{"_id":"592f16024f1c1bac0dbdb714","slug":"community-center-booking-facility-will-also-be-available","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ऐप से जानें फाइलों का स्टेटस, कम्युनिटी सेंटर बुकिंग की भी मिलेगी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ऐप से जानें फाइलों का स्टेटस, कम्युनिटी सेंटर बुकिंग की भी मिलेगी सुविधा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 01 Jun 2017 09:12 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम में जल्द ही फाइल ट्रैकिंग सिस्टम शुरू होने जा रहा है। इसके लिए साफ्टवेयर तैयार हो चुका है। इस सिस्टम के तहत ऑनलाइन ऐप के माध्यम से यह पता चल जाएगा कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास है और किस स्टेटस में पड़ी है। नगर निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था का कहना है कि एक माह के भीतर फाइल ट्रैकिंग सिस्टम शुरू हो जाएगा।
वर्तमान में फाइलों के स्टेटस की कोई जानकारी लोगों को नहीं मिल पाती है। नया सिस्टम लागू होने से अब पार्षद और लोग घर बैठे ही देख पाएंगे कि प्रस्ताव एवं फाइल का क्या स्टेटस है। जबकि इस समय पार्षदों और लोगों का अधिकतर समय यह ही पता करने में चला जाता है कि फाइल कहां पर है।
वार्ड नंबर-1 के पार्षद महेश इंद्र सिद्धू का कहना है कि इस समय फाइल का पता करने के लिए अधिकारियों के पास धक्के खाने पड़ते हैं। उनका कहना है कि फाइल ट्रैकिंग सिस्टम की मांग पार्षद पिछले दो माह से कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस सिस्टम के लागू होने से पारदर्शिता भी आएगी। नगर निगम अपनी वेबसाइट भी नए सिरे से बना रहा है। एक माह में नगर निगम की नई वेबसाइट भी देखने को मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्तमान में फाइलों के स्टेटस की कोई जानकारी लोगों को नहीं मिल पाती है। नया सिस्टम लागू होने से अब पार्षद और लोग घर बैठे ही देख पाएंगे कि प्रस्ताव एवं फाइल का क्या स्टेटस है। जबकि इस समय पार्षदों और लोगों का अधिकतर समय यह ही पता करने में चला जाता है कि फाइल कहां पर है।
विज्ञापन
वार्ड नंबर-1 के पार्षद महेश इंद्र सिद्धू का कहना है कि इस समय फाइल का पता करने के लिए अधिकारियों के पास धक्के खाने पड़ते हैं। उनका कहना है कि फाइल ट्रैकिंग सिस्टम की मांग पार्षद पिछले दो माह से कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस सिस्टम के लागू होने से पारदर्शिता भी आएगी। नगर निगम अपनी वेबसाइट भी नए सिरे से बना रहा है। एक माह में नगर निगम की नई वेबसाइट भी देखने को मिलेगी।
विज्ञापन