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Chandigarh News: उपतहसील में सीएम उड़नदस्ते की रेड, दस में से नौ कर्मचारी मिले गैरहाजिर
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मोरनी। मोरनी उपतहसील में सीएम उड़नदस्ते व सीआईडी की संयुक्त टीम की ओर से रेड की गई। बुधवार सुबह 10 बजे एसआई जितेंद्र कुमार व बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्ति जिला खेल अधिकारी मीनाक्षी चौहान ने तहसील कार्यालय में पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय में कार्यरत 10 में से नौ कर्मचारी गैरहाजिर मिले। टीम के सदस्यों ने दोपहर 12 बजे तक कर्मचारियों का इंतजार भी किया लेकिन कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि उपतहसील भवन में गड़बड़ियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कर्मचारी न मिलने की वजह से तहसील में कोई रिकाॅर्ड चेक नहीं किया जा सका है।
निरीक्षण के दौरान टीम ने अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति चेक की तो नायब तहसीलदार पूनम सोलंकी अपने कार्यालय में गैरहाजिर मिले। हालांकि जब टीम के सदस्यों ने नायब तहसीलदार से फोन पर बात की तो उन्होंने अपनी ड्यूटी उपायुक्त कार्यालय में बताई। कर्मचारियों और नायब तहसीलदार की गैर हाजिरी के साथ कुल 10 में से 9 कर्मचारी गैर हाजिर पाए गए। इनकी सूची बनाकर सीएम दफ्तर के अलावा उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।
समय देकर खुद नहीं पहुंचे कर्मचारी
साहब यहां पर ऐसा ही होता है। आम जनता के कामों को ऐसे ही लटकाया जाता है जबकि कुछ चुनिंदा लोगों के कामों को तत्काल पूरा किया जाता है। कुछ फील्ड कर्मचारियों को छोड़कर अधिकतर न समय पर आते हैं और न काम को पूरा करते हैं। टीम के सदस्यों ने तहसील भवन में आए ग्रामीणों से बात की तो लोगों से यह जवाब मिला। कार्यालय में बैठे लोगों ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से अपनी जमीन के रिकाॅर्ड को दुरुस्त करवाने व तकसीम के लिए भटक रहे हैं। उपतहसील भवन में कार्यरत रीडर ने उन्हें आज बुलाया था लेकिन उन्हें बुलाकर कर्मचारी खुद दफ्तर नहीं पहुंचे हैं। वह सुबह नौ बजे ऑफिस पहुंच गए थे जिसके बाद से वह उनका इंतजार कर रहे हैं। फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला।
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टीम ने बुलाया नहीं पहुंचे ग्राम सचिव
टीम की ओर से खंड विकास व पंचायत अधिकारी के कार्यालय में भी रेड मारी। बीडीपीओ कार्यालय में स्टाफ तो पूरा मिला लेकिन तीन ग्राम सचिव नदारद मिले। ग्राम सचिवों का न तो हाजिरी रजिस्टर मिला और न ही वह खुद उपस्थित हुए। टीम के सदस्यों ने तीनों को फोन कर बुलाया लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी तीनों ग्राम सचिवों में से कोई भी टीम के समक्ष नहीं पहुंचा। हाजिरी रजिस्टर के बारे में ग्राम सचिव ने बताया कि उनकी कहीं हाजिरी नहीं लगती। इसके साथ ही रिकाॅर्ड में लापरवाही देखने को मिली। जो ऑफिस कर्मचारी मौजूद मिले उनका भी हाजिरी रजिस्टर नहीं मिला। सीएम विंडों के मार्फत कार्यालय में पहुंची दो शिकायतों को पेंडिंग रखा गया था।
ढ़ेड माह से मूवमेंट रजिस्टर खाली
