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चंडीगढ़: लॉकडाउन से कपड़ा व्यापार पर संकट, शादियां शुरू होने और कॉलेज खुलने पर टिकी उम्मीदें

Sat, 10 Jul 2021 01:17 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 10 Jul 2021 01:17 PM IST
सार

पिछले डेढ़ साल से कोरोना के कारण शादी समारोह, सैर-सपाटा और ऑफिस बंद हैं। ऐसे में लोग लग्जरी खरीदारी नहीं कर रहे। कारोबारियों को उम्मीद है कि कॉलेज खुलने के बाद कारोबार रफ्तार पकड़ेगा।  

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Cloth Merchants are waiting for wedding season for good business in Chandigarh 
कपड़े की दुकान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लॉकडाउन की पाबंदियां हटने के बाद बाजार खुल चुके हैं। रेस्टोरेंट, ऑटोमोबाइल, भवन निर्माण सामग्री जैसे सेक्टरों की मजबूत शुरुआत हुई है। लेकिन कपड़ा व रेडीमेड मार्केट के व्यापार को गति पकड़ने में अभी थोड़ा समय लग सकता है। कारोबारियों का कहना है कि जब तक शादियों का दौर शुरू नहीं होता और कॉलेज नहीं खुलते, तब तक व्यापार का उफान पर आना मुश्किल होगा। ग्राहक भी बेवजह की खरीदारी से कतरा रहे हैं। इस वजह से कपड़ा कारोबारी थोड़े मायूस हैं। 

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उनका कहना है कि लॉकडाउन हटने से ग्राहकों का आना शुरू हुआ है। चहल कदमी बढ़ी है। लेकिन लग्जरी खरीदारी से ग्राहक परहेज कर रहे हैं। ग्राहकों की अपनी समस्याएं हैं, जो काफी हद तक जायज भी हैं। कारोबारियों का कहना है कि डेढ़ साल में उन्हें जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई हो पाना मुश्किल होगा। कई के कारोबार तबाह हो चुके हैं तो कई कर्ज में डूब गए हैं। इसलिए कारोबारी अपनी शुरुआत शून्य से मान रहे हैं।
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सेक्टर 23 स्थित इजी बाई शोरूम के मालिक परमजीत सिंह ने बताया, आमतौर पर ग्राहक तभी खरीदारी करता था, जब घर पर कोई आयोजन हो, शादी समारोह हो, सैर-सपाटा हो या ऑफिस की कांफ्रेंस। ये सब पिछले डेढ़ साल से बंद चल रहा है। ऑफिस भी बंद हैं। घर से ही कामकाज हो रहा है। ऐसे में लोग क्यों खरीदारी करेंगे? लेकिन उम्मीद पर दुनिया कायम है। उम्मीद है कि अच्छे दिन आएंगे।
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कारोबारियों ने बताया, पहले ग्राहक आता था तो एक साथ तीन से चार जोड़ी कपड़ों की खरीदारी करके जाता था, लेकिन मौजूदा समय में लोग काम चलाऊ खरीदारी कर रहे हैं। महंगे कपड़ों के बजाय टी शर्ट, लोवर व कैजुएल ड्रेस पर फोकस है। उन्हें पता है कि अभी कहीं आना जाना तो है नहीं, तो ज्यादा पैसे क्यों खर्च किए जाएं। एक वजह यह भी है कि ग्राहकों का भी हाथ तंग है। कई की नौकरी चली गई तो कई की तनख्वाह में कमी आई है। कुछ लोग अब कपड़ों के बजाय खाने-पीने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। रेस्टोरेंट खुलते ही फुल हो गए।

तीसरी लहर से भी व्यापारी आशंकित

कुछ व्यापारियों का कहना है कि जिस तरह तीसरी लहर की खबर सामने आ रही है, उससे व्यापार पर बहुत फर्क पड़ रहा है। कपड़े का कारोबार सीजन पर निर्भर करता है और सीजन का माल कई महीने पहले तैयार करना पड़ता है। अब बड़े व्यापारी समझ नहीं पा रहे हैं, नया माल तैयार करें कि नहीं। यदि तीसरी लहर आती है तो सारा माल फिर फंस जाएगा। ग्राहक भी खरीदारी से बच रहा है। कारोबारियों का यह भी कहना है कि सबसे ज्यादा प्रभावित कपड़ा कारोबारी है, लेकिन उनके लिए सरकार ने कुछ नहीं किया है। चंडीगढ़ में कई शोरूम बंद हो चुके हैं। इस बारे में न तो प्रशासन ने देखा और न किसी जनप्रतिनिधि ने।

ग्राहक आ रहे हैं, लेकिन अभी खरीदारी का माहौल नहीं बन पा रहा। जब तक कॉलेज नहीं खुलते और शादियां शुरू नहीं होतीं, तब तक ग्राहकों की भीड़ नहीं जुटेगी। -परमजीत सिंह व्यापारी सेक्टर 23

कारोबार अभी शुरू हुआ है। बाजार को उठने में अभी समय लगेगा। ग्राहक आ रहे हैं, लेकिन लग्जरी के बजाय काम चलाऊ कपड़े खरीद रहे हैं। -साहिल एमएम फैशन माल सेक्टर 22

जैसे कुछ कारोबार शुरू होता है तो कोरोना का डर सताने लगता है। अभी दुकान खुले कुछ ही दिन हुए हैं और तीसरी लहर की खबर आ रही है। जब तक कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं होता तब तक बाजार पर खतरा मंडराता रहेगा। -संजीव गुप्ता सेक्टर 15

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