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पंजाब विधानसभा चुनाव: कैप्टन अमरिंदर सिंह और भाजपा के गठजोड़ को कांग्रेस ने बताया अवसरवाद
Sat, 18 Dec 2021 01:50 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 18 Dec 2021 01:50 PM IST
सार
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनेगी। लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार है लेकिन नतीजों के बाद क्या होता है, यह आपको पता होगा।
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केसी वेणुगोपाल।
- फोटो : ANI
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विस्तार
पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह और भाजपा साथ आ गए हैं। वहीं कांग्रेस ने इस गठबंधन को अवसरवाद बताया है। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनेगी। लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार है लेकिन नतीजों के बाद क्या होता है, यह आपको पता होगा। कांग्रेस ने कैप्टन को सब कुछ दिया, वह बीजेपी में कैसे शामिल हो सकते हैं। यह अवसरवाद है।
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पंजाब विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) के बीच होने वाले गठबंधन का फार्मूला तैयार हो गया है। सूबे के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी पकड़ को देखते हुए कैप्टन को गांव और भाजपा को शहरी क्षेत्रों को देखना होगा। जल्द ही दोनों दलों की तरफ से शीट शेयरिंग का खुलासा किया जाएगा।
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कांग्रेस से इस्तीफे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब में अपनी नई सियासी पारी शुरू कर रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी का गठन भी किया है। कैप्टन का पूरा जोर है कि वह 2022 के चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएं। इस चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा कर चुके हैं।
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तीनों कृषि कानूनों की वापसी के फैसले के बाद भी भाजपा किसानों को लेकर अभी डरी हुई है। चुनावी माहौल में भाजपा अब किसानों के विरोध को झेलना नहीं चाहती। ऐसे में पार्टी के नेता फूंक फूंककर कदम रख रहे हैं। यही वजह है कि किसानों को लेकर भाजपा के नेता कोई भी बयान देने से बच रहे हैं। 2017 के पंजाब विधानसभा में राज्य की 117 सीटों में से कांग्रेस ने कुल जीतीं 77 सीटों में 40 ग्रामीण इलाकों की थीं। इन सीटों पर सिख समुदाय ज्यादा प्रभावशाली है।