{"_id":"615bc5848ebc3eb5dd2ea45f","slug":"congress-leader-harish-chowdhary-comments-on-navjot-sidhu-in-exclusive-interview","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरीश चौधरी से खास बातचीत: कांग्रेस आलाकमान के प्रतिनिधि की दो टूक, इस्तीफे पर अड़े रहे सिद्धू तो प्लान बी तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरीश चौधरी से खास बातचीत: कांग्रेस आलाकमान के प्रतिनिधि की दो टूक, इस्तीफे पर अड़े रहे सिद्धू तो प्लान बी तैयार
Tue, 05 Oct 2021 08:57 AM IST
निवेदिता वर्मा
रघु आदित्य, अमर उजाला, चंडीगढ़
रघु आदित्य, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 05 Oct 2021 08:57 AM IST
सार
पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन के पूरे घटनाक्रम को अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आलाकमान ने हरीश चौधरी को दी थी। वे इस मामले में राहुल गांधी से लगातार संपर्क में थे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी वे महासचिव अजय माकन के साथ चंडीगढ़ आए थे।
विज्ञापन
हरीश चौधरी।
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब कांग्रेस के अंदरुनी मामलों को सुलझाने के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी में आलाकमान के प्रतिनिधि हरीश चौधरी मानते हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू का सार्वजनिक तौर पर सरकारी फैसलों पर अंगुली उठाना ठीक नहीं है। वे पार्टी के प्रदेश प्रधान हैं। आलाकमान ने अभी उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है। ऐसे में अगर वे इस्तीफा देने पर अड़े रहे तो प्लान-बी के बारे में सोचा जाएगा।
विज्ञापन
नवजोत सिद्धू के ताजा ट्वीट पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अंदरुनी लोकतंत्र सभी को बोलने की इजाजत देता है, लेकिन पार्टी फोरम पर। सार्वजनिक तौर पर सरकार के फैसलों पर अंगुली उठाने से उनको बचना चाहिए। पहले ही तय हो चुका है कि अब किसी भी प्रशासनिक निर्णय पर तीन सदस्यीय कमेटी मुहर लगाएगी, जिसमें सिद्धू खुद सदस्य है। चौधरी ने साफ कहा कि हमें कड़े फैसले भी लेने पड़े तो लेंगे। ऐसे फैसले पार्टी में पहले भी होते आए हैं और आगे भी होंगे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - आज चन्नी का राजस्थान दौरा: जयपुर में करेंगे अशोक गहलोत से मुलाकात, पानी के बंटवारे व पंजाब की सियासत पर होगी चर्चा
विज्ञापन
कांग्रेस के पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी देने के सवाल पर हरीश चौधरी ने कहा कि अभी मेरी जिम्मेदारी राजस्थान में राजस्व मंत्री के तौर पर है। आगे हाईकमान जो भी आदेश देगा, उसका पालन करूंगा। बता दें कि पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन के पूरे घटनाक्रम को अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आलाकमान ने उन्हें दी थी और वे इस मामले में राहुल गांधी से लगातार संपर्क में थे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी वे महासचिव अजय माकन के साथ चंडीगढ़ आए थे।
ताजा विवाद में कांग्रेस के कमजोर होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पंजाब से दूर बैठे व्यक्ति को यह लग सकता है कि इससे पार्टी कमजोर हुई है, लेकिन आप पंजाब में आकर देखेंगे तो लगेगा पार्टी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि सिद्धू हो या कोई और, पार्टी में बात रखने का सबको अधिकार है। सब जानते हैं कि कैबिनेट गठन का अधिकार मुख्यमंत्री का होता है, जबकि सलाह देने का अधिकार सबको है। पंजाब के मामले में भी यही हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस का नेतृत्व मजबूत था, है और रहेगा और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेगी।