कंडी एरिया डेवलपमेंट बोर्ड की होगी समीक्षा, विधायकों की बैठक में सीएम ने लिए कई फैसले
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बजट पूर्व परामर्श के अपने दूसरे दौर में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दोआबा क्षेत्र के कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक के दौरान कंडी क्षेत्र विकास बोर्ड के पुनरुद्धार की घोषणा की। साथ ही उन्होंने वित्त विभाग को इस क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए एकमुश्त अनुदान के रूप में 100 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुदान का उपयोग पेयजल, सड़क संपर्क और बिजली जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के उन्नयन के लिए किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को कंडी क्षेत्र में गहरे नलकूपों की स्थापना के लिए अतिरिक्त 10 करोड़ रुपये जारी करने के भी निर्देश दिए। कैप्टन ने बिजली विभाग की ओर से कंडी क्षेत्र में घरेलू व कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया। इसके लिए उन्होंने बिजली मंत्री से भी इस मुद्दे पर गौर करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार आने वाले बजट में भूमिहीन मजदूरों के ऋण माफ करने का प्रावधान करेगी। उन्होंने कहा कि इस छूट योजना के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि इस वित्त वर्ष के अंत तक सात लाख किसानों को 6000 करोड़ रुपये की ऋण राहत प्रदान की जाएगी जबकि शेष 10.25 लाख किसानों को अगले साल कवर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण भूमिहीन श्रमिकों के लिए ऋण राहत योजना पर दिन-रात काम कर रही है। कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार ने लोगों की सेवा में तेजी से प्रगति की है लेकिन अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। उन्होंने विधायकों के योगदान की भी सराहना की, जिन्होंने पिछले 20 महीनों से अथक परिश्रम किया।
मुख्यमंत्री ने गिनाई अपनी सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि 4.1 लाख किसानों को अब तक 3500 करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जा चुके हैं और अगले साल तक सभी 10.25 लाख लघु और सीमांत किसानों को इस योजना में कवर करने का लक्ष्य है।
घर-घर रोजगार कारोबार (जीजीआरके) कार्यक्रम के तहत, मार्च 2017 से अब तक 4.53 लाख युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ। प्रत्येक गांव के कम से कम 10 युवाओं को नौकरी देने के लक्ष्य के विपरीत कुल 9892 ग्रामीण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसी तरह, 6.7 लाख ग्रामीण परिवारों को 1273 करोड़ रुपये के खर्च के साथ रोजगार प्रदान किया गया, जो एमएलआरईजीएस के तहत पिछले साल की तुलना में 50 फीसदी अधिक है।
- महात्मा गांधी सरबत विकास योजना के तहत कुल 11.3 लाख में से 8 लाख लोगों को पहले ही शिविरों के माध्यम से राहत प्रदान की जा चुकी है। जिलों में हर महीने मेगा सरबत विकास शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
- एससी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के भुगतान के लिए 42 करोड़ रुपये के अलावा 155 करोड़ रुपये दिसंबर 2018 माह के लिए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन के एवज में जारी किए गए हैं। सरकार अब बढ़ी हुई मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 1600 करोड़ रुपये नियमित रूप से सीधे 19.2 लाख लाभार्थियों के खातों में डाल रही है।
- आशीर्वाद योजना के तहत वित्तीय सहायता को 15000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये किया गया है।
- एससी और बीसी निगमों द्वारा 50,000 रुपये तक के ऋणों की माफी की योजना के तहत लगभग 15,890 व्यक्ति लाभान्वित हुए।
- सरबत सेवा बीमा योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कवर के दायरे को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के साथ जोड़कर प्रस्तावित 14.96 लाख लोगों की बजाए 42 लाख परिवारों को कवर किया गया।
- लाभार्थी से कोई योगदान लिए बिना उन्हें 5 लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने 371 करोड़ रुपये दिए।
- मिशन तंदुरुस्त पंजाब के तहत, नकली दूध और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर नकेल कसने के लिए एक राज्यव्यापी अभियान व्यापक छापों के रुप में शुरू किया और उसके तहत ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
- पराली जलाने के कारण होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 245 करोड़ रुपये की सब्सिडी पर धान फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 27000 मशीनों की आपूर्ति की।
मुख्यमंत्री ने नई विकास योजनाओं का खोला पिटारा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में जल्द ही 100 और आउट पेशेंट ओपियोड असिस्टेड ट्रीटमेंट (ओओएटी) क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब तक 165 ऐसे क्लीनिक पहले से ही कार्यशील हैं, जहां 60000 नशेड़ी लोगों का इलाज किया जा रहा है। लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए 31 मार्च 2019 तक 420 हेल्थ एंड वेलनेस क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए 31000 किमी. ग्रामीण सड़कों की मरम्मत पर 3000 करोड़ खर्च होंगे जबकि लिंक सड़कों पर 1000 तंग पुल और पुलों के उन्नयन के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि अलग रखी गई है। विशाल मंडी विकास कार्यक्रम के तहत 151 प्रधान यार्ड, 284 उप-यार्ड, 1395 खरीद केंद्रों को कवर करने वाले ग्रामीण बाजार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों में स्कूल शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से 115 करोड़ रुपये की लागत से सभी शिक्षा खंडों में 259 स्मार्ट स्कूल स्थापित किए जाएंगे। 11 जिलों में 15 नए डिग्री कॉलेज विभिन्न विषयों में उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए खोले जाएंगे।