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पवित्र ग्रंथों की बेअदबी पर होगी उम्रकैद, पंजाब कैबिनेट ने मंजूर किया कानून में संशोधन का प्रस्ताव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 22 Aug 2018 09:42 AM IST
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पंजाब मंत्रीमंडल ने सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों की बेअदबी करने पर उम्रकैद की सजा तय करने के लिए सीआरपीसी और आईपीसी की धारा में संशोधन करने की मंजूरी दे दी है। इससे राज्य में पवित्र ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को रोकने और सांप्रदायिक सदभाव बनाए रखने में सफलता मिलेगी। कैबिनेट द्वारा पारित इस प्रस्ताव को आगामी विधानसभा सत्र में पारित करके राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को हुई मंत्रीमंडल की बैठक मीटिंग के दौरान यह फ़ैसला लिया गया। इसके साथ ही मंत्रीमंडल ने विधानसभा के इस हफ्ते शुरु हो रहे सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विभिन्न बिलों को भी मंज़ूरी दे दी।
सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक, मंत्रीमंडल ने लोगों की धार्मिक भावनाओं के ठेस पहुंचाने और किसी भी धार्मिक स्थल को अपवित्र करने के मामले में आईपीसी की धारा 295-ए के तहत मौजूदा दो साल की सजा को बढ़ाकर दस साल करने संबंधी संशोधन को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही आईपीसी की धारा 295-एए के तहत पवित्र ग्रंथों- श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी, श्रीमद भगवद गीता, पवित्र कुरान और पवित्र बाइबल को नुकसान पहुंचाने या बेअदबी करने के दोषी को उम्रकैद की सजा देने संबंधी संशोधन को मंजूरी दे दी।
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मंत्रीमंडल ने कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (पंजाब अमैंडमेंट) बिल-2016 (बिल नंबर- 7 पीएलए-2016) और इंडियन पैनल कोड (पंजाब अमेंडमेंट) बिल-2016 (बिल नंबर-7 पीएलए-2016) को वापस लेने का फ़ैसला किया है, जो साल 2016 में 14वीं विधानसभा के 12वें सत्र में पास किये गए थे। इसके साथ ही ‘द कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (पंजाब अमैंडमैंट) बिल -2018 और इंडियन पैनल कोड (पंजाब अमैंडमैंट) बिल -2018 को आगामी सत्र के दौरान पेश करने की स्वीकृति दी गई।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को हुई मंत्रीमंडल की बैठक मीटिंग के दौरान यह फ़ैसला लिया गया। इसके साथ ही मंत्रीमंडल ने विधानसभा के इस हफ्ते शुरु हो रहे सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विभिन्न बिलों को भी मंज़ूरी दे दी।
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सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक, मंत्रीमंडल ने लोगों की धार्मिक भावनाओं के ठेस पहुंचाने और किसी भी धार्मिक स्थल को अपवित्र करने के मामले में आईपीसी की धारा 295-ए के तहत मौजूदा दो साल की सजा को बढ़ाकर दस साल करने संबंधी संशोधन को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही आईपीसी की धारा 295-एए के तहत पवित्र ग्रंथों- श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी, श्रीमद भगवद गीता, पवित्र कुरान और पवित्र बाइबल को नुकसान पहुंचाने या बेअदबी करने के दोषी को उम्रकैद की सजा देने संबंधी संशोधन को मंजूरी दे दी।
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मंत्रीमंडल ने कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (पंजाब अमैंडमेंट) बिल-2016 (बिल नंबर- 7 पीएलए-2016) और इंडियन पैनल कोड (पंजाब अमेंडमेंट) बिल-2016 (बिल नंबर-7 पीएलए-2016) को वापस लेने का फ़ैसला किया है, जो साल 2016 में 14वीं विधानसभा के 12वें सत्र में पास किये गए थे। इसके साथ ही ‘द कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (पंजाब अमैंडमैंट) बिल -2018 और इंडियन पैनल कोड (पंजाब अमैंडमैंट) बिल -2018 को आगामी सत्र के दौरान पेश करने की स्वीकृति दी गई।
केंद्र ने पिछली बार लौटा दिया था प्रस्ताव
