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युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनिंदर की मौत से तिवारी गुट को ज्यादा नुकसान
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 12 Mar 2016 09:16 AM IST
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ढिल्लो
- फोटो : amar ujala
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युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मनिंदर सिंह ढिल्लो (34) की सड़क हादसे में मौत से कांग्रेस को काफी क्षति हुई है। ढिल्लो एक ऐसा नेता थे जो कि वादे और जुबान के पक्के थे। चाहे उनका कितना नुकसान हो जाए, इसकी वह परवाह नहीं करते थे। सबसे ज्यादा क्षति पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी के गुट को हुई है।
क्योंकि ढिल्लो तिवारी गुट के सबसे सक्रिय सदस्य थे। ढिल्लो की ओर से तिवारी को शहर में प्रचारित करने के लिए कई पब्लिक मीटिंग भी आयोजित गई। जबकि दो साल पहले तक ढिल्लो पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के करीबी थे। युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने में बंसल ने अहम भूमिका निभाई।
साढ़े तीन साल पहले हुए चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए ढिल्लो और हरमेल केसरी के बीच मुकाबला हुआ था। बंसल ने ढिल्लो का साथ दिया और वह जीत गए। जबकि केसरी को युवा कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनना पड़ा। ढिल्लो अपने परिवार के साथ मनीमाजरा में रहते थे, उनके दो बेटे भी हैं।
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ढिल्लो की मौत से मनीमाजरा में सदमे का माहौल है। ढिल्लो को पिछले नगर निगम चुनाव में एक बार पार्टी का टिकट मिल गया था। लेकिन किसी कारण उनसे टिकट वापस लेकर चितरंजन चंचल को टिकट दे दिया गया। मनिंदर की मौत पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल, कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा, पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी, पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली, इंटक अध्यक्ष कुलबीर सिंह ने गहरा शोक जताया है। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि ढिल्लो की मौत से पार्टी को काफी क्षति हुई है। ढिल्लो एक मेहनती नेता थे।
पाली के लिए प्रचार किया
चंडीगढ़ क्लब चुनाव में पार्टी के अधिकतर सीनियर नेता संदीप साहनी के साथ थे। लेकिन युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मनिंदर सिंह अकेले ऐसे कांग्रेस नेता थे, जो खुलकर पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली के लिए वोट मांग रहे थे और मतदान के दिन भी उनके साथ थे।
खुले दिल के थे मनिंदर
युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरमेल केसरी का कहना है कि मनिंदर ढिल्लो खुले दिल के युवा नेता थे। उन्होंने जिस किसी से कोई वादा किया वह पूरा करते थे। केसरी का कहना है कि जब से उन्हें मौत की जानकारी मिली है, उनके खुद के हाथ पांव कांप रहे हैं।
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क्योंकि ढिल्लो तिवारी गुट के सबसे सक्रिय सदस्य थे। ढिल्लो की ओर से तिवारी को शहर में प्रचारित करने के लिए कई पब्लिक मीटिंग भी आयोजित गई। जबकि दो साल पहले तक ढिल्लो पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के करीबी थे। युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने में बंसल ने अहम भूमिका निभाई।
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साढ़े तीन साल पहले हुए चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए ढिल्लो और हरमेल केसरी के बीच मुकाबला हुआ था। बंसल ने ढिल्लो का साथ दिया और वह जीत गए। जबकि केसरी को युवा कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनना पड़ा। ढिल्लो अपने परिवार के साथ मनीमाजरा में रहते थे, उनके दो बेटे भी हैं।
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ढिल्लो की मौत से मनीमाजरा में सदमे का माहौल है। ढिल्लो को पिछले नगर निगम चुनाव में एक बार पार्टी का टिकट मिल गया था। लेकिन किसी कारण उनसे टिकट वापस लेकर चितरंजन चंचल को टिकट दे दिया गया। मनिंदर की मौत पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल, कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा, पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी, पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली, इंटक अध्यक्ष कुलबीर सिंह ने गहरा शोक जताया है। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि ढिल्लो की मौत से पार्टी को काफी क्षति हुई है। ढिल्लो एक मेहनती नेता थे।
पाली के लिए प्रचार किया
चंडीगढ़ क्लब चुनाव में पार्टी के अधिकतर सीनियर नेता संदीप साहनी के साथ थे। लेकिन युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मनिंदर सिंह अकेले ऐसे कांग्रेस नेता थे, जो खुलकर पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली के लिए वोट मांग रहे थे और मतदान के दिन भी उनके साथ थे।
खुले दिल के थे मनिंदर
युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरमेल केसरी का कहना है कि मनिंदर ढिल्लो खुले दिल के युवा नेता थे। उन्होंने जिस किसी से कोई वादा किया वह पूरा करते थे। केसरी का कहना है कि जब से उन्हें मौत की जानकारी मिली है, उनके खुद के हाथ पांव कांप रहे हैं।