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ताक पर नियम : हरियाणा में धड़ल्ले से कृषि भूमि में काटी जा रहीं कॉलोनियां, 49 हजार रजिस्ट्रियां भी हो गई
Sat, 20 Mar 2021 10:02 AM IST
निवेदिता वर्मा
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 20 Mar 2021 10:02 AM IST
सार
- हरियाणा में बीते चार साल से हो रही कृषि भूमि की रजिस्ट्री
- 2017 से 19 में हुआ नियमों का खूब उल्लंघन
- रोहतक से कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने मांगी थी जानकारी
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हरियाणा में कृषि भूमि पर काटी जा रहीं कालोनियां।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हरियाणा में नियमों को ताक पर रखकर कृषि भूमि की रजिस्ट्री बीते चार साल से होती आ रही हैं। 2020 में नहीं, 2017 से 19 में भी नियमों का खूब उल्लंघन हुआ। 2017 से अक्तूबर 2020 तक हरियाणा शहरी विकास अधिनियम, 1975 की धारा-7क का उल्लंघन कर कृषि भूमि की 49197 रजिस्ट्री हुईं।
अधिकारियों से सांठगांठ कर बिल्डर लॉबी ने रजिस्ट्री कराने के बाद कॉलोनियां भी काट डाली। प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा में सदन पटल पर रखे गए दस्तावेजों से इसका खुलासा हुआ है। रोहतक से कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने सरकार से अतारांकित प्रश्न के जरिए धारा-7क का उल्लंघन कर हुई रजिस्ट्री और अवैध कॉलोनी व प्लॉट काटने की जानकारी मांगी थी।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बत्रा को दिए जवाब में स्वीकारा है कि वर्ष 2017 से अक्तूबर 2019 व अक्तूबर 2019 से अक्तूबर 2020 तक धारा-7क का उल्लंघन कर राज्य में 49197 बैनामा पंजीकृत हुए। सरकार ने वर्ष 2014 से दिसंबर 2020 तक हरियाणा शहरी विकास विनियमन अधिनियम, 1975 का उल्लंघन होने पर अवैध कॉलोनी और प्लॉट काटने वालों के खिलाफ 1127 एफआईआर दर्ज करवाई हैं।
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अधिकारियों से सांठगांठ कर बिल्डर लॉबी ने रजिस्ट्री कराने के बाद कॉलोनियां भी काट डाली। प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा में सदन पटल पर रखे गए दस्तावेजों से इसका खुलासा हुआ है। रोहतक से कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने सरकार से अतारांकित प्रश्न के जरिए धारा-7क का उल्लंघन कर हुई रजिस्ट्री और अवैध कॉलोनी व प्लॉट काटने की जानकारी मांगी थी।
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उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बत्रा को दिए जवाब में स्वीकारा है कि वर्ष 2017 से अक्तूबर 2019 व अक्तूबर 2019 से अक्तूबर 2020 तक धारा-7क का उल्लंघन कर राज्य में 49197 बैनामा पंजीकृत हुए। सरकार ने वर्ष 2014 से दिसंबर 2020 तक हरियाणा शहरी विकास विनियमन अधिनियम, 1975 का उल्लंघन होने पर अवैध कॉलोनी और प्लॉट काटने वालों के खिलाफ 1127 एफआईआर दर्ज करवाई हैं।
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गुरुग्राम में सबसे अधिक उल्लंघन
गुरुग्राम में धारा-7क का सबसे अधिक उल्लंघन हुआ और नियमों को तिलांजलि देते हुए 14228 रजिस्ट्री की गईं। सोनीपत, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, जींद व रोहतक भी इसमें पीछे नहीं हैं। धारा-7क की सबसे कम अवहेलना पंचकूला में हुई। चरखी दादरी जिले में धारा 7-क अभी लागू नहीं है। दो कनाल से अधिक कृषि भूमि की रजिस्ट्री के लिए एनओसी की जरूरत नहीं थी। ऐसे में रजिस्ट्री कराने वालों ने दो कनाल से कम व अधिक भूमि की रजिस्ट्री बिना एनओसी कराई और कॉलोनी विकसित कर दीं।
दोषियों पर कार्रवाई का इंतजार
नियमों का उल्लंघन कर रजिस्ट्री करने में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों की रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच चुकी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन ने गड़बड़ी उजागर होने पर मंडलायुक्तों व डीसी से पूरी जांच करवाई। इसमें तीन सौ से ज्यादा लोगों के नाम सामने आए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग कार्रवाई करने के लिए सरकार के आदेश के इंतजार में है।
जिला अनुसार हुईं रजिस्ट्री व एफआईआर
जिला रजिस्ट्री एफआईआर
अंबाला 1089 ---
भिवानी 614 24
फरीदाबाद 1480 205
फतेहाबाद 520 32
गुरुग्राम 14228 68
हिसार 383 48
झज्जर 1708 50
जींद 2929 24
कैथल 1353 --
करनाल 1325 66
कुरुक्षेत्र 1325 106
महेंद्रगढ़ 3950 30
नूंह 1755 08
पलवल 4040 75
पंचकूला 22 32
पानीपत 112 --
रेवाड़ी 3118 58
रोहतक 2642 129
सिरसा 1603 00
सोनीपत 4954 112
यमुनानगर 47 60
गुरुग्राम में धारा-7क का सबसे अधिक उल्लंघन हुआ और नियमों को तिलांजलि देते हुए 14228 रजिस्ट्री की गईं। सोनीपत, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, जींद व रोहतक भी इसमें पीछे नहीं हैं। धारा-7क की सबसे कम अवहेलना पंचकूला में हुई। चरखी दादरी जिले में धारा 7-क अभी लागू नहीं है। दो कनाल से अधिक कृषि भूमि की रजिस्ट्री के लिए एनओसी की जरूरत नहीं थी। ऐसे में रजिस्ट्री कराने वालों ने दो कनाल से कम व अधिक भूमि की रजिस्ट्री बिना एनओसी कराई और कॉलोनी विकसित कर दीं।
दोषियों पर कार्रवाई का इंतजार
नियमों का उल्लंघन कर रजिस्ट्री करने में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों की रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच चुकी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन ने गड़बड़ी उजागर होने पर मंडलायुक्तों व डीसी से पूरी जांच करवाई। इसमें तीन सौ से ज्यादा लोगों के नाम सामने आए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग कार्रवाई करने के लिए सरकार के आदेश के इंतजार में है।
जिला अनुसार हुईं रजिस्ट्री व एफआईआर
जिला रजिस्ट्री एफआईआर
अंबाला 1089 ---
भिवानी 614 24
फरीदाबाद 1480 205
फतेहाबाद 520 32
गुरुग्राम 14228 68
हिसार 383 48
झज्जर 1708 50
जींद 2929 24
कैथल 1353 --
करनाल 1325 66
कुरुक्षेत्र 1325 106
महेंद्रगढ़ 3950 30
नूंह 1755 08
पलवल 4040 75
पंचकूला 22 32
पानीपत 112 --
रेवाड़ी 3118 58
रोहतक 2642 129
सिरसा 1603 00
सोनीपत 4954 112
यमुनानगर 47 60