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चंडीगढ़ः पीजी में आग लगने से तीन छात्राओं की हुई थी मौत, परिवार को मिला 3.80 लाख मुआवजा
Thu, 19 Mar 2020 01:50 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 19 Mar 2020 01:50 PM IST
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डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी (डीएलएसए) बीते दिनों सेक्टर-32 पीजी में लगी आग से हुई तीन छात्राओं के मौत के मामले में उनके परिवार को 3.80 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा प्रदान किया है। आग से हिसार की मुस्कान, फरीदकोट की पाक्षी और कपूरथला की रिया की मौत हो गई थी। तीनों पीड़िताओं को यह अंतरिम मुआवजा है।
अंतिम मुआवजा में इस राशि को एडजस्ट किया जाएगा। बुधवार को कुल 7 पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया गया। सात में से चार को फाइनल मुआवजा और तीन को अंतरिम राहत के लिए मुआवजा प्रदान किया गया है। डीएलएसए के सीजेएम सेक्रेटरी अशोक कुमार मान ने बताया कि उन्होंने अखबारों के माध्यम से जानकारी लेकर मामले से संबधित पुलिस थाने के सभी एसएचओ से एफआईआर की कॉपी मंगवाई। जांच अधिकारी के बयान दर्ज किए गए।
उसके बाद मृतकों के परिवार से संपर्क कर उन्हें आने के लिए कहा गया। इसके बाद परिवार सभी के परिवारों को मुआवजा दिया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में 15-20 दिन का समय लगा। 25 फरवरी जांच अधिकारी (आईओ) से जानकारी मांगी गई। 28 को सभी आईओ आए और दो मार्च को सभी परिवार आए। बुधवार को सुनवाई के बाद सभी को मुआवजा दिया गया।
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अंतिम मुआवजा में इस राशि को एडजस्ट किया जाएगा। बुधवार को कुल 7 पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया गया। सात में से चार को फाइनल मुआवजा और तीन को अंतरिम राहत के लिए मुआवजा प्रदान किया गया है। डीएलएसए के सीजेएम सेक्रेटरी अशोक कुमार मान ने बताया कि उन्होंने अखबारों के माध्यम से जानकारी लेकर मामले से संबधित पुलिस थाने के सभी एसएचओ से एफआईआर की कॉपी मंगवाई। जांच अधिकारी के बयान दर्ज किए गए।
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उसके बाद मृतकों के परिवार से संपर्क कर उन्हें आने के लिए कहा गया। इसके बाद परिवार सभी के परिवारों को मुआवजा दिया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में 15-20 दिन का समय लगा। 25 फरवरी जांच अधिकारी (आईओ) से जानकारी मांगी गई। 28 को सभी आईओ आए और दो मार्च को सभी परिवार आए। बुधवार को सुनवाई के बाद सभी को मुआवजा दिया गया।
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सेक्टर-26 हत्या मामले में दस लाख मुआवजा
सेक्टर-26 मंडी में दिन दिहाड़े 18 वर्षीय युवती की हत्या मामले में पीड़िता के परिवार को डीएलएसए ने दस लाख रुपये मुआवजा दिया है। धनास निवासी सुनील ने 2017 में पीड़िता की चाकू से गला काटकर हत्या की थी। सेक्टर-26 मंडी में पीड़िता की स्टॉल थी। सुनील ने वहां जाकर पीड़िता को अपने साथ जाने के लिए कहा था। मना करने पर दोषी ने चाकू से उसकी गर्दन पर वार किया था। इसके बाद खून से लथपथ पीड़िता को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया था। जहां पीड़िता ने दम ताड़ दिया था। उसके बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
छह साल की पीड़िता को 7 लाख और दो को 5-5 लाख
इनमें तीन सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले हैं। सेक्टर-31 थाने में दर्ज सड़क दुर्घटना के एक मामले में छह साल की बच्ची की मौत हो गई थी। उसके परिवार को डीएसएलए की ओर से 7.5 लाख रुपये मुआवजा दिया गया है। पीड़िता का परिवार बहुत की गरीब है। इसके अलावा 2014 के सेक्टर-31 थाना और 2015 के मनीमाजरा थाने के सड़क दुर्घटना में हुई मौत मामले में मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा दिया गया है। इन तीनों मामलों में अज्ञात वाहन तो जब्त कर लिए गए, लेकिन आरोपियों का पता नहीं लग पाया। तीनों में मौत हुई इसलिए तीनों के परिवार को मुआवजा दिया गया।
छह साल की पीड़िता को 7 लाख और दो को 5-5 लाख
इनमें तीन सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले हैं। सेक्टर-31 थाने में दर्ज सड़क दुर्घटना के एक मामले में छह साल की बच्ची की मौत हो गई थी। उसके परिवार को डीएसएलए की ओर से 7.5 लाख रुपये मुआवजा दिया गया है। पीड़िता का परिवार बहुत की गरीब है। इसके अलावा 2014 के सेक्टर-31 थाना और 2015 के मनीमाजरा थाने के सड़क दुर्घटना में हुई मौत मामले में मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा दिया गया है। इन तीनों मामलों में अज्ञात वाहन तो जब्त कर लिए गए, लेकिन आरोपियों का पता नहीं लग पाया। तीनों में मौत हुई इसलिए तीनों के परिवार को मुआवजा दिया गया।