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किसान आंदोलन: पंजाब के थर्मल प्लांटों में खत्म होने वाला है कोयला, बिजली के कट लगने शुरू
Tue, 13 Oct 2020 01:43 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 13 Oct 2020 01:43 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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पंजाब में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलनरत हैं। रेलवे ट्रैक पर कई जगहों पर किसानों के धरने जारी हैं। रेल ट्रैक बंद होने का प्रतिकूल प्रभाव अब बिजली उत्पादन पर पड़ना शुरू हो गया है। ट्रैक बाधित होने के कारण सरकारी थर्मल प्लांट में कोयला खत्म होने वाला है। कोयले की कमी से बिजली उत्पादन घट रहा है, जिसके कारण राज्य में अब बिजली कट लगने शुरू हो गए हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में क्रमवार विभाग बिजली के अघोषित कट लगाने शुरू कर दिए हैं।
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कोयले की कमी के कारण लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला और मोहाली के विभिन्न हिस्सों में घोषित के साथ-साथ अघोषित कट विभाग ने लगाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कट बिजली सप्लाई लाइनों की मरम्मत के कारण लगाए जा रहे हैं। बिजली की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए पॉवरकॉम राष्ट्रीय ग्रिड से 6000 मेगावट बिजली ले रहा है। पावरकॉम के अधिकारियों का कहना है कि जो कट लग रहे हैं, वह बिजली सप्लाई लाइनों की मरम्मत के कारण लग रहे हैं।
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बता दें कि मौजूदा समय में राज्य में 8000 मेगावाट बिजली की मांग है। थर्मल प्लांट और हाइड्रो पावर जनरेशन से 2000 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। बाकी बची 6000 मेगावाट बिजली की व्यवस्था राष्ट्रीय ग्रिड से की जा रही है। बता दें कि अगर पंजाब में बिजली का उत्पादन ठप हुआ तो पावरकॉम को पूरी तरह से राष्ट्रीय ग्रिड पर निर्भर होना पड़ेगा।
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