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कौन है किसान : हरियाणा सरकार तय करेगी परिभाषा, खेती करने वाले को ही माना जाएगा अन्नदाता
Wed, 31 Mar 2021 09:46 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 31 Mar 2021 09:46 PM IST
सार
- प्राकृतिक आपदा के समय मुआवजे का भी होगा हकदार
- किसान की परिभाषा तय करने के लिए बनेगा नया कानून
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा सरकार के रिकॉर्ड में अब खेती करने वाला ही किसान कहलाएगा और प्राकृतिक आपदा के समय मुआवजे का हकदार होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि किसान की परिभाषा तय करने और उसे लाभ देने के लिए नई योजना पर काम शुरू कर दिया है। बहुत जल्द इस योजना को कानून का रूप दिया जाएगा।
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सीएम का मानना है कि इससे जमीन के मालिक और काश्तकार के बीच होने वाले विवाद खत्म होंगे। सरकार ने 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' के माध्यम से कृषि योग्य भूमि के मालिकों और काश्तकारों का डाटा एकत्र किया है। इस संबंध में अधिकारी एक ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं, जिसे कानूनी पहलुओं से जांच के बाद लागू किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सही मायने में किसान कौन है, इसे लेकर भी हरियाणा में विवाद है। पूर्व की सरकारों ने कभी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। हरियाणा में बहुत से लोग जमीन बटाई पर लेकर खेती करते हैं। उन्हें मुआवजा राशि और अन्य मामलों में परेशानी होती थी। अब यह साफ किया जाएगा कि जमीन का मालिक कौन है और काश्तकार कौन है।
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बटाई पर जमीन लेकर खेती करने वाला किसान तो कहलाएगा लेकिन जमीन की मालिकी से उसका कोई संबंध नहीं होगा। वहीं, अपनी जमीन को किसी दूसरे को बटाई पर देने वाला व्यक्ति मालिक तो कहलाएगा लेकिन वह किसान की श्रेणी में नहीं आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान वही कहलाएगा जो जमीन पर खेती करेगा। प्राकृतिक आपदा के समय मिलने वाले मुआवजे का अधिकार उसी व्यक्ति का होगा, जो संबंधित जमीन का काश्तकार होगा।