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से बीडीपीओ कार्यालय में मारी गई रेड में बड़ी खामियां मिली हैं। टीम को कार्यालय में मौजूद मूवमेंट रजिस्टर में पिछले ढ़ेड माह के समय अंतराल की कर्मचारियों और अधिकारियों की मूवमेंट को लेकर एक भी एंट्री नहीं मिली। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से इस बारे में जब पूछा गया तो वह इसके बारे में कोई जवाब नहीं दे पाए। मीनाक्षी चौहान ने कहा कि दोनों सरकारी कार्यालय में मिली खामियों की रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए भेजी जाएगा।
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निरीक्षण के दौरान टीम ने अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति चेक की तो नायब तहसीलदार पूनम सोलंकी अपने कार्यालय में गैरहाजिर मिले। हालांकि जब टीम के सदस्यों ने नायब तहसीलदार से फोन पर बात की तो उन्होंने अपनी ड्यूटी उपायुक्त कार्यालय में बताई। कर्मचारियों और नायब तहसीलदार की गैर हाजिरी के साथ कुल 10 में से 9 कर्मचारी गैर हाजिर पाए गए। इनकी सूची बनाकर सीएम दफ्तर के अलावा उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।
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समय देकर खुद नहीं पहुंचे कर्मचारी
साहब यहां पर ऐसा ही होता है। आम जनता के कामों को ऐसे ही लटकाया जाता है जबकि कुछ चुनिंदा लोगों के कामों को तत्काल पूरा किया जाता है। कुछ फील्ड कर्मचारियों को छोड़कर अधिकतर न समय पर आते हैं और न काम को पूरा करते हैं। टीम के सदस्यों ने तहसील भवन में आए ग्रामीणों से बात की तो लोगों से यह जवाब मिला। कार्यालय में बैठे लोगों ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से अपनी जमीन के रिकाॅर्ड को दुरुस्त करवाने व तकसीम के लिए भटक रहे हैं। उपतहसील भवन में कार्यरत रीडर ने उन्हें आज बुलाया था लेकिन उन्हें बुलाकर कर्मचारी खुद दफ्तर नहीं पहुंचे हैं। वह सुबह नौ बजे ऑफिस पहुंच गए थे जिसके बाद से वह उनका इंतजार कर रहे हैं। फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला।
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टीम ने बुलाया नहीं पहुंचे ग्राम सचिव
टीम की ओर से खंड विकास व पंचायत अधिकारी के कार्यालय में भी रेड मारी। बीडीपीओ कार्यालय में स्टाफ तो पूरा मिला लेकिन तीन ग्राम सचिव नदारद मिले। ग्राम सचिवों का न तो हाजिरी रजिस्टर मिला और न ही वह खुद उपस्थित हुए। टीम के सदस्यों ने तीनों को फोन कर बुलाया लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी तीनों ग्राम सचिवों में से कोई भी टीम के समक्ष नहीं पहुंचा। हाजिरी रजिस्टर के बारे में ग्राम सचिव ने बताया कि उनकी कहीं हाजिरी नहीं लगती। इसके साथ ही रिकाॅर्ड में लापरवाही देखने को मिली। जो ऑफिस कर्मचारी मौजूद मिले उनका भी हाजिरी रजिस्टर नहीं मिला। सीएम विंडों के मार्फत कार्यालय में पहुंची दो शिकायतों को पेंडिंग रखा गया था।
ढ़ेड माह से मूवमेंट रजिस्टर खाली
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से बीडीपीओ कार्यालय में मारी गई रेड में बड़ी खामियां मिली हैं। टीम को कार्यालय में मौजूद मूवमेंट रजिस्टर में पिछले ढ़ेड माह के समय अंतराल की कर्मचारियों और अधिकारियों की मूवमेंट को लेकर एक भी एंट्री नहीं मिली। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से इस बारे में जब पूछा गया तो वह इसके बारे में कोई जवाब नहीं दे पाए। मीनाक्षी चौहान ने कहा कि दोनों सरकारी कार्यालय में मिली खामियों की रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए भेजी जाएगा।