मानसून सत्र: खनन मुद्दे पर सदन में सीएम मनोहर लाल और भूपेंद्र सिंह हुड्डा हुए आमने-सामने
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हमारी सरकार में 2009 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खनन बंद हो गया था। खनन ही बंद था तो आमदनी कैसे होती। वर्तमान सरकार में खनन माफिया बेलगाम हो चुका है।
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हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को अवैध खनन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा टकरा गए। सीएम ने तंज कसा कि लहजे में कसक और चेहरे पर नकाब लिए फिरते हैं, जिनके खुद के खाते खराब हैं, वो मेरा हिसाब लिए फिरते हैं। इस पर हुड्डा ने जवाब दिया कि जुबां तो खोल, नजर तो मिला, जवाब तो दे, मैं कितनी बार लुटा हूं हिसाब तो दे। पूरा सदन ठहाकों से गूंज गया।
इनेलो विधायक अभय चौटाला, कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा, आफताब अहमद, नीरज शर्मा ने अवैध खनन और तावड़ू में डीएसपी की हत्या के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए थे। विधायकों के प्रस्ताव में जवाब में खनन मंत्री मूल चंद शर्मा ने कांग्रेस को घेरा। यह नेता प्रतिपक्ष को नागवार गुजरा। उन्होंने और अन्य कांग्रेस विधायकों ने मूल चंद को निशाने पर ले लिया।
मुख्यमंत्री ने मोर्चा संभाला और कहा कि आरोप-प्रत्यारोप में आंकड़ों के साथ तुलना करते हुए बताना पड़ता है कि सिस्टम किसके राज में चौपट था। हमने तो खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआईटी तक बनाई हुई है। इसके जवाब में हुड्डा ने कहा कि एसआईटी का अर्थ सिटिंग इंवेस्टीगेशन ऑन टेबल हो गया है। मैं प्रदेश के लुटने का हिसाब मांग रहा हूं, आपके पास है तो बताओ।
हमने 4660 करोड़, कांग्रेस ने 1268 करोड़ जुटाए: सीएम
सीएम ने कहा कि 2015-16 से 2021-22 तक खनन से 4660 करोड़ रुपये राजस्व आया। पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान 2005 से 2014 तक केवल 1268 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ। सालाना 130 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का राजस्व ही कांग्रेस सरकार जुटा पाई। भाजपा शासन में लगभग 600 करोड़ रुपये राजस्व प्रति वर्ष प्राप्त हुआ।
जब खनन बंद था तो आय कैसे होती: हुड्डा
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हमारी सरकार में 2009 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खनन बंद हो गया था। खनन ही बंद था तो आमदनी कैसे होती। वर्तमान सरकार में खनन माफिया बेलगाम हो चुका है।
बिना नंबर ही हर गाड़ी होगी जब्त: विज
गृह मंत्री अनिल विज ने नूंह के तावडू में डीएसपी की हत्या के मामले में कहा कि एक भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। मामले में गहन कार्रवाई की जा रही है। सारे हरियाणा की बिना नंबर की गाड़ियों को पकड़ने के लिए निर्देश दिए गए थे, सारा अपराध बिना नंबर व अवैध गाड़ियों के माध्यम से हो रहा है।
बरामद गाड़ियों की जांच की जा रही है। वैध गाड़ियों को छोड़ा जाएगा। चोरी की गाड़ियों के मामले में कार्रवाई करेंगे। विज ने खुलासा किया कि तावडू़ में डीएसपी की हत्या के बाद एसआईटी खनन माफिया के स्टोन क्रशरों तक पहुंच गई है। डीएसपी की हत्या की न्यायिक जांच जल्द शुरू होगी।
गृह सचिव के सेवानिवृत्त होने के कारण इसमें थोड़ी देर हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनानगर और नूंह जिले के क्रशरों को जांच के दौरान तय से अधिक स्टॉक मिलने पर जुर्माना लगाया गया है। हरियाणा में ई-रवाना के जरिये पांच पड़ोसी राज्यों उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड से खनन सामग्री आ सकेगी।