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बादल बोले-भाषण की बजाय वन टू वन बात करें मोदी

Thu, 18 Dec 2014 04:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 18 Dec 2014 04:50 PM IST
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cm badal says pm narendra modi about devolpment issue

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मुख्यमंत्रियों की बड़ी कांफ्रेंस बुलाकर विकास की बात करने के तरीके से सीएम बादल खुश नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की उनके साथ वन-टु-वन बातचीत की वकालत की।

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बादल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह दी है कि वह मुख्यमंत्रियों की बड़ी-बड़ी कांफ्रेंसों की बजाय उनके साथ आमने-सामने बैठकर बात करें। इससे राज्यों की अधिकतर समस्याओं का निपटारा मिनटों में हो जाएगा, जबकि बड़ी कांफ्रेंसों में पहले से लिखे भाषणों के सिवाय कुछ नहीं होता। मसले ज्यों के त्यों रहे जाते हैं।
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उनके अनुसार हर तीन महीने में एक बार आधे घंटे की ऐसी बातचीत काफी है। बादल ने उम्मीद जताई कि मोदी उनकी इस सलाह पर ध्यान देंगे, क्योंकि वह खुद भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं और राज्यों की समस्याओं को भलीभांति समझते हैं।
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इसके साथ ही आशा व्यक्त की कि राज्यों को अधिक अधिकार देने की दिशा में भी केंद्र सरकार बढ़ेगी और योजना आयोग के पुनर्गठन की प्रक्रिया को इस दिशा में उठाया गया कदम बताया।

भाजपा से रिश्ता पुराना

cm badal says pm narendra modi about devolpment issue

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि भाजपा के साथ शिअद का रिश्ता पुराना है। यह ऐसे ही आगे भी जारी रहेगा। लोकसभा और महाराष्ट्र व हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के रुख में आए बदलाव के बारे में बादल ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता। बाकी रहा भाजपा वाले बेहतर बता सकते हैं। रही बात शिअद की तो इसका स्टैंड पहले वाला ही है।

यह भाजपा के साथ था और आगे भी रहेगा। भाजपा के सदस्यता अभियान और पंजाब में आरएसएस की शाखाओं की बढ़ती संख्या के बारे में मुख्यमंत्री बोले कि हर पार्टी को देश के किसी भी कोने में अपना प्रसार करने की आजादी है। इसमें शिअद को क्यों ऐतराज होगा?

विभाजन, आतंकवाद, पड़ोसी राज्यों को पैकेज से मार

cm badal says pm narendra modi about devolpment issue

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने पहले विभाजन, फिर आतंकवाद और उसके बाद पड़ोसी राज्यों को औद्योगिक पैकेज की मार सही। 1947 के विभाजन ने प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों का नुकसान किया, आतंकवाद से आर्थिक संकट पैदा हुआ और पड़ोसी राज्यों को विशेष औद्योगिक पैकेज से यहां की इंडस्ट्री तबाह हुई।

उनके अनुसार केंद्र की कांग्रेस सरकारों ने पंजाब का दर्द नहीं सुना, लेकिन अब मोदी सरकार से पूरी उम्मीद है। प्रधानमंत्री से इन मुद्दों पर बात हुई है तथा वह इस दिशा में कदम उठा रहे हैं। बात सिरे चढ़ने में समय लगता है। अभी तो केंद्र में भी फंड्स की शॉर्टेज है।

वित्त आयोग से उम्मीद
मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि उन्हें वित्त आयोग की रिपोर्ट से उम्मीद है। इसने पंजाब, केरल व पश्चिम बंगाल को आर्थिक फ्रंट पर विशेष तवज्जो देने की बात कही है।

एचएसजीएमसी के लिए सुप्रीम कोर्ट, हरियाणा पर नजर

cm badal says pm narendra modi about devolpment issue

एचएसजीएमसी मुद्दे पर बात करते हुए बादल ने कहा कि संबंधित बिल को वापस लेने के लिए उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात की है। अब फैसला उन्होंने लेना है। मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है। वहां से भी न्याय की उम्मीद है।

कृषि क्षेत्र पर ध्यान की जरूरत
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि कृषि क्षेत्र को लगातार नकारे जाने से यह मुनाफे का धंधा नहीं राह है। इस बारे में केंद्र को विशेष तौर पर सोचने की जरूरत है। फसलों के मूल्य से लेकर उनके भंडारण तक के संबंध में बदलाव की जरूरत है।

विपक्ष के रवैये पर सवाल
विपक्ष की ओर से विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाए जाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास मौजूदा तय समय में भी बहस के लिए कुछ नहीं होगा। विपक्ष केवल आलोचना के लिए विरोध करता है। वह सकारात्मक सुझाव दें तो उनसे राज्य का भला हो सकता है।

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