फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Committee will investigate the grant of Rs 142 crore to Ropar district

निशाने पर पूर्व सीएम चन्नी: रोपड़ जिले को आवंटित किया 142 करोड़, 60 फीसदी राशि अपने विधानसभा क्षेत्र को दी, कमेटी करेगी जांच

Thu, 14 Jul 2022 10:55 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 14 Jul 2022 10:55 PM IST
सार

मुख्यमंत्री द्वारा गठित की गई विशेष जांच कमेटी को यह पता लगाने को कहा गया है कि 142 करोड़ रुपये ग्रांट की राशि कहां-कहां खर्च की गई, क्योंकि इस राशि का आवंटन पंजाब निर्माण कार्यक्रम के तहत किया गया था।

विज्ञापन
Committee will investigate the grant of Rs 142 crore to Ropar district
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति अपना रही पंजाब की भगवंत मान सरकार के निशाने पर अब पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी आ गए हैं। उन पर आरोप लगा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए 142 करोड़ रुपये की ग्रांट केवल रोपड़ जिले में ही बांट दी। उसमें से भी 60 फीसदी राशि उन्होंने अपने विधानसभा हलके चमकौर साहिब को दी। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले की जांच के लिए विशेष कमेटी का गठन कर दिया है। फिलहाल चन्नी इन दिनों विदेश में हैं। गौरतलब है कि पंजाब में अब तक पिछली कांग्रेस सरकार के मंत्री साधु सिंह धर्मसोत व संगत सिंह गिलजियां वन विभाग में भ्रष्टाचार, पूर्व परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बसों की खरीद में अनियमितता, खेल किटों और पीपी किटों की खरीद में पूर्व खेल मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री पर अंगुली उठने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी भी विवाद में घिर गए हैं। 
विज्ञापन


मुख्यमंत्री द्वारा गठित की गई विशेष जांच कमेटी को यह पता लगाने को कहा गया है कि 142 करोड़ रुपये ग्रांट की राशि कहां-कहां खर्च की गई, क्योंकि इस राशि का आवंटन पंजाब निर्माण कार्यक्रम के तहत किया गया था। यह सारी राशि अकेले रोपड़ जिले में चमकौर साहिब के अलावा श्री आनंदपुर साहिब और रोपड़ में वितरित कर दी गई। इस बीच, विशेष जांच टीम ने तीनों स्थानों के बीडीपीओ कार्यालयों का रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। विशेष कमेटी पता लगाएगी कि किस-किस काम के लिए कितना पैसा जारी किया गया और वह काम पूरे हुए या नहीं। कमेटी अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed