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मुसीबतः पंजाब सरकार के घर-घर रोजगार पर नए फैसले से अपने ही विधायक नाराज
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 02 Aug 2018 09:51 AM IST
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पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किए घर घर रोजगार के वादे पर गंभीरता से अमल शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से सूबे से सभी जिला उपायुक्तों से नौजवानों की नौकरी संबंधी अर्जियां मंगा ली हैं। इस बीच, सरकार के इस फैसले से कांग्रेस विधायक ही परेशान हो गए हैं। उनका मानना है कि उनके हलकों में युवाओं को रोजगार देने के लिए उनसे राय और सूचियां मांगी जानी चाहिए क्योंकि हलके की जनता को जवाब उन्होंने देना है।
इस मामले में कुछ विधायकों ने चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री के एक प्रमुख सलाहकार के समक्ष अपनी बात भी रखी है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक उच्चाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने इलाके के प्रत्येक गांव से 10-10 नौजवानों के नौकरी संबंधी आवेदन एकत्र करके राज्य सरकार को भेजें। इसी तरह शहरों से भी बेरोजगार गरीब नौजवानों की सूची भी मंगा ली गई है। लेकिन जैसे ही राज्य सरकार की इस योजना की जानकारी कांग्रेस विधायकों को मिली, तो उन्होंने यह मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने का फैसला कर लिया है।
इस संबंध में कुछ विधायकों से बात करने पर उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अगर जिला उपायुक्तों के जरिए उनके हलकों के नौजवानों को नौकरियां दे दी जाएंगी, तो उन्हें हलके के लोग क्यों पूछेंगे और अपनी समस्याएं लेकर उनके पास क्यों आएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले से विधायकों का अपने ही हलकों में प्रभाव खत्म हो जाएगा। इसलिए सरकार को इस योजना में विधायकों को जरिया बनाना चाहिए। कुछ विधायकों ने यह भी कहा कि उन्हें बेरोजगार नौजवानों की सूचियां बनाने की जानकारी तो है लेकिन उन्हें नौकरी दिए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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उधर, विभिन्न जिलों में जिला उपायुक्तों ने गरीब परिवारों से संबंधित बेरोजगार नौजवानों की सूचियां तैयार करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटियां लगा दी हैं। जिला उपायुक्त यह प्रयास कर रहे हैं कि 10-10 नौजवानों की सूची तैयार करने के दौरान ही अपने इलाके के सभी गरीब बेरोजगार नौजवानों की सूची तैयार कर ली जाए।
लुधियाना, मोहाली में रोजगार ब्यूरो खोलने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्च अधिकारी ने बताया कि घर-घर रोजगार योजना के तहत राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष की अवधि के दौरान डेढ़ लाख नौजवानों को रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस काम के लिए राज्य सरकार मोहाली और लुधियाना में रोजगार ब्यूरो खोलने की भी तैयारी कर चुकी है। इन रोजगार ब्यूरो की सफलता के आधार पर अन्य जिलों में भी रोजगार ब्यूरो खोलने का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोजगार ब्यूरो के जरिए नौजवानों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाया जाएगा।
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इस मामले में कुछ विधायकों ने चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री के एक प्रमुख सलाहकार के समक्ष अपनी बात भी रखी है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक उच्चाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने इलाके के प्रत्येक गांव से 10-10 नौजवानों के नौकरी संबंधी आवेदन एकत्र करके राज्य सरकार को भेजें। इसी तरह शहरों से भी बेरोजगार गरीब नौजवानों की सूची भी मंगा ली गई है। लेकिन जैसे ही राज्य सरकार की इस योजना की जानकारी कांग्रेस विधायकों को मिली, तो उन्होंने यह मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने का फैसला कर लिया है।
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इस संबंध में कुछ विधायकों से बात करने पर उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अगर जिला उपायुक्तों के जरिए उनके हलकों के नौजवानों को नौकरियां दे दी जाएंगी, तो उन्हें हलके के लोग क्यों पूछेंगे और अपनी समस्याएं लेकर उनके पास क्यों आएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले से विधायकों का अपने ही हलकों में प्रभाव खत्म हो जाएगा। इसलिए सरकार को इस योजना में विधायकों को जरिया बनाना चाहिए। कुछ विधायकों ने यह भी कहा कि उन्हें बेरोजगार नौजवानों की सूचियां बनाने की जानकारी तो है लेकिन उन्हें नौकरी दिए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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उधर, विभिन्न जिलों में जिला उपायुक्तों ने गरीब परिवारों से संबंधित बेरोजगार नौजवानों की सूचियां तैयार करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटियां लगा दी हैं। जिला उपायुक्त यह प्रयास कर रहे हैं कि 10-10 नौजवानों की सूची तैयार करने के दौरान ही अपने इलाके के सभी गरीब बेरोजगार नौजवानों की सूची तैयार कर ली जाए।
लुधियाना, मोहाली में रोजगार ब्यूरो खोलने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्च अधिकारी ने बताया कि घर-घर रोजगार योजना के तहत राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष की अवधि के दौरान डेढ़ लाख नौजवानों को रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस काम के लिए राज्य सरकार मोहाली और लुधियाना में रोजगार ब्यूरो खोलने की भी तैयारी कर चुकी है। इन रोजगार ब्यूरो की सफलता के आधार पर अन्य जिलों में भी रोजगार ब्यूरो खोलने का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोजगार ब्यूरो के जरिए नौजवानों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाया जाएगा।