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हरियाणा के कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर भर्ती के नए नियम बने, यहां क्लिक करके जानिए
Sat, 21 Sep 2019 02:29 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 21 Sep 2019 02:29 PM IST
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कॉलेज प्रोफेसर
- फोटो : फाइल फोटो
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कुरुक्षेत्र विवि कार्यकरिणी परिषद की बैठक में हरियाणा के कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर होने वाली भर्ती के लिए नए नियम और शर्ते तय की गईं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रहे शिक्षकों को नियुक्त करने के लिए फ्लोटिंग फैकल्टी की नियुक्ति के लिए नियम भी तय हो गए हैं। विभिन्न विभागों में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति तक पार्ट टाइम शिक्षक रखने के लिए भी नियम बनाने की मंजूरी दे दी हई है। इसी बैठक में सहायक रजिस्ट्रार और डिप्टी रजिस्टार के पद पर प्रमोशन के लिए नए नियम तय किए गए हैं।
केयू के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में कई घंटे तक चली कार्यकारिणी परिषद की बैठक में 46 मुद्दों पर चर्चा हुई। जिसमें विश्वविद्यालय को इकाई मानते हुए आरक्षण के लिए रोस्टर को लागू कर दिया है। ईसी ने निर्णय लिया है कि सहायक और डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर अब वही कर्मचारी पदोन्नत होंगे, जिनके पीजी परीक्षा में 55 प्रतिशत अंक होंगे। 50 प्रतिशत अंक रखने वाले कर्मचारियों को परीक्षा से गुजरना होगा, यूजीसी की सेवा शर्तों के अनुसार योग्यता करने वाले ही उच्च पदों पर पदोन्नत होंगे।
बैठक में मुख्य रूप से पिछली कार्यकारिणी के एजेंडे को मंजूरी दी गई। करनाल जिले के गवर्नमेंट कॉलेज जुंडला और रायपुर रानी कॉलेज को अस्थाई मान्यता दी गई है। विभागों में नए एक्सपर्ट पैनल को स्वीकृत किया गया है। आडिट कमेटी के सदस्यों के मानदेय को बढ़ाया गया है। प्रोफेसर रंजना अग्रवाल, डॉ. अंकुश अंबरदार, एक्सईएन अशोक मलिक को प्रतिनियुक्ति की अनुमति प्रदान की गई है। प्रॉक्टर के रूप में प्रो. रमेश भारद्वाज, चीफ वार्डन के पद पर प्रो. आर के देसवाल की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की गई है।
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कार्यकारिणी परिषद में निर्णय लिया है कि सभी कॉलेजों को विश्वविद्यालय संबंधित फीस निर्धारित समय पर ही जमा करानी होगी। अगर कोई कॉलेज ऐसा नहीं करेगा तो विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
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केयू के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में कई घंटे तक चली कार्यकारिणी परिषद की बैठक में 46 मुद्दों पर चर्चा हुई। जिसमें विश्वविद्यालय को इकाई मानते हुए आरक्षण के लिए रोस्टर को लागू कर दिया है। ईसी ने निर्णय लिया है कि सहायक और डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर अब वही कर्मचारी पदोन्नत होंगे, जिनके पीजी परीक्षा में 55 प्रतिशत अंक होंगे। 50 प्रतिशत अंक रखने वाले कर्मचारियों को परीक्षा से गुजरना होगा, यूजीसी की सेवा शर्तों के अनुसार योग्यता करने वाले ही उच्च पदों पर पदोन्नत होंगे।
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बैठक में मुख्य रूप से पिछली कार्यकारिणी के एजेंडे को मंजूरी दी गई। करनाल जिले के गवर्नमेंट कॉलेज जुंडला और रायपुर रानी कॉलेज को अस्थाई मान्यता दी गई है। विभागों में नए एक्सपर्ट पैनल को स्वीकृत किया गया है। आडिट कमेटी के सदस्यों के मानदेय को बढ़ाया गया है। प्रोफेसर रंजना अग्रवाल, डॉ. अंकुश अंबरदार, एक्सईएन अशोक मलिक को प्रतिनियुक्ति की अनुमति प्रदान की गई है। प्रॉक्टर के रूप में प्रो. रमेश भारद्वाज, चीफ वार्डन के पद पर प्रो. आर के देसवाल की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की गई है।
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कार्यकारिणी परिषद में निर्णय लिया है कि सभी कॉलेजों को विश्वविद्यालय संबंधित फीस निर्धारित समय पर ही जमा करानी होगी। अगर कोई कॉलेज ऐसा नहीं करेगा तो विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
ये निर्णय लिए गए
यूनिवर्सिटी को इकाई मानकर लगा रोस्टर, विदेश से आने वाली फ्लोटिंग फेकल्टी के लिए शर्तें तय, पार्ट टाइम शिक्षक नियुक्त करने के लिए भी बने नियम, प्रॉक्टर और चीफ वार्डन की नियुक्तियों पर लगी मोहर, विभागों के लिए विशेषज्ञों के पैनल को अनुमति, एआर, डीआर के पद पर प्रमोशन के लिए बने नियम। पीजी में 55 प्रतिशत अंक होंगे तभी मिलेगा प्रमोशन, समय से फीस जमा करने वाले कॉलेजों पर होगी कार्रवाई।
अध्ययन केंद्र में सृजित होगा सहायक निदेशक का पद
बैठक में विश्वविद्यालय ने डॉ. भीमराव आंबेडकर अध्ययन केंद्र में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद को सृजित करने की भी अनुमति प्रदान की है। वहीं कार्यकारिणी परिषद् में एआर के पद पर नियुक्त डॉ. दीपक शर्मा की पे को प्रोटेक्ट किया गया है। गवर्नमेंट कॉलेज बिलासपुर के नाम बदलने को भी मंजूरी प्रदान की गई हैं।
डॉ. मिश्रा को नंदा केंद्र की जिम्मेदारी
कार्यकारिणी परिषद ने संस्कृत विभाग के शिक्षक डॉ. एसएम मिश्रा को गुलजारी लाल नंदा केंद्र की जिम्मेदारी प्रदान की है।
अध्ययन केंद्र में सृजित होगा सहायक निदेशक का पद
बैठक में विश्वविद्यालय ने डॉ. भीमराव आंबेडकर अध्ययन केंद्र में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद को सृजित करने की भी अनुमति प्रदान की है। वहीं कार्यकारिणी परिषद् में एआर के पद पर नियुक्त डॉ. दीपक शर्मा की पे को प्रोटेक्ट किया गया है। गवर्नमेंट कॉलेज बिलासपुर के नाम बदलने को भी मंजूरी प्रदान की गई हैं।
डॉ. मिश्रा को नंदा केंद्र की जिम्मेदारी
कार्यकारिणी परिषद ने संस्कृत विभाग के शिक्षक डॉ. एसएम मिश्रा को गुलजारी लाल नंदा केंद्र की जिम्मेदारी प्रदान की है।