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उल्लेखनीय है कि पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामले में अकाली-भाजपा सरकार ने पिछले साल 21 मार्च को विधानसभा सत्र में विधेयक पारित कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को उम्रकैद और पवित्र स्थलों की बेअदबी करने वालों को 10 साल कैद का प्रावधान किया था। लेकिन इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने यह कहते हुए लौटा दिया था कि धर्म ग्रंथों की बेअदबी के मामले में सजा का प्रावधान किसी एक धर्म के लिए न करते हुए सभी धर्मों के लिए किया जाना चाहिए।
इस साल मार्च माह में केंद्र सरकार द्वारा लौटाए गए उक्त प्रस्ताव पर सूबे की मौजूदा कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने कानूनी राय लेने के बाद नए संशोधन प्रस्ताव में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के साथ ही अन्य सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों को शामिल कर लिया है।
कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी-
- नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री के समान सुविधाएं और भत्ते
- पंजाब राज्य उच्च शिक्षा काउंसिल की स्थापना
- एससी मुलाजिमों को पदोन्नति में आरक्षण का बिल मंजूर
- विभिन्न विभागों में सर्विस प्रोवाईडरों की सेवाओं में वृद्धि
- पंजाब म्यूनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड एक्ट की अवधि बढ़ी
- विधायकों के लिए लाभ के पद संबंधी नये बिल को हरी झंडी
मंत्रीमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में दो मिनट का मौन रखा
पंजाब मंत्रीमंडल की मंगलवार को हुई बैठक के आरंभ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया। मंत्रिमंडल ने वाजपेयी जी को सच्चे राजनीतिज्ञ, महान विद्वान, प्रसिद्ध कवि और सम्मानित शख्सियत के तौर पर याद करते हुए श्रद्धा सुमन भेंट किए और उनके द्वारा देश के सर्वपक्षीय विकास में डाले गए योगदान को याद किया।
मंत्रीमंडल की ओर से कहा गया कि अटल जी की तरफ से योग्य प्रशासक और दूरदर्शी नेता के तौर पर निभाई गई शानदार सेवाओं को देश के लोग हमेशा याद रखेंगे। मंत्रीमंडल ने परमात्मा के समक्ष दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में शाश्वत निवास देने और उनके पारिवारिक सदस्यों को ईश्वरीय आदेश मानने का हौंसला प्रदान करने के लिए अरदास की।
इस साल मार्च माह में केंद्र सरकार द्वारा लौटाए गए उक्त प्रस्ताव पर सूबे की मौजूदा कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने कानूनी राय लेने के बाद नए संशोधन प्रस्ताव में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के साथ ही अन्य सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों को शामिल कर लिया है।
कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी-
- नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री के समान सुविधाएं और भत्ते
- पंजाब राज्य उच्च शिक्षा काउंसिल की स्थापना
- एससी मुलाजिमों को पदोन्नति में आरक्षण का बिल मंजूर
- विभिन्न विभागों में सर्विस प्रोवाईडरों की सेवाओं में वृद्धि
- पंजाब म्यूनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड एक्ट की अवधि बढ़ी
- विधायकों के लिए लाभ के पद संबंधी नये बिल को हरी झंडी
मंत्रीमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में दो मिनट का मौन रखा
पंजाब मंत्रीमंडल की मंगलवार को हुई बैठक के आरंभ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया। मंत्रिमंडल ने वाजपेयी जी को सच्चे राजनीतिज्ञ, महान विद्वान, प्रसिद्ध कवि और सम्मानित शख्सियत के तौर पर याद करते हुए श्रद्धा सुमन भेंट किए और उनके द्वारा देश के सर्वपक्षीय विकास में डाले गए योगदान को याद किया।
मंत्रीमंडल की ओर से कहा गया कि अटल जी की तरफ से योग्य प्रशासक और दूरदर्शी नेता के तौर पर निभाई गई शानदार सेवाओं को देश के लोग हमेशा याद रखेंगे। मंत्रीमंडल ने परमात्मा के समक्ष दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में शाश्वत निवास देने और उनके पारिवारिक सदस्यों को ईश्वरीय आदेश मानने का हौंसला प्रदान करने के लिए अरदास की।