फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Coal and fertilizer crisis deepened due to farmer movement in Punjab

पंजाब में किसान आंदोलन से कोयला, खाद और बारदाना संकट गहराया, थर्मल पावर भी बंदी की कगार पर

Sun, 11 Oct 2020 01:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 11 Oct 2020 01:46 AM IST
विज्ञापन
Coal and fertilizer crisis deepened due to farmer movement in Punjab
विरोध-प्रदर्शन... - फोटो : amar ujala

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के रेल ट्रैक बैठने के कारण सभी तरह की ट्रेनें बंद हैं । इसके चलते पंजाब में कोयला, खाद और बारदाना नहीं पहुंच रहा है।  इससे एक तरफ जहां राज्य में थर्मल पावर बंद होने की कगार पर हैं वहीं दूसरी तरफ खाद और बारदाना न पहुंचने के कारण खेती और फसल खरीद पर संकट गहरा गया है। 

विज्ञापन


सरकार ने कोयले के स्टॉक की स्थिति को गंभीर करार दिया है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एनपीएल के पास स्टॉक में 1.05 लाख मीट्रिक टन कोयला बचा है जो मात्र  6 दिन के लिए  पर्याप्त है। इसी तरह टीएसपीएल के पास 93,949 मीट्रिक टन कोयला 2.79 दिनों के लिए , जीवीके के पास 4341 मीट्रिक टन कोयला 0.62 दिनों के लिए और जीजीएसटीटीपी रोपड़ के पास 85,618 मीट्रिक टन कोयला है जो 6.16 दिन तक चलेगा। इसी तरह जीएचटीपी लेहरा मोहब्बत में 59,143 मीट्रिक टन कोयला बचा हुआ है जो 4.22 दिन चल सकता है। 
विज्ञापन


यूरिया: जरूरत है 13.5 लाख टन, है सिर्फ 1.7 लाख टन
किसानों के विरोध प्रदर्शन के चलते राज्य में यूरिया और डीएपी की भी कमी होने लगी है। सूबे में यूरिया की वर्तमान आवश्यकता 13.5 लाख टन है, जबकि वर्तमान उपलब्धता  केवल 1.7 लाख टन है।  इसी तरह, डीएपी की 6 लाख मीट्रिक टन की जरूरत है जबकि उपलब्धता अभी सिर्फ 4.6 लाख मीट्रिक टन है। खाद्यान्नों की आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। किसान आंदोलन से 10 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुरादाबाद और दिल्ली में फंसा है 24480 गांठ बारदाना
पंजाब आ रहीं बारदाने की 24,480 गांठें दिल्ली और मुरादाबाद में पड़ी हुई हैं। जिनमें से 22,800 गाठें राज्य एजेंसियों और 1680 गांठें एफसीआई की हैं। कोलकाता से भेजी जाने वाली बारदाना की  7480 गांठें भी फंसने की संभावना है। राज्य में पहले से ही बारदाना की कमी है। बारदाना नहीं मिलने से तरनतारन, मनसा, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों में गेहूं की खरीद प्रभावित होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed