आयुष्मान भारत योजना: 21 नवंबर को गोल्डन कार्ड वितरित करेंगे CM मनोहर लाल, इन परिवारों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार के मापदंडों के अनुसार हरियाणा में 15,51,798 परिवार इस योजना में कवर हो रहे थे लेकिन हरियाणा सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाया, जिसके कारण अब प्रदेश के 28 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। हरियाणा में अब तक 28,89,036 आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं।
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हरियाणा सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के ऐसे जरूरतमंद परिवारों को भी लाभ देने की शुरुआत की है, जिनका नाम वर्ष 2011 के सामाजिक आर्थिक और जातिगत जनगणना (एसईसीसी) डाटा में दर्ज नहीं था। ऐसे सभी व्यक्तियों के आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल 21 नवंबर को मानेसर में गोल्डन कार्ड वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ कर लाभार्थियों को कार्ड वितरित करेंगे।
हरियाणा सरकार ने एसईसीसी सूची में शामिल परिवारों के अलावा ऐसे सभी परिवारों, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है, उन्हें आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। एसईसीसी डाटा के अलावा इस योजना में शामिल किए जाने वाले अन्य परिवारों का पांच लाख रुपये तक का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
केंद्र सरकार के मापदंडों के अनुसार हरियाणा में 15,51,798 परिवार इस योजना में कवर हो रहे थे लेकिन हरियाणा सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाया, जिसके कारण अब प्रदेश के 28 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। हरियाणा में अब तक 28,89,036 आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं।
प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 715 अस्पताल सूचीबद्ध हैं, जिनमें 539 निजी अस्पताल और 176 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। अब तक इस योजना के तहत 5,51,480 क्लेम के दावे किए थे और 580.77 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम दिए गए हैं।
98 प्रतिशत किसानों को 48 घंटे में धान खरीद की अदायगी हुई
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार 98 प्रतिशत किसानों की 48 घंटों के अंदर धान खरीद की अदायगी डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में हुई है। मंडियों से अब तक खरीदे गए धान की 98.7 प्रतिशत लिफ्टिंग भी हो चुकी है। वह मंगलवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि चालू खरीद सीजन में धान खरीद का 57 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य था। सरकार ने 14 नवंबर तक 58.59 लाख मीट्रिक टन की खरीद कर ली है। मंगलवार शाम पांच बजे तक खरीद करने की अवधि निर्धारित की थी, जिससे लक्ष्य से कहीं अधिक धान की खरीद हो जाएगी। किसानों को 12 हजार करोड़ रुपये है।
शेष राशि भी जल्द ही किसानों के खाते में ट्रांसफर भेज दी जाएगी। उन्होंने धान की मीलिंग करने वाले मिलर्स के बारे में बताया कि इस बार 1456 मिलर्स को ‘एचयूएम पोर्टल’ पर पंजीकृत किया है। भौतिक सत्यापन के बाद मीलिंग के लिए सबको समान धान दिया गया है ताकि किसी भी सूरत में फर्जी बिलिंग न होने पाए।