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कांग्रेस विधायक ने कहा भारत माता की जय बोल दो, असीम गोयल बोले- आप पाकिस्तानी हो क्या
Thu, 27 Feb 2020 12:50 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 27 Feb 2020 12:50 AM IST
सार
- गीता भुक्कल की टिप्पणी पर गरमाया माहौल, सदन में लगे नारे।
- बीजेपी विधायक बोले- जो नारा नहीं लगाएगा वो पाकिस्तानी होगा।
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हरियाणा विधानसभा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा विधानसभा में ‘भारत माता की जय’ को लेकर भाजपा और कांग्रेस विधायक आपस में भिड़ गए। दोनों दलों में तनातनी इतनी बढ़ गई कि भाजपा विधायक भारत माता की जय के नारे सदन में लगाने लगे। इसमें कांग्रेसी विधायक भी पीछे नहीं रहे।
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उन्होंने भी भारत माता की जय का उदघोष किया। माहौल कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल की टिप्पणी से गरमाया। प्रश्नकाल में शिक्षा मंत्री कंवर पाल होडल भाजपा विधायक जगदीश नायर के सवाल का जवाब दे रहे थे। इस दौरान जगह के नाम को लेकर उलझन हो गई।
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इससे पहले कि स्थिति स्पष्ट होती, पूर्व शिक्षा मंत्री व कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कह दिया कि भारत माता की जय बोल दो। इस पर भाजपा विधायक बिफर गए। अंबाला शहर से विधायक असीम गोयल ने कहा कि आप पाकिस्तानी हो क्या। स्पीकर ने कहा कि भारत माता की जय बोलना गुनाह नहीं है। गोयल इससे शांत नहीं हुए और उन्होंने कांग्रेस विधायकों को खूब खरी-खोटी सुनाई।
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उन्होंने कहा कि जो भारत माता की जय का नारा नहीं लगाएगा वो पाकिस्तानी होगा। इसके बाद उन्होंने नारा लगाया, जिसमें कांग्रेस विधायक भी शामिल हुए। बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि जब हम शपथ लेते हैं तो भारत माता की ही शपथ खाते हैं, इस तरह की टीका-टिप्पणियों पर समय बर्बाद न करें। विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि भारत माता की तो पहले से ही जय है फिर शोरशराबा क्यों।
इस पर गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि कांग्रेस विधायक ने तंज कसा था, इस पर उन्हें आपत्ति है। कांग्रेस विधायक शमशेर गोगी ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि क्या हम पाकिस्तानी हैं। इस पर स्पीकर ने खड़े होकर माहौल शांत कराया। कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास ने तो सबकी बोलती ही बंद करा दी।
उन्होंने कहा कि भारत माता उनकी है, जिन्होंने आजादी के समय इसके लिए शहादतें दी। उसमें हमारा भी योगदान है। आरएसएस ने तो उस समय भी अंग्रेजों का साथ दिया था। इसके साथ ही उन्होंने भारत माता की जय का नारा भी लगाया।
एन्हांसमेंट के मुद्दे पर कांग्रेस, इनेलो ने सरकार को घेरा
हरियाणा विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस और इनेलो ने एचएसवीपी के सेक्टरों में आवंटित प्लॉट पर एन्हांसमेंट का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने इस पर चर्चा के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी दिया है, जिसे अभी स्वीकार नहीं किया गया है। शून्यकाल में मुद्दे को उठाते हुए विधायक अभय चौटाला ने कहा कि प्लॉट की कीमत से ज्यादा एन्हांसमेंट डाली गई है। प्लॉट व फ्लैट की कीमत अगर 32 लाख है तो एन्हांसमेंट 50 लाख रुपये है।
