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उपलब्धिः चंडीगढ़ सिटी हो रही स्मार्ट, 83 से 40वें नंबर पर पहुंची और ऐसे होता रैकिंग का निर्धारण
Sun, 15 Mar 2020 02:35 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2020 02:35 PM IST
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सिटी ब्यूटीफुल अब सच में स्मार्ट हो रहा है। केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में जो रैंकिंग जारी की है, उसमें चंडीगढ़ इस बार 37.76 अंक लेकर 40वें नंबर पर है। 2019 में 28.26 अंक हासिल कर शहर 83वें नंबर पर था। इस बार शहर ने 43 अंकों की छलांग लगाई है। इसी रफ्तार से अगर शहर में सुधार होते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अपना शहर पहले नंबर पर होगा।
2019 का साल शुरुआत से ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए चंडीगढ़ के लिए अच्छा नहीं रहा था। साल की शुरुआत में ही चंडीगढ़ अन्य शहरों से पिछड़ते हुए 67वां स्थान ही ले पाया था। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ और रैंकिंग गिरकर 83 पर पहुंच गई थी। 100 स्मार्ट सिटी शहरों की सूची में रैंकिंग गिरने पर चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने अधिकारियों को लताड़ लगाई थी और शीघ्र ही रुके हुए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।
वहीं इस बार मार्च 2020 में जारी हुई ताजा रैंकिंग में चंडीगढ़ ने 43 अंकों की छलांग लगाते हुए 40वां स्थान प्राप्त किया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ और नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत 1300 करोड़ रुपये के टेंडरों को आवंटित किया जा चुका है। कुछ कार्य लगभग पूरे होने को हैं। जल्द ही और रुके हुए कार्यों को पूरा किया जाएगा।
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इस तरह होता है रैंकिंग का निर्धारण
रैंकिंग का उद्देश्य शहरों में सामाजिक, आर्थिक, संस्थागत और फिजिकल पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए शहरों में एक प्रतिस्पर्धा खड़ी करना है, ताकि शहर अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार ला सकें। रैंकिंग करते समय इन शहरों में सेहत सुविधाएं, शिक्षण संस्थान, वेस्ट मैनेजमेंट, प्रदूषण, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखा गया है।
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2019 का साल शुरुआत से ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए चंडीगढ़ के लिए अच्छा नहीं रहा था। साल की शुरुआत में ही चंडीगढ़ अन्य शहरों से पिछड़ते हुए 67वां स्थान ही ले पाया था। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ और रैंकिंग गिरकर 83 पर पहुंच गई थी। 100 स्मार्ट सिटी शहरों की सूची में रैंकिंग गिरने पर चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने अधिकारियों को लताड़ लगाई थी और शीघ्र ही रुके हुए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।
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वहीं इस बार मार्च 2020 में जारी हुई ताजा रैंकिंग में चंडीगढ़ ने 43 अंकों की छलांग लगाते हुए 40वां स्थान प्राप्त किया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ और नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत 1300 करोड़ रुपये के टेंडरों को आवंटित किया जा चुका है। कुछ कार्य लगभग पूरे होने को हैं। जल्द ही और रुके हुए कार्यों को पूरा किया जाएगा।
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इस तरह होता है रैंकिंग का निर्धारण
रैंकिंग का उद्देश्य शहरों में सामाजिक, आर्थिक, संस्थागत और फिजिकल पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए शहरों में एक प्रतिस्पर्धा खड़ी करना है, ताकि शहर अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार ला सकें। रैंकिंग करते समय इन शहरों में सेहत सुविधाएं, शिक्षण संस्थान, वेस्ट मैनेजमेंट, प्रदूषण, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखा गया है।
6100 करोड़ रुपये की परियोजनाएं हैं प्रस्तावित
मई 2016 में स्मार्ट सिटी के तहत चंडीगढ़ को 13 फास्ट ट्रैक विनिंग सिटी में चुना गया था। चंडीगढ़ के लिए 6100 करोड़ रुपये के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
ये हैं प्रस्तावित परियोजनाएं
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रस्तावों में पीने योग्य पानी, अपशिष्ट जल, बिजली, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी डिजाइन और रेट्रोफिट डेवलपमेंट, परिवहन, सेक्टर 43 सब सिटी सेंटर, सिटी सर्विलांस, इंटेलिजेंस ट्रांसपोर्ट और ई-गवर्नेंस एप्लिकेशन शामिल हैं।
1300 करोड़ की परियोजनाएं पाइपलाइन में
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए लगभग 1300 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। 400 करोड़ रुपये के टेंडर अलॉट किए जा चुके हैं। 500 करोड़ रुपये के एसटीपी के टेंडर आवंटित करने हैं जो शायद इसी माह हो जाएंगे। भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बेल) को 294 करोड़ रुपये के टेंडर आवंटित होने हैं। इसके अतिरिक्त कई और प्रोजेक्ट इस वर्ष पूरे हो जाएंगे।
इस साल से स्मार्ट स्कूलों में पढ़ेंगे नौनिहाल
जून 2020 के अंत तक शहर के नौनिहाल को स्मार्ट स्कूल की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में चार स्मार्ट स्कूल बनने हैं। इनमें से जीएमएसएसएस-22 और जीएमएसएसएस-43 में 50 प्रतिशत से अधिक काम हो गया है। इनके अलावा सेक्टर-35 के हायर सेकेंडरी स्कूल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी काम चल रहा है। इन स्कूलों में सीबीएसई सिलेबस के अलावा थ्रीडी मॉडल पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।
ये हैं प्रस्तावित परियोजनाएं
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रस्तावों में पीने योग्य पानी, अपशिष्ट जल, बिजली, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी डिजाइन और रेट्रोफिट डेवलपमेंट, परिवहन, सेक्टर 43 सब सिटी सेंटर, सिटी सर्विलांस, इंटेलिजेंस ट्रांसपोर्ट और ई-गवर्नेंस एप्लिकेशन शामिल हैं।
1300 करोड़ की परियोजनाएं पाइपलाइन में
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए लगभग 1300 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। 400 करोड़ रुपये के टेंडर अलॉट किए जा चुके हैं। 500 करोड़ रुपये के एसटीपी के टेंडर आवंटित करने हैं जो शायद इसी माह हो जाएंगे। भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बेल) को 294 करोड़ रुपये के टेंडर आवंटित होने हैं। इसके अतिरिक्त कई और प्रोजेक्ट इस वर्ष पूरे हो जाएंगे।
इस साल से स्मार्ट स्कूलों में पढ़ेंगे नौनिहाल
जून 2020 के अंत तक शहर के नौनिहाल को स्मार्ट स्कूल की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में चार स्मार्ट स्कूल बनने हैं। इनमें से जीएमएसएसएस-22 और जीएमएसएसएस-43 में 50 प्रतिशत से अधिक काम हो गया है। इनके अलावा सेक्टर-35 के हायर सेकेंडरी स्कूल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी काम चल रहा है। इन स्कूलों में सीबीएसई सिलेबस के अलावा थ्रीडी मॉडल पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।