चंडीगढ़: कहीं शौचालयों में गंदगी तो कहीं झड़ रहा सीमेंट, छत से टपक रहा पानी
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चंडीगढ़ ने स्वच्छ भारत अभियान के लिए बेशक ओडीएफ प्लस प्लस की श्रेणी में आवेदन किया हो, लेकिन शौचालयों की स्थिति तो कुछ और बयां कर रही है। कहीं शौचालयों में गंदगी पड़ी है तो कहीं सीमेंट झड़ रहा है। छत से पानी भी टपक रहा है। इतना ही नहीं कहीं काई जमी हुई थी। ऐसे में कितना भी जोर लगा लें, लेकिन बेहतर पायदान का सपना पूरा होने से फिर पीछे रह जाएंगे। शहर में कुल 289 सार्वजनिक शौचालय हैं, वहीं 29 सामुदायिक शौचालय हैं। जरूरत के अनुसार मोबाइल टॉयलेट लगवाए जाते हैं।
स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत इस वर्ष चंडीगढ़ 66वें स्थान पर खिसक गया था। इसके बाद प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने सभी विभागों की बैठक कर इस बार कमर कसने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में विभागों को लक्ष्य निर्धारित कर स्वयं समय-समय पर समीक्षा भी कर रहे हैं, लेकिन इसके परिणाम धरातल पर नहीं दिख रहे हैं। अभी भी शहर के मार्केट, पर्यटक स्थल पर शौचालयों की स्थिति दयनीय है, वहीं कचरे के ढेर सिटी ब्यूटीफुल को शर्मसार कर रहे हैं।
कहीं बने स्मार्ट टॉयलेट, तो कहीं टपक रहा पानी
नगर निगम ने शहर की प्रमुख मार्केटों सहित कुछ स्थानों पर 30 नए स्मार्ट टॉयलेट बनाए हैं। इनमें व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, लेकिन सेक्टर-22 में टॉयलेट की स्थिति दयनीय है। वहां फर्श क्षतिग्रस्त पड़ा था। छत में सीलन आ गई थी। सेक्टर-15 मार्केट में दुर्गंध के कारण लोगों का अंदर जाना मुश्किल था। सेक्टर-20 की मार्केट में बने टॉयलेट की हालत तो काफी गंभीर है। वहां टॉयलेट के रखखाव के लिए तैनात व्यक्ति को छत से टपकते पानी से बचाव के लिए तिरपाल का सहारा लेना पड़ता है।
पर्यटन स्थल के शौचालय भी कर रहे है शर्मसार
अपने पर्यटन स्थलों के लिए सिटी ब्यूटीफुल हमेशा से चर्चित रहा है। सुखना लेक हो या गार्डन लोगों का मन मोह लेते हैं, लेकिन यहां के शौचालय भी बेहतर स्थिति में नहीं हैं। शहर की सबसे ज्यादा भीड़ वाली जगह सुखना लेक का शौचालय गंदा पड़ा हुआ था। फर्श की सफाई तो ठीक थी, लेकिन छत पर सीलन के कारण पानी टपक रहा था। दूसरा शौचालय काफी गंदा पड़ा हुआ था। यही हाल रोज गार्डन के शौचालय का था। अब रोज फेस्टिवल आने वाला है, लेकिन यहां बने शौचालय की छत पूरी तरह खराब पड़ी है। हालत यह है कि अगर इसे समय रहते ठीक नहीं करवाया गया तो किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है।
सेक्टर-22 के मार्केट में बने दो शौचालय क्षतिग्रस्त अवस्था में है। एक शौचालय का निर्माण कार्य अभी चल रहा है। बाजार में आने वाले लोगों की भीड़ के हिसाब से सभी शौचालय ठीक अवस्था में होना आवश्यक है। -जसविंदर नागपाल, प्रधान सेक्टर-22
हमारे बाजार का शौचालय साफ है, लेकिन एक शिकायत है कि बाजार में भीड़ ज्यादा होती है तो जरूरत को देख कर एक और शौचालय का निर्माण करवाया जाना चाहिए।- नरेंद्र, प्रधान सेक्टर-19
शौचालय की स्थिति ठीक है। एक सफाईकर्मी भी है जो रोज उसे साफ भी करता है। बाजार में आने वाले लोग आराम से इसका प्रयोग करते है। -संतोष कुमार, दुकानदार, सेक्टर-18
शौचालय की हालत संतोषजनक है, लेकिन अभी थोड़े और सुधार की गुंजाइश है। शौचालय में एक नल है जिसमें से पानी बहता रहता है। नगर निगम को इस पर ध्यान देना चाहिए। -दिलीप, दुकानदार, सेक्टर-18
कोट्स
शहर की काफी मार्केट में स्मार्ट टॉयलेट बनवाए गए हैं। कुछ शौचालयों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। हमारा प्रयास है कि लोगों को साफ एवं स्वच्छ शौचालय उपलब्ध हों। इसके लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। -सरबजीत कौर, मेयर
शौचालय की स्वच्छता के लिए हमने लोगों को भी अब ताकत दे दी है। शौचालय के उपयोग के बाद उनका अनुभव कैसा रहा, इसके लिए फीडबैक मैसेज की व्यवस्था की गई है। लोग एप के माध्यम से भी शौचालय की स्थिति के बारे में बता सकते हैं। हमारा प्रयास है कि लोगों को दी जाने वाली सुविधा से उन्हें संतुष्ट किया जा सके। -आनिंदिता मित्रा, आयुक्त नगर निगम