सरकार ने तीन जजों की समिति बनाई थी, उसकी रिपोर्ट को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन धरातल पर लागू नहीं किया है। एन्हांसमेंट की दूसरी गणना करने में आनाकानी की जा रही है, जिससे आवंटी परेशान हैं। उन्हें जल्दी राहत दी जाए। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने स्पीकर से कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है। एक लाख से अधिक आवंटी इससे प्रभावित हैं। कांग्रेस ने इस पर चर्चा के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है, उसे स्वीकार किया जाए।
सरकार ने तीन जजों की समिति बनाई थी, उसकी रिपोर्ट को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन धरातल पर लागू नहीं किया है। एन्हांसमेंट की दूसरी गणना करने में आनाकानी की जा रही है, जिससे आवंटी परेशान हैं। उन्हें जल्दी राहत दी जाए। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने स्पीकर से कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है। एक लाख से अधिक आवंटी इससे प्रभावित हैं। कांग्रेस ने इस पर चर्चा के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है, उसे स्वीकार किया जाए।
पुलिस व विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के 801 केस दर्ज
हरियाणा में भ्रष्ट अफसरों पर दर्ज मामलों में कार्रवाई और भ्रष्टाचार निरोधक दिवस पर हुए खर्च को लेकर सदन में माहौल गरम रहा। इनेलो के इकलौते विधायक अभय चौटाला ने प्रश्नकाल में इस पर सरकार को घेरा। उनकी स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता से नोकझोंक भी हुई। गृह मंत्री अनिल विज ने स्थिति को देखते हुए मोर्चा संभाला और आंकड़ों के जरिए विधायक को चुप करा दिया।
विज ने अभय को बताया कि जनवरी 2015 से दिसंबर 2019 तक पुलिस व विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के 801 केस दर्ज किए। इनमें से 250 केस पुलिस और 551 विजिलेंस ने पंजीकृत किए हैं। कुल 567 केस को कोर्ट भेजा गया। 107 रद्द हो गए। 112 में आरोपियों को सजा हुई। 193 केस में आरोपी अधिकारी, कर्मचारी बरी हुए। 34 केस में सरकार सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील में गई हुई है। भ्रष्टाचार के 120 मामलों में अभी जांच चल रही है। 262 केस न्यायालयों में विचाराधीन हैं। 17 केस ट्रेस नहीं हो पाए।
अभय ने सवाल उठाते हुए कहा कि सजा की दर बहुत कम है। भ्रष्टाचार रोकने वाले मंत्री के ऐसे जवाब से भ्रष्टाचार रुकने के बजाय बढ़ेगा। पुलिस, विजिलेंस ने जिन अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए थे, किस कारण वे बरी हो गए। उनके मामले में सरकार ने दोषी पुलिस व विजिलेंस अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है। चूंकि, भ्रष्टाचार के मामले में पकड़े जाने पर उन्हें अपमानित होना पड़ा।
विज ने अभय को बताया कि जनवरी 2015 से दिसंबर 2019 तक पुलिस व विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के 801 केस दर्ज किए। इनमें से 250 केस पुलिस और 551 विजिलेंस ने पंजीकृत किए हैं। कुल 567 केस को कोर्ट भेजा गया। 107 रद्द हो गए। 112 में आरोपियों को सजा हुई। 193 केस में आरोपी अधिकारी, कर्मचारी बरी हुए। 34 केस में सरकार सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील में गई हुई है। भ्रष्टाचार के 120 मामलों में अभी जांच चल रही है। 262 केस न्यायालयों में विचाराधीन हैं। 17 केस ट्रेस नहीं हो पाए।
अभय ने सवाल उठाते हुए कहा कि सजा की दर बहुत कम है। भ्रष्टाचार रोकने वाले मंत्री के ऐसे जवाब से भ्रष्टाचार रुकने के बजाय बढ़ेगा। पुलिस, विजिलेंस ने जिन अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए थे, किस कारण वे बरी हो गए। उनके मामले में सरकार ने दोषी पुलिस व विजिलेंस अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है। चूंकि, भ्रष्टाचार के मामले में पकड़े जाने पर उन्हें अपमानित होना पड़ा।
