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पीयू एससी-एसटी छात्रवृत्ति मामले में आयोग ने 25 को बुलाई बैठक
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 19 दिसंबर को पीयू प्रशासन की ओर से एससी-एसटी वर्ग के छात्रों की रद्द की गई छात्रवृत्ति को बहाल करने की मांग उठाई थी। इस संदर्भ में एबीवीपी ने पीयू कुलपति, राष्ट्रीय एससी-एसटी आयोग, पंजाब एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष और पंजाब उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखा था। इस मामले में सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पीयू एबीवीपी अध्यक्ष अमित पूनियां के पत्र को संबोधित करते हुए 25 मार्च को बैठक बुलाई है।
पूनियां ने कहा कि आयोग ने 25 मार्च को दोपहर 12 बजे लोकनायक भवन, खान मार्केट, नई दिल्ली में पीयू कुलपति, चीफ सेक्रेटरी पंजाब सरकार, प्रिंसिपल सेक्रेटरी पंजाब उच्च शिक्षा विभाग, प्रिंसिपल सेक्रेटरी सामाजिक न्याय विभाग पंजाब के साथ बैठक बुलाई है।
आयोग ने पत्र में लिखा है कि जब तक मामले में सुनवाई नहीं हो जाती तब तक पीयू प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को छात्रावास और कॉलेज से नहीं निकाला जाएगा। पीयू प्रशासन ने छात्रों को परेशान करते हुए अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों पर फीस भरने के लिए दबाव बनाया था जिसके बाद एबीवीपी ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को इस मुद्दे से अवगत कराया और उचित जांच की मांग की।
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पूनियां ने कहा कि आयोग ने 25 मार्च को दोपहर 12 बजे लोकनायक भवन, खान मार्केट, नई दिल्ली में पीयू कुलपति, चीफ सेक्रेटरी पंजाब सरकार, प्रिंसिपल सेक्रेटरी पंजाब उच्च शिक्षा विभाग, प्रिंसिपल सेक्रेटरी सामाजिक न्याय विभाग पंजाब के साथ बैठक बुलाई है।
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आयोग ने पत्र में लिखा है कि जब तक मामले में सुनवाई नहीं हो जाती तब तक पीयू प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को छात्रावास और कॉलेज से नहीं निकाला जाएगा। पीयू प्रशासन ने छात्रों को परेशान करते हुए अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों पर फीस भरने के लिए दबाव बनाया था जिसके बाद एबीवीपी ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को इस मुद्दे से अवगत कराया और उचित जांच की मांग की।
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