{"_id":"d2a66bee54b54d30c955d6eba598a878","slug":"cm-badal-at-north-zonal-council-meeting-at-delhi-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बादल ने दिल्ली में उठाए सिख पंथ और पंजाब के मुद्दे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बादल ने दिल्ली में उठाए सिख पंथ और पंजाब के मुद्दे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/नई दिल्ली।
Updated Sat, 25 Apr 2015 10:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने शनिवार को सिखों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों और कृषि संकट को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए केंद्र सरकार से कहा है कि सिख पंथ, पंजाब और किसानों को लेकर दूषित राजनीति बंद होनी चाहिए।
विज्ञापन
इस मामले में आर्थिक व धार्मिक भेदभाव पर भी लगाम कसने की जरूरत है। वे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित उत्तरी जोनल काउंसिल की 27वीं बैठक में बोल रहे थे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने समय-समय पर सिख पंथ के साथ भेदभाव किया। केंद्र की कांग्रेसी सरकारें लगातार सिखों के धार्मिक मामलों में अनावश्यक दखलंदाजी करती रहीं। चाहे एसजीपीसी को भंग करने की चाल हो या इसमें पिछले दरवाजे से दाखिल होने की साजिश। कांग्रेस हमेशा ही सिखों की विरोधी रही है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में वह कड़वी, लेकिन सच्ची और लोगों केे मन की बात करने आए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र की मौजूदा सरकार विशेष तौर पर प्रधानमंत्री पंजाब के लोगों की भावनाओं को समझेंगे।
देश के समक्ष गंभीर कृषि संकट का जिक्र करते हुए बादल ने कहा कि किसानों की सुध लेने के लिए भारत सरकार को सर्वसम्मति से सिफारिश की जाए। कहा कि देश की 60 फीसदी से अधिक जनसंख्या कृषि पर निर्भर है, लेकिन इस वक्त कृषि क्षेत्र संकट के दौर से गुजर रहा है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार फसलों की एमएसपी निर्धारित करने की बात उन्होंने कही।
कृषि व इसके सहायक धंधों के लिए चार प्रतिशत की दर से ऋण उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर भी बादल ने बल दिया। चंडीगढ़ सहित पंजाब से बाहर रह गए पंजाबीभाषी इलाकों और दरियाई पानी का बंटवारा राइपेरियन सिद्धांत के मुताबिक करने से संबंधित मुद्दे भी मुख्यमंत्री ने उठाए। हरियाणा की अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन को भी बादल ने सिखों के धार्मिक मसलों में दखलंदाजी करार दिया। सरहद पार से होने वाली ड्रग तस्करी पर नकेल कसने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग भी मुख्यमंत्री ने की।