सरसों, सूरजमुखी, बाजरा खरीद पर बहस
विधायक अभय चौटाला ने सदन में सरसों, सूरजमुखी व बाजरे की खरीद पर कैप (सीमा तय करना) लगाने का मुद्दा भी जोरों से उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसा कर सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। उनकी फसल एक निश्चित मात्रा में ही खरीदी जा रही है। उसके बाद किसान अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचने पर मजबूर है। किसानों को इससे काफी नुकसान हो रहा है। दूसरा, सीएम ने पिछली बार विधानसभा में किसानों के जे फार्म के नाम पर हो रही धांधली के मामले में उनकी और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कमेटी बनाई थी और कहा था कि ये कमेटी मंडियों में जाकर सरकार को रिपोर्ट देगी।
अभय ने कहा कि मैं हैरान हूं, सीएम की इस घोषणा के बावजूद न तो इस कमेटी की अधिसूचना जारी हुई और न ही मंडियों की जांच के लिए उन्हें स्टाफ मिला। अब सरकार बताए कि सीएम की घोषणा के मायने क्या थे। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सरसों, सूरजमुखी व बाजरा खरीद पर लगी कैप का विरोध किया। इस पर मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि रिकार्ड निकालकर देख लो चौटाला सरकार और हुड्डा सरकार के पंद्रह साल के कार्यकाल में तीनों फसलों की इतनी खरीद नहीं हुई, जितनी मनोहर सरकार के छह साल में हुई है।
स्पीकर ने रोका तो भड़के अभय
इनेलो विधायक ने इस दौरान धान व किलोमीटर स्कीम घोटाले को भी उठाना शुरू कर दिया, जिस पर स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने उन्हें रोक दिया। गुप्ता ने कहा कि आप विशिष्ट सवाल ही पूछो, उससे भटको मत। इस पर अभय भड़क गए, उन्होंने कहा कि स्पीकर को नहीं, इससे मंत्री को तकलीफ होनी चाहिए, जिन्होंने जवाब देना है। मंत्री को तो कोई तकलीफ नहीं है।
गृहमंत्री अनिल विज ने बीच-बचाव करते हुए कहा कि 9 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार दिवस होता है, इस पर खूब ठहाके लगे। स्पीकर ने उन्हें बताया कि भ्रष्टाचार दिवस नहीं भ्रष्टाचार निरोधक दिवस होता है। विज तपाक से बोले कि वैसे तो आग बुझाने वाली गाड़ियों को भी फायर ब्रिगेड कहते हैं।
इसके बाद अभय व स्पीकर में अनुपूरक सवाल पूछने को लेकर भी बहस हो गई। इस पर अभय ने ज्ञान चंद गुप्ता को कहा कि आपका दिल स्पीकर की कुर्सी पर नहीं लगता। अभय ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक दिवस मनाने में साढ़े पांच लाख रुपये बर्बाद किए गए। उसका कोई फायदा नहीं हुआ।
अभय ने कहा कि मैं हैरान हूं, सीएम की इस घोषणा के बावजूद न तो इस कमेटी की अधिसूचना जारी हुई और न ही मंडियों की जांच के लिए उन्हें स्टाफ मिला। अब सरकार बताए कि सीएम की घोषणा के मायने क्या थे। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सरसों, सूरजमुखी व बाजरा खरीद पर लगी कैप का विरोध किया। इस पर मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि रिकार्ड निकालकर देख लो चौटाला सरकार और हुड्डा सरकार के पंद्रह साल के कार्यकाल में तीनों फसलों की इतनी खरीद नहीं हुई, जितनी मनोहर सरकार के छह साल में हुई है।
स्पीकर ने रोका तो भड़के अभय
इनेलो विधायक ने इस दौरान धान व किलोमीटर स्कीम घोटाले को भी उठाना शुरू कर दिया, जिस पर स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने उन्हें रोक दिया। गुप्ता ने कहा कि आप विशिष्ट सवाल ही पूछो, उससे भटको मत। इस पर अभय भड़क गए, उन्होंने कहा कि स्पीकर को नहीं, इससे मंत्री को तकलीफ होनी चाहिए, जिन्होंने जवाब देना है। मंत्री को तो कोई तकलीफ नहीं है।
