विश्वास मत पर चर्चा के साथ ही विधायक सदर से बाहर आ गए।
ताई जी सदन च हैगे तां हुण सानूं तवज्जो देनी पैणी
विधानसभा सत्र के दौरान नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा शून्यकाल पर अड़े थे, इसी दौरान हाउस की ओर से सूचना मिली कि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां की माता भी सदन में मौजूद हैं। सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने चुटकी लेते हुए स्पीकर को संबोधित किया कि ताई जी सदन च हैगे तां हुण सानूं तवज्जो देनी पैणी स्पीकर साहब। मैं भी वेखदा तुसी माता जी दे आण दा किन्ना सम्मान करदो। इस पर थोड़ी देर के लिए सदन का माहौल बदल गया। इसके बाद स्पीकर ने बाजवा को प्रश्न करने की इजाजत दी।