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तीसरी लहर से बचाव के दावे धड़ाम, नहीं शुरू हुई आरटीपीसीआर जांच

Sat, 11 Dec 2021 02:18 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 02:18 AM IST
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Claims of protection against third wave RTPCR investigation not started, corona
चंडीगढ़। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए अस्पतालों में आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन के निर्देश पर जीएमएसएच-16 में इसे लागू भी कर दिया गया है, लेकिन पीजीआई जैसे संस्थान में जहां प्रतिदिन हजारों मरीज आ रहे हैं, जांच नहीं की जा रही। स्थिति यह है कि पीजीआई प्रशासन की ओर से तय दो महत्वपूर्ण यूनिट ईएनटी और चेस्ट मेडिसिन की ओपीडी में बिना आरटीपीसीआर जांच के मरीजों का आना-जाना जारी है। इससे ओपीडी में डॉक्टर और कर्मचारी संक्रमण के खतरे के बीच काम करने को मजबूर हैं।
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तीसरी लहर की आशंका पर पीजीआई प्रशासन ने 29 नवंबर को बैठक कर ओपीडी में आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने के लिए कमेटी गठित की थी। कमेटी को ज्यादा से ज्यादा यूनिटों में जांच की सुविधा बहाल करने की जिम्मेदारी दी गई थी। साथ ही यह भी तय किया गया था कि ईएनटी और चेस्ट मेडिसिन की ओपीडी में आने वाले शत-प्रतिशत मरीजों की आरटीपीसीआर अनिवार्य रूप से की जाएगी, क्योंकि इन दोनों विभागों में संक्रमण का खतरा अन्य की तुलना में ज्यादा रहता है। वहीं, 11 दिन गुजरने के बाद भी संबंधित कमेटी टेस्ट की सुविधा बहाल नहीं कर सकी है।
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कोट
पैरासाइटोलॉजी विभाग के प्रो. राकेश सहगल के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई है। कमेटी पीजीआई न्यू ओपीडी के साथ ही अन्य आवश्यक यूनिटों में आरटीपीसीआर और रैपिड टेस्ट की सुविधा संचालित करने व टेस्ट की संख्या बढ़ाने से संबंधित निर्णय लेेगी।
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-डॉ. नवीन पाण्डेय, पीजीआई ओपीडी प्रभारी
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