गृहमंत्री अनिल विज ने बीच-बचाव करते हुए कहा कि 9 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार दिवस होता है, इस पर खूब ठहाके लगे। स्पीकर ने उन्हें बताया कि भ्रष्टाचार दिवस नहीं भ्रष्टाचार निरोधक दिवस होता है। विज तपाक से बोले कि वैसे तो आग बुझाने वाली गाड़ियों को भी फायर ब्रिगेड कहते हैं।
इसके बाद अभय व स्पीकर में अनुपूरक सवाल पूछने को लेकर भी बहस हो गई। इस पर अभय ने ज्ञान चंद गुप्ता को कहा कि आपका दिल स्पीकर की कुर्सी पर नहीं लगता। अभय ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक दिवस मनाने में साढ़े पांच लाख रुपये बर्बाद किए गए। उसका कोई फायदा नहीं हुआ।
सभी रेलवे फाटकों पर आरओबी या आरयूबी बनाए जाएंगे
हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि सभी रेलवे फाटकों पर आरओबी या आरयूबी बनाए जाएंगे। इससे प्रदेश फाटक मुक्त हो जाएगा। सरकार ने भारतीय रेलवे मंत्रालय के साथ समझौता किया है। एचएसआईआईडीसी पर आरओबी, आरयूबी के निर्माण की देखरेख का जिम्मा रहेगा। उन्होंने प्रश्नकाल में सदन को अवगत करवाया कि बादली के पेलपा गांव के एक ओर राज्यीय राजमार्ग है और दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग है। एक ओर कुंडली-मानेसर एक्सप्रेस वे लगता है।
विभाग ने अध्ययन में पाया कि उस सड़क की दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) दिसंबर 2020 तक है। इसके बाद विभाग इन तीन स्थानों पर जमीन लेकर बाईपास का निर्माण करवाएगा। पेलपा, सुबाना, सौंधी व केएमपी के साथ लगते अन्य स्थानों पर पैनासोनिक जैसी कई कंपनियों ने अपनी इकाईयां स्थापित की हैं। यहां पर औद्योगिक विकास और अधिक हो, इसलिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए उद्योगों से भी सहयोग लिया जाएगा।
प्रदेश में 602 गोशालाएं, 26 में ही चिकित्सा सुविधा
प्रदेश में कुल 602 गोशालाएं मौजूद हैं। इनमें से 26 गोशालाओं में ही 14 पशु सर्जन और 26 पशुधन विकास सहायक नियुक्त हैं। 576 गौशालाओं में नजदीक के पशु अस्पतालों और पशु डिस्पेंसरी से चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने इंद्री से भाजपा विधायक रामकुमार कश्यप के सवाल पर यह जानकारी दी। कश्यप ने कहा कि गांवों, शहरों व खेतों में लावारिस पशुओं की भरमार है। उनसे निजात दिलाएं। उन्होंने गौशालाओं को ग्रांट की राशि में कमी करने पर भी सवाल उठाए।
कॉलेज की भूमि को भाजपा नेताओं के चुंगल से कराएं मुक्त
कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने मामला उठाते हुए कहा कि हिसार जिले में एक कॉलेज की भूमि पर भाजपा नेताओं का कब्जा है। हाईकोर्ट ने भी कब्जा खाली कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार कब्जा क्यों नहीं हटा रही। इस पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल पहले तो कुछ कहने से बचते रहे पर जब बिश्नोई ने दबाव डाला तो मंत्री ने कहा कि कोर्ट के आदेशों की अनुपालना करेंगे।
क्लस्टर में कचरे से ऊर्जा संयंत्र न लगे तो हर जिले में बनाएंगे
शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने कहा कि अगर क्लस्टर में कचरे से ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए कोई ठेकेदार आगे नहीं आता है तो भविष्य में हर जिले में ऐेसे संयंत्र स्थापित करने की नीति लाएंगे। उसमें ठेकेदार भी आगे आकर काम करेंगे। विज सदन में अंबाला शहर से विधायक असीम गोयल के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अंबाला-करनाल क्लस्टर में गांव पटवी में संयंत्र लगाने के लिए निविदाएं मांगी थीं, लेकिन कठिन शर्तों के कारण कोई आगे नहीं आया। इसके लिए नियमों में बदलाव कर जल्दी दोबारा टेंडर मांगे जाएंगे।
