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155 कंप्यूटर शिक्षक और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को बिना नोटिस नौकरी से निकाली, सभी टीचरों को अनुबंध के आधार पर किया गया था भर्ती
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चंडीगढ़। पिछले दस सालों से शहर के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 155 कंप्यूटर शिक्षकों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को वीरवार को बिना नोटिस नौकरी से निकाल दिया। ये सभी शिक्षक स्कूलों में अनुबंध के आधार पर भर्ती किए गए थे। इन सभी शिक्षकों को स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद पिछले चार महीने का वेतन भी नहीं दिया गया। इस पर शिक्षकों ने रोष जताते हुए कहा कि इस बारे में प्रशासक से बात की जाएगी। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वो कोर्ट का सहारा लेंगे।
सरकारी स्कूल में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों ने बताया कि उन्हें स्कूल हेड की तरफ से नौकरी से वीरवार को निकाले जाने की सूचना दी गई। शिक्षा विभाग ने लिखित रूप से शिक्षकों को कोई नोटिस नहीं जारी किया। शिक्षक ने बताया चार महीने पहले ठेकेदार से झगड़ा हुआ था, क्योंकि वह इन्हें काम पर बने रहने के लिए 12 से 15 हजार रुपये की मांग कर रहा था। इसके बाद शिक्षकों ने ठेकेदार की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी के साथ-साथ गवर्नर को दी थी। इस मामले में वर्ष 2016 में कैट भी निर्णय दे चुकी है कि यदि कोई ठेकेदार इस तरह से कर्मचारियों से पैसे मांगता है तो उसे ब्लैक लिस्ट कर हटाया जा सकता है।
जेम पोर्टल के जरिए हर साल होता है अनुबंध रिन्यू
शिक्षा विभाग में अनुबंध कर्मचारियों के लिए ठेकेदार हायर किया जाता है। यह ठेकेदार हर साल बदला जाता है। हर वर्ष जेम पोर्टल पर ठेकेदार बदलने की प्रक्रिया होती है, जिसमें सबसे कम बोली वाले ठेकेदार को हायर किया जाता है। इस वर्ष नया अनुबंध जून में किया गया था।
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प्रशासक को शिकायत सौंपने के बाद लेंगे कोर्ट का सहारा
कंप्यूटर शिक्षकों ने बताया कि मौखिक तौर पर ऑर्डर जारी करने और चार महीने का वेतन नहीं देने की शिकायत को प्रशासक सौंपेंगे। अगर प्रशासक की तरफ से संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती तो सभी शिक्षक कोर्ट का सहारा लेंगे।
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सरकारी स्कूल में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों ने बताया कि उन्हें स्कूल हेड की तरफ से नौकरी से वीरवार को निकाले जाने की सूचना दी गई। शिक्षा विभाग ने लिखित रूप से शिक्षकों को कोई नोटिस नहीं जारी किया। शिक्षक ने बताया चार महीने पहले ठेकेदार से झगड़ा हुआ था, क्योंकि वह इन्हें काम पर बने रहने के लिए 12 से 15 हजार रुपये की मांग कर रहा था। इसके बाद शिक्षकों ने ठेकेदार की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी के साथ-साथ गवर्नर को दी थी। इस मामले में वर्ष 2016 में कैट भी निर्णय दे चुकी है कि यदि कोई ठेकेदार इस तरह से कर्मचारियों से पैसे मांगता है तो उसे ब्लैक लिस्ट कर हटाया जा सकता है।
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जेम पोर्टल के जरिए हर साल होता है अनुबंध रिन्यू
शिक्षा विभाग में अनुबंध कर्मचारियों के लिए ठेकेदार हायर किया जाता है। यह ठेकेदार हर साल बदला जाता है। हर वर्ष जेम पोर्टल पर ठेकेदार बदलने की प्रक्रिया होती है, जिसमें सबसे कम बोली वाले ठेकेदार को हायर किया जाता है। इस वर्ष नया अनुबंध जून में किया गया था।
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प्रशासक को शिकायत सौंपने के बाद लेंगे कोर्ट का सहारा
कंप्यूटर शिक्षकों ने बताया कि मौखिक तौर पर ऑर्डर जारी करने और चार महीने का वेतन नहीं देने की शिकायत को प्रशासक सौंपेंगे। अगर प्रशासक की तरफ से संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती तो सभी शिक्षक कोर्ट का सहारा लेंगे।