राम रहीम को बड़ी राहत, डेरे को सरकार की क्लीन चिट
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सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के डेरे को हथियारों की ट्रेनिंग के मामले में सरकार ने क्लीनचिट दे दी है।
धार्मिक डेरों में हथियारों के प्रशिक्षण पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से मांगी गई रिपोर्ट में पंजाब सरकार ने भी कहा है कि पंजाब के किसी भी डेरे में हथियारों का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता।
उधर, हरियाणा पहले ही कह चुका है कि डेरा सच्चा सौदा समेत प्रदेश के किसी भी धार्मिक डेरे में हथियारों के प्रशिक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है।
मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और यूटी में स्थित धार्मिक डेरों में हथियारों के प्रशिक्षण संबंधी अटकलों के बारे में वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तलब की थी। अब कोर्ट ने निरंतर निगरानी रखने का आदेश देते हुए मामले का निपटारा कर दिया है।
रामपाल की गिरफ्तारी के वक्त उठा था मामला
रामपाल को पकड़ने के लिए सतलोक आश्रम में आपरेशन गिरफ्तारी के दौरान पुलिस बल का विरोध करने की बात सामने आई थी।
इस मामले के एमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने आर्मी इंटेलिजेंस की चेतावनी का एक पत्र हाईकोर्ट में पेश किया था। कहा गया था कि आर्मी ने डेरा सच्चा सौदा में हथियार प्रशिक्षण की आशंका जताते हुए राज्य सरकार व आर्मी विंग को सतर्क रहने की सलाह दी थी।
इसी पत्र की जानकारी देने के बाद हाईकोर्ट ने स्व: संज्ञान लेते हुए हरियाणा के अलावा पंजाब व चंडीगढ़ में भी स्थित डेरों में ऐसी गतिविधियों के बारे रिपोर्ट तलब की थी। मामले में हरियाणा ने डेरा सच्चा सौदा को क्लीन चिट दे दी थी। कहा गया था कि यहां प्रशिक्षण जैसी कोई गतिविधि नजर नहीं आई। जो हथियार हैं, वह लाइसेंसशुदा हैं।
अन्य धार्मिक डेरों के बारे कहा गया कि सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निगरानी के आदेश दे दिए गए हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने भी अपने यहां किसी भी डेरे में संदिग्ध गतिविधि न होने की बात कही थी। इस बीच अब पंजाब ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऐसा कोई डेरा नहीं है, जहां हथियार प्रशिक्षण जैसी गतिविधि चल रही हो।
हैंड राइटिंग की जांच सीबीआई लैब से कराने की मांग
साध्वी से दुराचार के केस में फंसे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर पत्र में साध्वी की लिखावट की जांच सीबीआई लैब से ही कराने की मांग की है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी करके जवाब मांग लिया है। सुनवाई 20 मई को होगी।
साध्वी के हस्ताक्षर और राम रहीम की ओर से पेश किए गए पत्र से लिखावट केमिलान के लिए नमूने कम पड़ने की बात सामने आई है। सीबीआई पंचकूला अदालत केनिर्देश पर सीएफएसएल चंडीगढ़ को नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। चंडीगढ़ लैब ने सीबीआई अदालत से कहा था कि नमूने कम हैं। यह जांच के लिए यह नाकाफी हैं।
इस मामले में राम रहीम को और नमूना देने के लिए कहा गया था। अब राम रहीम ने एडवोकेट एसके गर्ग नरवाना के माध्यम से हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर सीबीआई अदालत के फैसले पर विचार करने की मांग की है। हाईकोर्ट ने ही नमूने की जांच के लिए आदेश दिया था।
अर्जी में कहा गया है कि यदि चंडीगढ़ लैब नमूने नाकाफी होने की बात कह रही है तो जांच सीबीआई लैब से करा ली जाए। जहां तक नमूने की बात है तो साध्वी के और हस्ताक्षर लिए जा सकते हैं। इन दलीलों के साथ हाईकोर्ट को आदेश पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया था।