विभाग ने अध्ययन में पाया कि उस सड़क की दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) दिसंबर 2020 तक है। इसके बाद विभाग इन तीन स्थानों पर जमीन लेकर बाईपास का निर्माण करवाएगा। पेलपा, सुबाना, सौंधी व केएमपी के साथ लगते अन्य स्थानों पर पैनासोनिक जैसी कई कंपनियों ने अपनी इकाईयां स्थापित की हैं। यहां पर औद्योगिक विकास और अधिक हो, इसलिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए उद्योगों से भी सहयोग लिया जाएगा।
प्रदेश में 602 गोशालाएं, 26 में ही चिकित्सा सुविधा
प्रदेश में कुल 602 गोशालाएं मौजूद हैं। इनमें से 26 गोशालाओं में ही 14 पशु सर्जन और 26 पशुधन विकास सहायक नियुक्त हैं। 576 गौशालाओं में नजदीक के पशु अस्पतालों और पशु डिस्पेंसरी से चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने इंद्री से भाजपा विधायक रामकुमार कश्यप के सवाल पर यह जानकारी दी। कश्यप ने कहा कि गांवों, शहरों व खेतों में लावारिस पशुओं की भरमार है। उनसे निजात दिलाएं। उन्होंने गौशालाओं को ग्रांट की राशि में कमी करने पर भी सवाल उठाए।
कॉलेज की भूमि को भाजपा नेताओं के चुंगल से कराएं मुक्त
कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने मामला उठाते हुए कहा कि हिसार जिले में एक कॉलेज की भूमि पर भाजपा नेताओं का कब्जा है। हाईकोर्ट ने भी कब्जा खाली कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार कब्जा क्यों नहीं हटा रही। इस पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल पहले तो कुछ कहने से बचते रहे पर जब बिश्नोई ने दबाव डाला तो मंत्री ने कहा कि कोर्ट के आदेशों की अनुपालना करेंगे।
क्लस्टर में कचरे से ऊर्जा संयंत्र न लगे तो हर जिले में बनाएंगे
शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने कहा कि अगर क्लस्टर में कचरे से ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए कोई ठेकेदार आगे नहीं आता है तो भविष्य में हर जिले में ऐेसे संयंत्र स्थापित करने की नीति लाएंगे। उसमें ठेकेदार भी आगे आकर काम करेंगे। विज सदन में अंबाला शहर से विधायक असीम गोयल के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अंबाला-करनाल क्लस्टर में गांव पटवी में संयंत्र लगाने के लिए निविदाएं मांगी थीं, लेकिन कठिन शर्तों के कारण कोई आगे नहीं आया। इसके लिए नियमों में बदलाव कर जल्दी दोबारा टेंडर मांगे जाएंगे।
राजा नाहर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पुराने दिन लाने में सरकार जुट गई
हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित राजा नाहर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पुराने दिन लाने में सरकार जुट गई है। इसके जीर्णोद्धार पर कुल 115 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। जीर्णोद्वार का 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह ने प्रश्नकाल में यह जानकारी दी। वह हिसार से भाजपा विधायक डॉ. कमल गुप्ता के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नाहर स्टेडियम का निर्माण वर्ष 1987 में किया गया था। यहां पर आठ एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच व छह महिला एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच हो चुके हैं।
