पीएम की सुरक्षा में चूक: केंद्र व पंजाब सरकार में टकराव बढ़ने के आसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल व भाजपा घेरने में जुटी
पंजाब सरकार और केंद्र के बीच टकराव बढ़ सकता है। पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक के बाद केंद्र व राज्य सरकार में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। केंद्रीय मंत्रियों ने पंजाब सरकार को कटघरे में खड़ा किया तो वहीं सीएम चन्नी ने अपने अधिकारियों का बचाव किया।
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प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर हुई सुरक्षा में चूक पर पंजाब सरकार व केंद्र में टकराव के आसार बढ़ गए हैं। केंद्र सरकार के तमाम मंत्रियों व नेताओं ने पंजाब सरकार पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया तो सीएम चन्नी भी आक्रामक अंदाज में सामने आ गए हैं। पंजाब में चुनाव आचार संहिता लगने का वक्त भी निकट आ चुका है, ऐसे में पंजाब के पुलिस अधिकारियों को जवाबतलबी के लिए दिल्ली बुलाया जा सकता है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा है कि जवाबदेही तय की जाएगी। हालांकि पंजाब के सीएम चन्नी ने सुरक्षा चूक में साफ इनकार किया है।
दरअसल, केंद्रीय अधिकारियों के समन्वय से प्रधानमंत्री के आगमन और प्रस्थान को लेकर एक आपात रणनीति भी तय की जाती है। कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री को हेलीकाप्टर से जाना है तो कैसे जाएंगे और आकस्मिक परिस्थितियों में यदि सड़क से जाना पड़ा तो उनका काफिला कैसे जाएगा? इसकी बाकायदा रिहर्सल होती है और सारा रोड मैप पहले से ही तैयार होता है।
प्रधानमंत्री के काफिले की रवानगी से लगभग 10 मिनट पहले आरओपी यानी रोड ओपनिंग टीम चलती है, जो रास्ता खुलवाती जाती है। प्रधानमंत्री का काफिला गुजरता है तो स्थानीय पुलिस के जवान भी जगह-जगह मुस्तैद रहते हैं। पूरे रूट की जानकारी बेहद गोपनीय रखी जाती है। एसपीजी और स्थानीय पुलिस के उच्चाधिकारियों को ही इस रास्ते और गतिविधि की जानकारी होती है। रास्ते में हर मोड़ पर पुलिस अधिकारी तैनात होते हैं ताकि काफिले के रास्ते में कोई बाधा न बने।
लिहाजा, केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराया है कि पीएम का रूट क्लीयर क्यों नहीं किया गया? पीएम मोदी 20 मिनट तक संवेदनशील इलाके में खड़े रहे। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, नरेंद्र सिंह तोमर, गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल खुलकर पंजाब सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने तो यहां तक कह दिया कि सीएम ने फोन नहीं उठाया। भाजपा राष्ट्रीय प्रधान जेपी नड्डा उनको लगातार फोन करते रहे। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, एमपी के सीएम शिवराज चौहान से लेकर भाजपा के तमाम सीएम ने पंजाब सरकार को घेर लिया है।
पंजाब की तरफ से सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ही खुलकर सामने आए हैं। जिस तरह से उन्होंने पत्रकार वार्ता कर उत्तर दिए हैं, उससे आने वाले दिनों में केंद्र व राज्य के बीच जबरदस्त टकराव होने की आशंका पैदा हो गई है। सीएम चन्नी ने तो अपने अधिकारियों का बचाव करते हुए कहा कि पीएम की सुरक्षा में चूक नहीं हुई है। सूत्रों की मानें तो पंजाब पुलिस के उच्चाधिकारियों पर दिल्ली दरबार से गाज गिराने की तैयारी हो रही है।