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Hindi News ›   Chandigarh ›   Congress MLA From Rai Assembly Constituency Jai Tirath Dahiya Resigns due to Ashok Tanwar

हरियाणा विस सत्र से पहले कांग्रेस विधायक जयतीर्थ का इस्तीफा, अशोक तंवर पर लगाए गंभीर आरोप

Thu, 01 Aug 2019 07:49 PM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 01 Aug 2019 07:49 PM IST
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Congress MLA From Rai Assembly Constituency Jai Tirath Dahiya Resigns due to Ashok Tanwar
जयतीर्थ दहिया - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू होने से ठीक पिछले दिन कांग्रेस की कलह भी खुलकर सामने आ गई। राई से कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्पीकर कंवर पाल को चंडीगढ़ पहुंचकर विधानसभा में विधायक पद से अपना त्याग पत्र सौंपा। 

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इस्तीफा देने का कारण दहिया ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर के व्यवहार को बताया है। उन्होंने कहा कि वह उनके व्यवहार से नाखुश हैं। उन्होंने तंवर पर दिल्ली में 4 जून को समन्वय समिति की बैठक के बाद गाली देने का आरोप लगाया है। दहिया ने कहा कि वह गाली से आहत थे। हाईकमान ने उनकी शिकायत भी की, बावजूद प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला लिया है। 

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दहिया को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बेहद करीबी माना जाता है। वह हुड्डा को प्रदेश की कमान सौंपने के लिए पार्टी हाईकमान को पत्र भी लिख चुके थे। यही नहीं, दिल्ली में पार्टी के आला नेताओं से मुलाकात भी की थी। तंवर की कार्यप्रणाली पर दहिया लंबे समय से सवाल उठाते रहे हैं।

याद रहे कि जयतीर्थ दहिया के खिलाफ हाईकोर्ट में भी एक याचिका पर अंतिम निर्णय आना है। हाईकोर्ट ने फैसला रिजर्व रखा हुआ है। दहिया राई विधानसभा क्षेत्र से मात्र तीन मतों के अंतर से चुनाव जीते थे। तीन वोट के मामूली अंतर से हारने वाले इनेलो उम्मीदवार इंद्रजीत सिंह दहिया ने जयतीर्थ दहिया की जीत को चुनौती दी थी। 

मामले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और चुनाव से जुड़े तमाम रिकॉर्ड की सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की गई है। हाईकोर्ट में यह मामला 2014 से चल रहा है। अब मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल अक्टूबर में खत्म होने वाला है तो हाईकोर्ट के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

जहां सभी पार्टियां व नेता विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लगे हैं, वहीं राई से कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया के इस्तीफा देने से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। विधायक जयतीर्थ दहिया ने इस्तीफा देने का अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने उनको ऐसी गाली दी, जिसे कोई सुन नहीं सकता।

वह प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से शिकायत करते इस बात का इंतजार करते रहे कि अशोक तंवर पर कार्रवाई होगी। तंवर या मुझे बुलाकर कम से कम इस तरह की घटना पर खेद जताकर भविष्य में ऐसा नहीं होने देने की बात तो कही जाती। लेकिन उस शिकायत पर संज्ञान तक नहीं लिया गया और मेरे साथी विधायकों तक ने साथ नहीं दिया।

इस तरह के मामलों में साथ नहीं देने वाले विधायकों संग विधानसभा में बैठने का कोई फायदा नहीं है। जयतीर्थ दहिया जल्द ही कांग्रेस छोड़ने को लेकर भी फैसला ले सकते हैं, लेकिन भाजपा में जाने के लिए उन्होंने साफ इंकार किया है।
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राई से कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया ही पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के सबसे करीबी विधायकों में शामिल हैं। वह लगातार अशोक तंवर को प्रदेशाध्यक्ष के पद से हटाकर भूपेंद्र हुड्डा को कमान सौंपने के लिए खुलकर बयानबाजी करते रहे हैं। जयतीर्थ दहिया ने बताया कि 4 जून को दिल्ली में सभी विधायकों व अन्य नेताओं की मीटिंग बुलाई गई थी।

विधायक ने अशोक तंवर पर आरोप लगाया कि मीटिंग से बाहर निकलते हुए उनको गाली दी गई तो वह तंवर के पीछे भागे, लेकिन वह गाड़ी में बैठकर चले गए। विधायक ने प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई तो अध्यक्ष राहुल गांधी के पास पूरे मामले को लेकर पत्र लिखा। उनके पीए तक से उनकी बात हुई कि राहुल गांधी ने पत्र देख लिया है और उसपर संज्ञान लिया जाएगा।

लेकिन वह लगभग दो महीने से इंतजार कर रहे थे, उसके बावजूद कुछ नहीं हुआ। राहुल गांधी हम दोनों तंवर या मुझे बुलाकर इतना कह सकते थे कि इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी और भविष्य में ऐसा नहीं होगा। इस कारण ही वह आहत हुए हैं और विधानसभा से इस्तीफा दिया है। जयतीर्थ कांग्रेस पार्टी तक से इस्तीफा दे सकते हैं।

जयतीर्थ ने अपने साथी विधायकों पर भी लगाए आरोप

जयतीर्थ दहिया ने अपने साथी विधायकों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के साथ रहने की बात कहने वाले विधायक भी उनके साथ मामले में खड़े दिखाई नहीं दिए। किसी ने उनका साथ नहीं दिया, जबकि वह खुलेआम गाली दिए जाने से काफी आहत थे। जयतीर्थ ने कहा कि इस तरह के मामलों में साथ नहीं देने वाले विधायकों के साथ विधानसभा में बैठने का कोई फायदा नहीं है।

दो बार राई से विधायक, तीन वोटों से जीते थे इस बार
विधायक जयतीर्थ दहिया वर्ष 2009 में पहली बार राई से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। उसके बाद दोबारा 2014 में लोगों ने उनको विधायक बनाया और वह अकेले ऐसे विधायक थे जो 3 वोटों से जीतकर विधानसभा पहुंचे। इस कारण ही इनेलो के इंद्रजीत दहिया ने हाईकोर्ट में केस डाला हुआ है कि कई वोट दो-दो जगह होने के कारण जयतीर्थ दहिया जीते हैं। इस केस में हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। विधायक जयतीर्थ दहिया के पिता रिजकराम भी छह बार विधायक रह चुके हैं तो एक बार संयुक्त पंजाब में मंत्री रहे हैं। इसके अलावा एक बार राज्यसभा सदस्य रहे तो दूसरी बार ताऊ देवीलाल को हराकर सांसद बने थे।

 
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