यहां फिर से अंतरराष्ट्रीय मैच कराना सरकार की प्राथमिकता है। संदीप ने बताया कि हिसार में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। नया स्टेडियम बनाने में लगभग दो सौ करोड़ का बजट चाहिए। खेल विभाग के पास पहले ही बजट की कमी है। क्रिकेट के लिए वैसे भी निजी एसोसिएशन बनी हुई हैं। वे ही इसका सारा कामकाज देखती हैं। भविष्य में बजट होने पर इस पर विचार करेंगे। इस पर कमल गुप्ता ने कहा कि पूर्व सरकार में सीएम मनोहर लाल ने जमीन मिलने पर क्रिकेट स्टेडियम निर्माण की घोषणा की थी।
70 एकड़ जमीन के दस्तावेज सहित स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव उन्होंने सरकार को भेजा हुआ है। हिसार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ ही बेहतर रेल व सड़क कनेक्टिविटी भी है। स्टेडियम बनाकर पर्यटन उद्योग को बढ़ावा दे सकते हैं। खेल मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि क्रिकेट की खेल प्रतिभाओं के लिए जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों का उभरकर आना जरूरी है। आम तौर पर क्रिकेट अकादमियां प्राइवेट स्तर पर चलाई जाती हैं।
खेल विभाग के बजट में से अगर कोच और कर्मचारियों के वेतन, खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को निकाल दिया जाए तो केवल 130 करोड़ रुपये की राशि शेष रह जाती है। हिसार में महावीर स्टेडियम एक अच्छा स्टेडियम है, जहां पर 15 खेल खेले जाते हैं और यहां से 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं। इस स्टेडियम में 12 कोच नियुक्त हैं। कमल गुप्ता ने कहा कि स्टेडियम का निर्माण तो पूंजीगत व्यय से होगा। राजस्व व्यय से नहीं, इसलिए बजट कम होने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
यहां फिर से अंतरराष्ट्रीय मैच कराना सरकार की प्राथमिकता है। संदीप ने बताया कि हिसार में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। नया स्टेडियम बनाने में लगभग दो सौ करोड़ का बजट चाहिए। खेल विभाग के पास पहले ही बजट की कमी है। क्रिकेट के लिए वैसे भी निजी एसोसिएशन बनी हुई हैं। वे ही इसका सारा कामकाज देखती हैं। भविष्य में बजट होने पर इस पर विचार करेंगे। इस पर कमल गुप्ता ने कहा कि पूर्व सरकार में सीएम मनोहर लाल ने जमीन मिलने पर क्रिकेट स्टेडियम निर्माण की घोषणा की थी।
70 एकड़ जमीन के दस्तावेज सहित स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव उन्होंने सरकार को भेजा हुआ है। हिसार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ ही बेहतर रेल व सड़क कनेक्टिविटी भी है। स्टेडियम बनाकर पर्यटन उद्योग को बढ़ावा दे सकते हैं। खेल मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि क्रिकेट की खेल प्रतिभाओं के लिए जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों का उभरकर आना जरूरी है। आम तौर पर क्रिकेट अकादमियां प्राइवेट स्तर पर चलाई जाती हैं।
खेल विभाग के बजट में से अगर कोच और कर्मचारियों के वेतन, खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को निकाल दिया जाए तो केवल 130 करोड़ रुपये की राशि शेष रह जाती है। हिसार में महावीर स्टेडियम एक अच्छा स्टेडियम है, जहां पर 15 खेल खेले जाते हैं और यहां से 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं। इस स्टेडियम में 12 कोच नियुक्त हैं। कमल गुप्ता ने कहा कि स्टेडियम का निर्माण तो पूंजीगत व्यय से होगा। राजस्व व्यय से नहीं, इसलिए बजट कम होने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
आरोही स्कूलों की सुध ले सरकार, हालात हैं खराब
हरियाणा विधानसभा में आरोही स्कूलों के बदतर हालात का मामला भी गूंजा। पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक गीता भुक्कल ने इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से जवाब तलब किया। उल्लेखनीय है कि 20 फरवरी के अंक में ‘अमर उजाला’ ने आरोही स्कूलों के मामले को प्रमुखता से उठाया था। विधायक धर्मपाल छौक्कर ने पुलिस कर्मियों के दूसरे राज्यों में जाने पर बसों में मुफ्त यात्रा बहाली का मुद्दा उठाया। इस मामले को भी ‘अमर उजाला’ ने पिछले दिनों प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
आरोही स्कूल मामले में गीता भुक्कल ने कहा कि हरियाणा के शैक्षिक पिछड़े ब्लाक में चल रहे 36 आरोही स्कूलाें के हालात इस वक्त बेहद खराब हैं। इस संदर्भ में वर्षों से स्टाफ की मांगे व मुद्दे अटके हैं। जिसके चलते स्टाफ अब नौकरी छोड़कर अन्य विकल्प ढूंढ रहा है। जिस स्टाफ को 2018 में रेगुलर हो जाना था, उनके सर्विस रूल ही अभी तक नेाटिफाई नहीं हो पाए हैं। भुक्कल ने कहा कि हजारों की संख्या वाले इन स्कूलों में सिर्फ 17 प्राचार्य, 297 पीजीटी और12 लाइब्रेरियन का स्टाफ है।
जबकि अधिकृत पद बहुत ज्यादा है। उन्होंने सरकार से मामले में जवाब मांगा है। उधर, विधायक धर्मपाल छौक्कर ने कहा कि पुलिस कर्मचारी पहले जब सरकारी काम के चलते दूसरे राज्यों में जाते हैं, तो प्रदेश की सरकारी बसों में उनका किराया नहीं लगता था। मगर अब दूसरे राज्यों में जाने के लिए पुलिस कर्मियों को किराया खर्च करना पड़ रहा है। जोकि ठीक नहीं है।
आरोही स्कूल मामले में गीता भुक्कल ने कहा कि हरियाणा के शैक्षिक पिछड़े ब्लाक में चल रहे 36 आरोही स्कूलाें के हालात इस वक्त बेहद खराब हैं। इस संदर्भ में वर्षों से स्टाफ की मांगे व मुद्दे अटके हैं। जिसके चलते स्टाफ अब नौकरी छोड़कर अन्य विकल्प ढूंढ रहा है। जिस स्टाफ को 2018 में रेगुलर हो जाना था, उनके सर्विस रूल ही अभी तक नेाटिफाई नहीं हो पाए हैं। भुक्कल ने कहा कि हजारों की संख्या वाले इन स्कूलों में सिर्फ 17 प्राचार्य, 297 पीजीटी और12 लाइब्रेरियन का स्टाफ है।
जबकि अधिकृत पद बहुत ज्यादा है। उन्होंने सरकार से मामले में जवाब मांगा है। उधर, विधायक धर्मपाल छौक्कर ने कहा कि पुलिस कर्मचारी पहले जब सरकारी काम के चलते दूसरे राज्यों में जाते हैं, तो प्रदेश की सरकारी बसों में उनका किराया नहीं लगता था। मगर अब दूसरे राज्यों में जाने के लिए पुलिस कर्मियों को किराया खर्च करना पड़ रहा है। जोकि ठीक नहीं है।
सीएम साहब.. महिला सरपंचों को फ्रंट फुट, उनके पतियों पर बैकफुट पर लाओ
विधायक नैना सिंह चौटाला ने बुधवार को विधानसभा में प्रदेश की महिलाओं को राजनीतिक व सामाजिक रूप से सशक्त करने के लिए महिला सरपंचों को फ्रंट फुट पर लाने की मांग की। उन्होंने सरकारी स्कूलों व निजी स्कूलों में समानता लाने के लिए विद्यार्थियों को टेबल व बैंच उपलब्ध करवाने, शिक्षा की गुणवत्ता में और मिड-डे मिल की क्वालिटी में सुधार करने, आंगनबाड़ी केंद्रों में बागवानी शुरू करने व प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं के लिए ठोस कदम उठाने का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार आज भी अनेक ऐसे सरकारी स्कूल हैं जहां बच्चों को जमीन पर टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है।
नैना ने कहा कि प्रदेश में पढ़ी लिखी पंचायतों के गठन होने के बावजूद भी महिला सरपंचों को राजनीतिक व सामाजिक रूप से आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत के अधिकतर सरकारी व गैर सरकारी कार्य महिला सरपंचों के पतियों द्वारा किए जाते हैं। महिला सरपंच की सक्रियता न के बराबर रहती है। नैना चौटाला ने सरकार से मांग की कि सरकार ऐसा प्रावधान करे कि महिला सरपंच ही पंचायतों के कार्य स्वयं निपटाने के लिए आगे आएं।
इसके लिए सरकार को महिला सरपंचों को सुविधाएं देने और उन्हें जागरूक करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में चिकित्सा सेवाएं श्रेष्ठ बनाने के लिए सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की नियुक्ति करने, चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाने व बीमारियों के लिए विभिन्न प्रकार के मेडिकल टेस्ट की निशुल्क सुविधाएं गांवों में देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में दवाएं पूरी उपलब्ध नहीं हो पाती हैं।
नैना ने कहा कि प्रदेश में पढ़ी लिखी पंचायतों के गठन होने के बावजूद भी महिला सरपंचों को राजनीतिक व सामाजिक रूप से आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत के अधिकतर सरकारी व गैर सरकारी कार्य महिला सरपंचों के पतियों द्वारा किए जाते हैं। महिला सरपंच की सक्रियता न के बराबर रहती है। नैना चौटाला ने सरकार से मांग की कि सरकार ऐसा प्रावधान करे कि महिला सरपंच ही पंचायतों के कार्य स्वयं निपटाने के लिए आगे आएं।
इसके लिए सरकार को महिला सरपंचों को सुविधाएं देने और उन्हें जागरूक करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में चिकित्सा सेवाएं श्रेष्ठ बनाने के लिए सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की नियुक्ति करने, चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाने व बीमारियों के लिए विभिन्न प्रकार के मेडिकल टेस्ट की निशुल्क सुविधाएं गांवों में देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में दवाएं पूरी उपलब्ध नहीं हो पाती हैं।
धौलीदारों को जमीन के मालिकाना हक का मामला उठा
सदन में विधायक कुलदीप वत्स और रामकुमार (दादा) गौतम ने धौलीदारों को दी गई जमीन के मालिकाना हक का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि जिस जमीन का हक पूर्व कांग्रेस के कार्यकाल में लोगों को दिया गया था, सरकार उनसे जमीन वापस क्यों लेना चाहती है। इस पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार इस मामले में ऐसा कुछ नहीं कर रही है।
उन्होंने एक्ट में इस संदर्भ में परिभाषा को पढ़ते हुए स्पष्ट किया कि पंचायती जमीन को कोई भी व्यक्ति कैसे किसी को दान में देकर उसे उसका मालिक बना सकता है। निजी जमीन दान में दी जा सकती है न कि पंचायती जमीनें। बिना वजह इस मामले में गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार जिस जमीन की मालिक पंचायत हैं, उसे किसी ओर को कैसे ट्रांसफर किया जा सकता है।
इस पर विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि जब गोचरान की जमीन सरकार वापस नहीं ले सकती तो, धौलीदारों को दी जमीन क्यों वापस लेना चाहती है। इस पर दुष्यंत ने कहा कि इस मामले में एक्ट में दी परिभाषा को समझने व पढ़ने की जरूरत है और सरकार अपना काम एक्ट के तहत ही कर रही है।
उन्होंने एक्ट में इस संदर्भ में परिभाषा को पढ़ते हुए स्पष्ट किया कि पंचायती जमीन को कोई भी व्यक्ति कैसे किसी को दान में देकर उसे उसका मालिक बना सकता है। निजी जमीन दान में दी जा सकती है न कि पंचायती जमीनें। बिना वजह इस मामले में गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार जिस जमीन की मालिक पंचायत हैं, उसे किसी ओर को कैसे ट्रांसफर किया जा सकता है।
इस पर विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि जब गोचरान की जमीन सरकार वापस नहीं ले सकती तो, धौलीदारों को दी जमीन क्यों वापस लेना चाहती है। इस पर दुष्यंत ने कहा कि इस मामले में एक्ट में दी परिभाषा को समझने व पढ़ने की जरूरत है और सरकार अपना काम एक्ट के तहत ही कर रही है।